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मां का दिल टूट गया जब बच्चा हुआ भालू जैसा
आपको सुनकर थोड़ा आश्चर्य हुआ होगा कि ये जीन कैसा होता है। दरअसल, इस जीन में पूरे शरीर पर बालों का विकास, मानवीय रूप से नहीं होता है बल्कि शरीर में भेडि़ये की तरह बाल होते हैं।
जब मनीषा संभाजी राउत, मां बनने वाली थी तो उनके मन में हर गर्भवती महिला की तरह हजारों उमंगें और सपने थे, वो भी अपने बच्चे को लेकर ख़्याल बुनने लगी थीं। उनका पूरा परिवार, आस लगाये बैठा था कि बच्चा कैसा होगा, किस पर जाएगा आदि।
लेकिन जब मनीषा की कोख़ में बच्चे का सुख आया तो उसने पाया कि उसने अपनी संतान को विरासत में अपने वेयरवोल्फ जीन को ही दे दिया।
आपको सुनकर थोड़ा आश्चर्य हुआ होगा कि ये जीन कैसा होता है। दरअसल, इस जीन में पूरे शरीर पर बालों का विकास, मानवीय रूप से नहीं होता है बल्कि शरीर में भेडि़ये की तरह बाल होते हैं और ऐसा शरीर में हर अंग में होता है। आइए जानते हैं मनीषा अौर उसके बेबी की पूरी कहानी:

बेबी को मिला अपनी मां से ये जीन
दरअसल, मनीषा भी इसी वेयरवोल्फ जीन से ग्रसित हैं। यहां तक कि उनके मायके पक्ष में उनकी बहन को भी यही बीमारी थी। हालांकि, इस बीमारी से कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन शरीर पर अनचाहे बालों की तादाद भयानक होती है। ऐसे में इस बच्चे को अपनी मां से ये जीन ट्रांसफर हो गया।

मनीषा और मनीषा की बहन
आपको जैसा कि पहले ही बता दिया है मनीषा और उसकी सगी बहन को भी इसी तरह की बीमारी थी लेकिन उन दोनों के अलावा किसी अन्य को उनके परिवार में ये समस्या नहीं थी।

कोई इलाज नहीं
इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। मनीषा और उसकी बहन, अपने शरीर पर बालों को हेयर रिमूवल क्रीम से हटाती हैं। इसके लिए उन्हें काफी समय और क्रीम लग जाती है।

तानों में गुजर गया सारा जीवन
मनीषा और उसकी बहन जब छोटे थे तो उन्हें हमेशा भालू, बंदर, भूत आदि कहकर चिढ़ाया जाता था। इसे लेकर मनीषा चिंतित हैं कि कहीं उनके बच्चे को भी इसी तरह परेशान न किया जाएं। इसे लेकर वो सोच रही हैं कि बच्चे को पूरा प्रोटेक्टिव माहौल दिया जाएं ताकि वो सामान्य बच्चे की तरह ही अपना जीवन बिता पाएं।

दुख और तानों ने नहीं छोड़ा साथ
मां बनने से मनीषा बहुत खुश हैं और अपने एहसास को व्यक्त भी करती हैं। लेकिन उनका दुख तब उभर आता है जब ससुरालजनों का पक्ष वह रखती हैं। मनीषा का कहना है कि उनका सासू मां, बच्चे के जन्म से खुश हैं लेकिन जब उन्होंने उसके शरीर पर भयानक बालों को देखा तो वह विचलित हो गईं और कहने लगी कि ये कुरूप बच्चा है। इस पर मनीषा का कहना है बच्चा तो बच्चा है वह जैसा भी हो।
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