इस मॉल ने लगाई है ब्रेस्‍टफीडिंग वाली मैनीक्‍वींस ताकि पब्लिक में स्‍तनपान से नहीं शर्माएं महिलाएं

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ब्रेस्‍ट फीडिंग दुनिया की सबसे नेचुरल प्रक्रिया में से एक है। बावजूद इसके कई महिलाएं पब्लिक में अपने नवजात बच्‍चें को ब्रेस्‍ट फीडिंग करवाने से कतराती है। इसकी पीछे वज‍ह है लोगों की मानसिकता की। लोग आज भी महिलाओं के स्‍तनों और निपल्‍लस को सेक्‍स सिंबल के तौर पर ही जोड़कर देखते है। 

लोगों की इसी मानसिकता को बदलने और ब्रेस्‍ट फीडिंग को सार्वजानिक तौर पर सर्पोट करने के लिए कोल‍म्बियां के एक मॉल में हर शॉप पर

ब्रेस्‍ट फीडिंग करवाती हुई मैनीक्‍वीन्‍स यानी पुतला लगवाया गया है।

ताकि महिलाएं पब्लिक में ब्रेस्‍ट फीडिंग करने से ना शर्माएं और पब्लिक भी सार्वजनिक जगहों पर ब्रेस्‍टफीडिंग को लेकर सहज हो जाए। आइए जानते इस मैनीक्‍वीन्‍स कॉन्‍सेप्‍ट के बारे में।

यहां लगी है ये मूर्तियां

कोलाम्बियां के बोगोटा के सेंटर मेयर मॉल के कई शॉप पर ब्रेस्‍ट फीडिंग करवाती हुई मूतियां लगाई गई है। जिसमें महिलाओं की बनी मूर्ति शर्ट के दो बटन खोलकर बच्‍चें को दूध पिला रही है। इन म‍ूर्तियों को देखकर महिलाएं इससे काफी इन्‍स्‍पायर होती भी नजर आ रही है। यह कदम लोगों में ब्रेस्ट फीडिंग को लेकर मानसिकता बदलने के लिए उठाया गया है।

ब्रेस्‍टफीडिंग के कैम्‍पेंन का हिस्‍सा

दरअसल ये मूर्तियां एक Amigos de la Lactancia के ब्रेनचाइल्‍ड ब्रेस्‍टफीडिंग कैंपेन के तहत लगाई गई है। इस कैम्‍पेन का मकसद सार्वजनिक जगहों पर ब्रेस्‍ट फीडिंग को लेकर बढ़ावा देना है। ताकि महिलाएं बच्‍चों को ब्रेस्‍टफीडिंग करवाने में शर्म महसूस न करें।

सेंटर ऑफ अट्रेक्‍शन बनी ये मूर्तियां

इस मॉल में आने जाने वाले लोग हर विजिटर्स के लिए ये मैनीक्‍वीन्‍स सेंटर ऑफ अट्रेक्‍शन बनी हुई है। जिनकी भी नजर इस पर पड़ती है वो इसे निहारता जरुर है। खासकर ब्रेस्‍ट फीडिंग करवाने वाली महिलाओं को इससे काफी मनोबल मिल रहा है।

81 प्रतिशत महिलाएं स्‍तनपान करवाती है

यूनिसेफ के अनुसार कॉलोम्बिया में मां का दूध पीने वाले न्‍यू बोर्न बेबी की संख्‍यां 49 प्रतिशत है वहीं यूएस में मां के दूध से आहार लेने वाले बच्‍चों की तादाद 81 प्रतिशत है।

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    English summary

    This Shopping Mall Introduced Breastfeeding Mannequins

    It's all part of an initiative to change attitudes about nursing in public.
    भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
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