Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
तस्वीरों में देखिए, हांगकांग में कैसे नरक की जिंदगी जीने को मजबूर है ये लोग
हांगकांग के आबादी के करीब कम आमदनी वाले 2 लाख लोगों को 88 हजार छोटे छोटे बॉक्स जैसे घरों में मजबूरन रहना पड़ रहा हैं।
द सोसायटी फॉर कम्यूनिटी ऑर्गेनाइजेशन (एसओसीओ ) के अनुसार चकाचौंध और लाइफस्टाइल के लिए मशहूर हांगकांग के आबादी के करीब कम आमदनी वाले 2 लाख लोगों को 88 हजार छोटे छोटे कॉफिन्स बॉक्स जैसे घरों में मजबूरन रहना पड़ रहा हैं।
हांगकांग में बढ़ती आबादी के साथ घरों व फ्लेट की कीमत आसमान को छूने लगी हैं। इसलिए कम आमदनी वाले लोगों को कॉफिन हाउस मे रहना पड़ रहा हैं। छोटे से इस कॉफिन जैसे बॉक्स में ही किचन, टॉयलेट और बेड आसपास ही लगे हुए हैं।
द सोसायटी फॉर कम्यूनिटी ऑर्गेनाइजेशन के एग्जिबिशन में लगाई गई तस्वीरों से साफ़ तौर पर ज़ाहिर हो गया कि इस देश के लोग किस तरह से ज़िन्दगी बिता रहे हैं. इन घरों की लंबाई किसी कॉफिन (मुर्दों को दफनाने के लिए उपयोग में लिया जाने वाला बॉक्स ) जितनी है और नहाना और खाना एक ही जगह पर होता है।
इन फोटोज के वायरल होते हीं यह मुद्दा अब बहस बन गया है। यूनाइटेड नेशन ने तो इन फोटोज को देख इसे ' मानव गरिमा का अपमान' कहा हैं। आइए देखते है इन तस्वीरों से यहां गुजर बसर करने वालों की स्थिति-

आवास संकट
हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव, लंग चुन यिंग ने इस आवास संकट को समाज के लिए "सबसे बड़ी संभावित खतरे" कहा है, क्योंकि शहर की केवल 7% जमीन आवास के लिए ज़ोन की गई है।

हाउसिंग स्कीम का फायदा नहीं मिलने के वजह से
पब्लिक हाउसिंग स्कीम का फ़ायदा न मिलने के कारण, हांगकांग के गरीब लोग ऐसे जीने के लिए मजबूर हैं।

180 डॉलर महीना किराया
इन कॉफिन हाउस का शुरुआती किराया 180 डॉलर महीना हैं।

4x6 का कॉफिन हाउस
करीब 2 लाख लोग इस समय हांगकांग शहर में इन कॉफिन्स हाउस में रहने के लिए मजबूर है। इन घरों का लम्बाई और चौड़ाई 4x6 है।

हवा भी कहां से आएंगी?
सबसे ज़्यादा दिक्कत सांस लेने में होती है, आप खुली हवा में सांस ही नहीं ले सकते।

इसलिए कहते हैं कॉफिन हाउस
इन बॉक्स को देखकर लगता हैं कि जैसे इसमें ज़िन्दा इंसान रह रहे हैं, इससे बड़ी कब्रे होती हैं। इसलिए इन्हें कॉफिन हाउस कहा जाता हैं।

देखकर उल्टी ही आ जाएं
इस फोटो को देखकर घिन ही आ जाएं, सोचिए कैसे यह लोग यहां जिंदगी काट रहें हैं।

लकड़ी के बॉक्स
इस छोटे से लकड़ी के बॉक्स जैसे 15 स्क्वायर फीट जैसे घरों को मीडिया ने कॉफिन होम कहा हैं।

लकड़ी के बॉक्स
इस छोटे से लकड़ी के बॉक्स जैसे 15 स्क्वायर फीट जैसे घरों को मीडिया ने कॉफिन होम कहा हैं।

मजबूरी में रह रहें है
इन कॉफिन्स होम में वो लोग रहे हैं जिनकी आमदनी बेहद कम हैं।

सफाई की चिंता
इन घरों में स्पेस कम होने की वजह से बहुत गंदगी फैल जाती है जिस वजह से संक्रमण की चिंता बनी रहती हैं।

गरीबी की वजह से
हांगकांग में गरीबी के वजह से कई हजारों बच्चें को यह नरक जैसी जिंदगी बितानी पड़ रही हैं।

नरक जैसे हालात
फोटोज में देखिए जहां किचन हैं, वहीं बाथरुम बने हुएं है कैसे ये लोग नरक जैसी जिंदगी जी रहे हैं।

बाहर से देखिएं
इन कॉफिन्स होम की बिल्डिंग का बाहर का दृश्य



Click it and Unblock the Notifications
