लड़कियों के पेट में कोई बात क्यों नहीं पचती?

By Staff

ऐसा अक्‍सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि औरतों के पेट में कोई बात नहीं पचती है। वो कहीं न कहीं बात को उगल ही देती हैं। कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्‍यों होता है।

सबसे ज्‍यादा खतरा तो तब होता है जब आप उन्‍हे मना कर दें कि किसी को भी मत बताना, तब वो सबसे पहले बता देती हैं। वहीं पुरूष बातों को छिपाने में कुछ हद तक कामयाब हो जाते हैं।

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इसे लेकर कई कहानियां हैं कि औरतें बातें क्‍यों खुद तक नहीं रख पाती हैं। फिल्‍मों से लेकर सामाजिक जीवन में भी ये बात जोर-शोर से मशहूर है। आइए जानते हैं कि आखिर औरतें क्‍यूं अपने तक बात सीमित नहीं रख पाती हैं:

महिलाओं को यु‍धिष्ठिर का शाप:

महिलाओं को यु‍धिष्ठिर का शाप:

महाभारत में वर्णन किया गया है कि कुंती को पता था कि कर्ण उनका पुत्र है लेकिन उन्‍होने यह सत्‍य सभी से छुपाएं रखा। जब यह बात उनके पांडव पुत्रों को पता चली तो उनके ज्‍येष्‍ठ पुत्र युधिष्ठिर ने उन्‍हे शाप दे दिया, "आपने यह बात छुपाकर रखी, इसलिए मैं आपको शाप देता हूँ कि आज के बाद आप क्‍या दुनिया की कोई भी स्‍त्री अपने पेट में बात पचाकर नहीं रख पाएगी। वह सत्‍य को उगल ही देगी।"

जिज्ञासु स्वभाव:

जिज्ञासु स्वभाव:

महिलाओं में बच्‍चों की तरह जिज्ञासा होती है जो कभी शांत नहीं होती। उनसे कोई बात हज़म नहीं होती है और वह हर बात को जानने की इच्‍छा भी रखती हैं। ऐसा कहा जाता है कि महिलां सिर्फ 32 मिनट तक ही कोई रहस्‍य अपने तक सीमित रख सकती हैं। जबकि ये आदत पुरूषों में देखने को बहुत कम मिलती है।

अहंकार को बढ़ावा देना:

अहंकार को बढ़ावा देना:

कुछ औरतें हमेशा एक्‍सक्‍लूसिव देने के चक्‍कर में बातों को बता देती हैं और अपने अहंकार को बढावा देती हैं। वो समझती हैं कि इससे वो सुपरहिट हो जाती है और लोग उन्‍हे सबसे फॉरवर्ड मानते हैं।

ध्‍यान आकर्षित करने के लिये:

ध्‍यान आकर्षित करने के लिये:

महिलाओं को ध्‍यान आकर्षित करने की आदत होती है। वे हमेशा ध्‍यान खींचने की पुरजोर कोशिश करती हैं। ऐसे में उन्‍हे लगता है कि कुछ चटपटी बात बताकर वे लोगों को अपनी ओर एट्रेक्‍ट कर सकती हैं।

मानसिक बोझ:

मानसिक बोझ:

टुफ्ट यूनिवर्सिटी ने यह शोध किया तो उन्‍होने निष्‍कर्ष निकाला कि महिलाओं को किसी बात को छिपाने में मानसिक बोझ लगता है। उन्‍हे हर पल वो बात खटकती रहती है, किसी को बता देने पर वो हल्‍का महसूस करती हैं।

पुरूष भी कम नहीं:

पुरूष भी कम नहीं:

औरतें ही नहीं बलिक पुरूषों में भी ये गुण होता ही है लेकिन बस उन्‍हे एल्‍कोहल का पुशअप चाहिए होता है। एक बार शराब अंदर गई तो आदमी की अंदर की बातें बाहर आने लगती हैं क्‍योंकि उस दौरान वह बहुत इमोशनल हो जाता है।

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