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टॉयलेट: एक सास-बहू की प्रेम कथा
एक 80 साल की बहू ने अपनी 102 साल की सास के लिए बकरियां बेच कर शौचायल बनाया ताकि उसकी सास को तकलीफ न हो। बहू ने अपनी बुजुर्ग सास के लिए टॉयलेट बनवाया, लेकिन इसके लिए उसे अपनी 6 बकरियां बेचनी पड़ी।
जहां सोच वहां शौचालय.. आजकल टीवी में इसी विषय पर अक्षय कुमार और भूमि पंडेकर की फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेमकथा' के प्रोमो बहुत जोर शोर से दिखाएं जा रहे हैं। जहां एक पति अपनी पत्नी के लिए गांव में शौचालय बनाने की लड़ाई को दिखाया गया है। लेकिन असल जिंदगी में उत्तर प्रदेश के कानपुर के अनंतापुर में सास-बहू की अनोखी मिसाल देखने को मिली है।
यहां एक 80 साल की बहू ने अपनी 102 साल की सास के लिए बकरियां बेच कर शौचायल बनाया ताकि उसकी सास को तकलीफ न हो। बहू ने अपनी बुजुर्ग सास के लिए टॉयलेट बनवाया, लेकिन इसके लिए उसे अपनी 6 बकरियां बेचनी पड़ी।
सास की सुविधा के लिए
सास को शौचालय जाने में तकलीफ न हो इसलिए उसकी बहू ने परिवार की जीविका का साधन को बेचकर शौचायल बनवाया। दरअसल 80 वर्षीय चंदना की 102 वर्षीय सास की पांव की हड्डी टूट गई, जिसकी वजह से वो चल फिर नहीं सकती थी। सांस की तकलीफों को देखकर चंंदना ने शौचायल बनाने के फैसला किया, लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से उसे अपनी बकरियां बेचने पड़ी।
जब प्रशासन ने भी नहीं की मदद
चंदना के बेटे राम प्रकाश ने जिला प्रशासन से मदद की मांग की और सरपंच से घर में टॉयलेट बनवाने को कहा, मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद चंदना ने ठान लिया कि वो अपनी सास के लिए घर पर ही शौचालय बनवाएगी। आर्थिक रूप से बेहद कमज़ोर होने के कारण चंदना ने समाज के लिए एक मिसाल खड़ी की है.

प्रधानमंत्री की मुहिम
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2 अक्टूबर 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त कराने का फैसला किया है। इस अभियान के लिए देशभर में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार भी मदद कर रही हैं, लेकिन कुछ लोग स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर अपनी जरूरत की चीजों को बेचकर भी शौचालय बनवा रहे हैं।



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