Latest Updates
-
विटामिन K की कमी हो सकती है शरीर के लिए घातक, जानें इसके लक्षण और फूड सोर्स -
Steel Vs Glass Container: स्टील या ग्लास कंटेनर, किसमें खाना स्टोर करना है ज्यादा सुरक्षित? जानें एक्सपर्ट से -
सावन में जन्मे बेटे को दें भगवान शिव से जुड़े ये यूनिक नाम, यहां देखें अर्थ सहित 100+ मॉर्डन नामों की लिस्ट -
Lock Upp 2 Winner: 'लॉक अप 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, जानें रोडीज से ट्रॉफी तक का सफर और कितनी है नेट वर्थ -
Gujarat Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत, जानें इसके लक्षण और बचाव -
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय
कश्मीर की पहली मुस्लिम महिला पायलट इरम हबीब, जल्द भरेगी अपने सपनों की परवाज
एक तरफ कश्मीर की वादियों में जहां डर और आतंक का साया पसरा हुआ है, वहीं खौंफ की वादियों से निकलकर कश्मीर की 30 वर्षीय इरम अपने सपनों के आसमां में परवाज भरने को तैयार हैं। जम्मू-कश्मीर की रहने वाली इरम हबीब राज्य की पहली मुस्लिम कर्मशियल महिला पायलट बन गई हैं। इरम अगले महीने प्राइवेट एयरलाइन ज्वॉइन करेंगी।
इरम ने अपनी ग्रेजुएशन देहरादून से पूरी की, बाद में शेर ए कश्मीर यूनिवर्सिटी से उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट किया। उनके पिता एक बिजनेसमैन हैं, इरम का परिवार चाहता था कि वह पीचडी कर सरकारी नौकरी करें। लेकिन इरम ने अपने इस सपने को जीने के लिए हार नहीं मानी और लाख जतन कर घर वालों को इसके लिए राजी किया।

डेढ़ साल की पीएचडी छोड़ बनी पायलट
12वीं कक्षा से इरम पायलट बनने का सपना देख रही थी। उन्हें अपने माता पिता को अपनी बात मनवाने के लिए करीब छह साल के लंबे समय तक संघर्ष किया। इरम ने डेढ़ साल तक पीएचडी की, लेकिन बाद में इरम पीएचडी की पढ़ाई बीच में छोड़कर अमेरिकी फ्लाइट स्कूल में दाखिल लेकर पायलट की ट्रेनिंग लेने अमेरिका के मियामी शहर चली गई थीं। कभी पुलिस पर पत्थर फेंकने की वजह से आई थी चर्चा में, आज है J&K महिला फुटबॉल टीम की कैप्टन
260 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव
इसके बाद इरम ने वर्ष 2016 में अमेरिका के एक फ्लाइट स्कूल से प्रशिक्षण हासिल किया। इरम इस समय दिल्ली में हैं और व्यवसायिक पायलट बनने के लिए क्लासेज ले रही हैं। इरम ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में करीब 260 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया है। उन्हें अमेरिका और कनाडा में व्यावसायिक विमान उड़ाने का लाइसेंस मिल गया है।
प्रेरणा बनकर उभरी
इरम कहती हैं कि उनके रिश्तेदारों को अब तक ये यकीन नहीं है कि मैंने इसे अपना जॉब चुना है। इरम ने बहरीन और दुबई में एयरबस 320 में ट्रैनिंग ली हुई है। इस समय उन्हें हिंदुस्तान में दो कंपनियों से जॉब ऑफर हो चुकी है। इरम की यह सफलता कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेंगी। 1999 युद्ध की याद बन चुके इस शहर को, नया कारगिल बनाने में जुटे हैं ये यंगस्टर्स
ये कर चुकी हैं कमाल
इरम से पहले कश्मीरी पंडित समुदाय से आने वाली तन्वी रैना वर्ष 2016 में घाटी की पहली महिला पायलट बनी थीं। कश्मीर की 21 वर्षीय आयशा अजीज सबसे युवा स्टूडेंट पायलट बनीं थीं। कश्मीरी महिलाओं की ये सफलता बताती हैं कि कश्मीर की हवाओं का रुख बदल रहा है।



Click it and Unblock the Notifications