Latest Updates
-
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
कश्मीर की पहली मुस्लिम महिला पायलट इरम हबीब, जल्द भरेगी अपने सपनों की परवाज
एक तरफ कश्मीर की वादियों में जहां डर और आतंक का साया पसरा हुआ है, वहीं खौंफ की वादियों से निकलकर कश्मीर की 30 वर्षीय इरम अपने सपनों के आसमां में परवाज भरने को तैयार हैं। जम्मू-कश्मीर की रहने वाली इरम हबीब राज्य की पहली मुस्लिम कर्मशियल महिला पायलट बन गई हैं। इरम अगले महीने प्राइवेट एयरलाइन ज्वॉइन करेंगी।
इरम ने अपनी ग्रेजुएशन देहरादून से पूरी की, बाद में शेर ए कश्मीर यूनिवर्सिटी से उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट किया। उनके पिता एक बिजनेसमैन हैं, इरम का परिवार चाहता था कि वह पीचडी कर सरकारी नौकरी करें। लेकिन इरम ने अपने इस सपने को जीने के लिए हार नहीं मानी और लाख जतन कर घर वालों को इसके लिए राजी किया।

डेढ़ साल की पीएचडी छोड़ बनी पायलट
12वीं कक्षा से इरम पायलट बनने का सपना देख रही थी। उन्हें अपने माता पिता को अपनी बात मनवाने के लिए करीब छह साल के लंबे समय तक संघर्ष किया। इरम ने डेढ़ साल तक पीएचडी की, लेकिन बाद में इरम पीएचडी की पढ़ाई बीच में छोड़कर अमेरिकी फ्लाइट स्कूल में दाखिल लेकर पायलट की ट्रेनिंग लेने अमेरिका के मियामी शहर चली गई थीं। कभी पुलिस पर पत्थर फेंकने की वजह से आई थी चर्चा में, आज है J&K महिला फुटबॉल टीम की कैप्टन
260 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव
इसके बाद इरम ने वर्ष 2016 में अमेरिका के एक फ्लाइट स्कूल से प्रशिक्षण हासिल किया। इरम इस समय दिल्ली में हैं और व्यवसायिक पायलट बनने के लिए क्लासेज ले रही हैं। इरम ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में करीब 260 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया है। उन्हें अमेरिका और कनाडा में व्यावसायिक विमान उड़ाने का लाइसेंस मिल गया है।
प्रेरणा बनकर उभरी
इरम कहती हैं कि उनके रिश्तेदारों को अब तक ये यकीन नहीं है कि मैंने इसे अपना जॉब चुना है। इरम ने बहरीन और दुबई में एयरबस 320 में ट्रैनिंग ली हुई है। इस समय उन्हें हिंदुस्तान में दो कंपनियों से जॉब ऑफर हो चुकी है। इरम की यह सफलता कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेंगी। 1999 युद्ध की याद बन चुके इस शहर को, नया कारगिल बनाने में जुटे हैं ये यंगस्टर्स
ये कर चुकी हैं कमाल
इरम से पहले कश्मीरी पंडित समुदाय से आने वाली तन्वी रैना वर्ष 2016 में घाटी की पहली महिला पायलट बनी थीं। कश्मीर की 21 वर्षीय आयशा अजीज सबसे युवा स्टूडेंट पायलट बनीं थीं। कश्मीरी महिलाओं की ये सफलता बताती हैं कि कश्मीर की हवाओं का रुख बदल रहा है।



Click it and Unblock the Notifications
