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दुलर्भ आनुवांशिक बीमारी होने के बाद भी इस मॉडल ने बनाई भीड़ में एक अलग पहचान
इस मॉडल का नाम मेलानी गेडोस है और ये जन्म से ही एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी जिसका नाम एक्टोडर्मल डिस्लाससिया से पीडित हैं आइए जानते है इसकी काहानी के बारे में।
जीवन में सफलता पाने के लिए कई तरह की कठिनाइयों और मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। सफलता एक ऐसा नशा है जो आपसे आपका सब कुछ लेकर आपको सब कुछ दे देता है। अगर आप अपनी कमज़ोरियों को पहचानकर उन्हें दूर कर लें तो निश्चित ही सफलता आपके हाथ आ ही जाती है।
आज हम आपको दुर्लभ आनुवांशिक विकार से ग्रस्त एक मॉडल की कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। इस मॉडल का नाम मेलानी गेडोस है और ये जन्म से ही एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी जिसका नाम एक्टोडर्मल डिस्लाससिया से पीडित हैं।
अपनी इस कमी के बावजूद भी मेलानी ने कभी हार नहीं मानी और आज इसी का परिणाम है कि उनका नाम फैशन इंडस्ट्री में चमक रहा है।
आप भी जानें कि किस तरह मेलानी ने अपनी इस शारीरिक कमज़ोरी को अपनी ताकत बनाया और कैसे आज इस मुकाम तक पहुंची हैं। एक समय पर मेलानी शारीरिक रूप से विषम थी लेकिन आज वो फैशन इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर हैं।

जन्म से ही है ये बीमारी
मेलानी गेडोस को जन्म से ही ये जेनेटिक विकार है। उन्हें एक्टोडर्मल डिस्लासिया नामक बीमारी है। इस अवस्था में व्यक्ति को दांतों, रोमछिद्रों, नाखून और यहां तक कि छोटी हड्डियों के विकास में भी दिक्कत आती है। मेलानी के सिर पर जन्म से ही बाल नहीं है और ना ही उनके दांत के हैं।

आसान नहीं थी राह
फैशन इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना पाना मेलानी के लिए आसान नहीं था। उन्हें हर कदम पर लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। दांत न होने पर डेंटल इंप्लांट्स के लिए मना करने पर मेलानी को लोगों की तीखी बातें भी सुननी पड़ती थी। हालांकि इन सब चीज़ों ने मेलानी को और भी ज्यादा मज़बूत ही किया है।

ब्वॉयफ्रेंड ने मॉडल बनने के लिए किया प्रेरित
मेलानी का कहना है कि उनके ब्वॉयफ्रेंड ने उनमें आत्मविश्वा स जगाया और उन्हें इस बात का अहसास दिलाया कि ऐसी लुक वाली वो इकलौती इंसान हैं और यही उनकी ताकत भी है। अपने ब्वॉयफ्रेंड की इसी सलाह की वजह से मेलानी आज यहां तक पहुंच पाईं हैं।

भीड़ में बनाई पहचान
मेलानी एक मॉडल हैं और उनका अनोखा रूप उन्हें भीड़ में भी अलग दिखाता है। दांत न होने की वजह से मेलानी को डेंटल इंप्लांट के लिए बोला जाता था लेकिन मेलानी ने कभी ऐसा नहीं किया। उनका कहना है कि डेंटल इंप्लांंट में वह काफी असहज महसूस करती हैं।

ये बीमारी भी है
मेलानी को बाइलेट्रल क्लेफ्ट पाइलेट और एलोपेशिया की बीमारी भी है। इस बीमारी में इंसान के प्राकृतिक रूप से बाल आने की प्रक्रिया रूक जाती है। 8 महीने तक मेलानी से आर्टिफिशियल दांतों का भी इस्तेमाल किया लेकिन जब उन्हें ये असहज लगे तो उन्होंने इसे निकलवा दिया।

नहीं मानी हार
हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में मेलानी ने कहा था कि ‘मैं जैसी हूं, वैसी ही खुश हूं और इसी तरह मैं खुद से संतुष्ट भी हूं, मुझे खुद में कोई बदलाव नहीं चाहिए'। हो सकता है कि लोग मुझे अधूरा समझें लेकिन ऐसा सिर्फ इसलिए है क्योंकि उनके पास दांत हैं और मेरे पास नहीं। वो लोग सोचते हैं कि दांतों के बना लाइफ अधूरी है लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचती। मैं कभी भी अपने दांतों के न होने पर बुरा या अफसोस महसूस नहीं करती क्योंंकि वो मेरे पास कभी थे ही नहीं।

पने काम से बनाई पहचान
मेलानी आगे कहती हैं कि ‘मैं जो भी हूं, जैसी भी हूं, मुझे खुद पर पूरा भरोसा है'। बाल न होने पर मैंने विग पहनना जरूरी नहीं समझा और ऐसे ही मैंने मॉडलिंग की शुरुआत की। मॉडलिंग के करियर के दौरान ही मैंने अपनी पहचान को समझा और जाना कि मैं कैसी और क्यों हूं। अब मैं पहले से ज्यादा सहज महसूस करती हूं। अब तक मेरे रास्ते में जितनी भी मुसीबतें आईं हैं उन सभी ने मुझे पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी, मज़बूत और खुद को लेकर संतुष्ट बनाया है।
मेलानी की ये कहानी वाकई काफी प्रेरित करती है। ऐसे लोगों के जज्बे और हिम्मत से ही हमें पता चलता है कि हमे अपने भीतर छिपे डर को दूर कर अपनी पहचान बनानी चाहिए। मेलानी की इस कहानी से सभी को काफी प्रेरणा और प्रोत्साहन मिलता है। अपनी राय नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।



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