Latest Updates
-
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
टॉयलेट: एक सास-बहू की प्रेम कथा
एक 80 साल की बहू ने अपनी 102 साल की सास के लिए बकरियां बेच कर शौचायल बनाया ताकि उसकी सास को तकलीफ न हो। बहू ने अपनी बुजुर्ग सास के लिए टॉयलेट बनवाया, लेकिन इसके लिए उसे अपनी 6 बकरियां बेचनी पड़ी।
जहां सोच वहां शौचालय.. आजकल टीवी में इसी विषय पर अक्षय कुमार और भूमि पंडेकर की फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेमकथा' के प्रोमो बहुत जोर शोर से दिखाएं जा रहे हैं। जहां एक पति अपनी पत्नी के लिए गांव में शौचालय बनाने की लड़ाई को दिखाया गया है। लेकिन असल जिंदगी में उत्तर प्रदेश के कानपुर के अनंतापुर में सास-बहू की अनोखी मिसाल देखने को मिली है।
यहां एक 80 साल की बहू ने अपनी 102 साल की सास के लिए बकरियां बेच कर शौचायल बनाया ताकि उसकी सास को तकलीफ न हो। बहू ने अपनी बुजुर्ग सास के लिए टॉयलेट बनवाया, लेकिन इसके लिए उसे अपनी 6 बकरियां बेचनी पड़ी।
सास की सुविधा के लिए
सास को शौचालय जाने में तकलीफ न हो इसलिए उसकी बहू ने परिवार की जीविका का साधन को बेचकर शौचायल बनवाया। दरअसल 80 वर्षीय चंदना की 102 वर्षीय सास की पांव की हड्डी टूट गई, जिसकी वजह से वो चल फिर नहीं सकती थी। सांस की तकलीफों को देखकर चंंदना ने शौचायल बनाने के फैसला किया, लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से उसे अपनी बकरियां बेचने पड़ी।
जब प्रशासन ने भी नहीं की मदद
चंदना के बेटे राम प्रकाश ने जिला प्रशासन से मदद की मांग की और सरपंच से घर में टॉयलेट बनवाने को कहा, मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद चंदना ने ठान लिया कि वो अपनी सास के लिए घर पर ही शौचालय बनवाएगी। आर्थिक रूप से बेहद कमज़ोर होने के कारण चंदना ने समाज के लिए एक मिसाल खड़ी की है.

प्रधानमंत्री की मुहिम
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2 अक्टूबर 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त कराने का फैसला किया है। इस अभियान के लिए देशभर में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार भी मदद कर रही हैं, लेकिन कुछ लोग स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर अपनी जरूरत की चीजों को बेचकर भी शौचालय बनवा रहे हैं।



Click it and Unblock the Notifications