81 साल की उम्र में जरीन खान का कार्डियक अरेस्ट से निधन, जानें बेटे-बेटी के अलावा कितना बड़ा है परिवार

Zarine khan Family Tree: साल 2025 जाते-जाते आंखें नम कर रहा है। अब देखिए न मनोरंजन जगत से एक के बाद एक दुखद खबरें आ रही हैं। पहले सुलक्षणा पंडित की मौत की खबर, फिर केजीएफ एक्टर हरीश रॉय का निधन और अब ऋतिक रोशन की एक्स सासु मां और संजय खान की पत्नी के निधन की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। सुजैन खान की मां जरीन ने 81 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है।

अभी सुलक्षणा पंडित की मौत की खबर के गम से निकले भी नहीं थे कि जरीन के जाने की न्यूज से इंडस्ट्री में मातम पसर गया है।

कब हुआ निधन

जरीन खान का निधन 7 नवंबर 2025, दिन शुक्रवार को हुआ है। बताया जा रहा है कि जरीन लंबे समय से बीमार थीं और उनका इलाज चल रहा था। जरीन को बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियां थीं। हालांकि परिवार की ओर से बहुत ध्यान रखा जा रहा था लेकिन आज जरीन जिंदगी और मौत के बीच की जंग हार गईं और दुनिया को अलविदा कह गईं।

Zarine Khan passes away

जरीन के परिवार में कौन-कौन

जरीन खान की फैमिली और पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने साल 1966 में एक्टर और निर्देशक संजय खान से शादी की थी। जरीन अपने पीछे अपने पति संजय खान, और 4 बच्चों सुजैन खान, जायद खान, सिमोन अरोड़ा और फराह अली खान को छोड़ गई हैं। जरीन की मौत से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है।

कैसे हुई जरीन खान की मौत

जरीन खान की मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इसी बीच लोग जानना चाहते हैं कि आखिर उन्हें हुआ क्या था। विरल भयानी की पोस्ट के अनुसार, जरीन खान उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और खबरें ये भी आ रही हैं कि उन्हें अचानक के कार्डियक अरेस्ट आया था। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

बढ़ती उम्र में कार्डियक अरेस्ट के प्रमुख कारण (Causes of Cardiac Arrest in Old Age)

उम्र बढ़ने के साथ हृदय की मांसपेशियां लचीली नहीं रहतीं, जिससे ब्लड पंप करने की क्षमता कम हो जाती है।

कोलेस्ट्रॉल और फैट के जमाव से धमनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे हृदय को ऑक्सीजन की कमी होती है और अचानक अरेस्ट हो सकता है।

लगातार हाई BP और डायबिटीज हृदय की नसों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे हार्ट फेलियर या अरेस्ट का रिस्क बढ़ता है।

बढ़ती उम्र में दिल की धड़कनें असामान्य हो सकती हैं, जिससे अचानक हृदय रुकने की स्थिति बनती है।

जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक हुआ हो, उनमें कार्डियक अरेस्ट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

धूम्रपान, जंक फूड, कम एक्सरसाइज और तनाव जैसी आदतें उम्र के साथ हार्ट को कमजोर करती हैं।

कुछ पुरानी बीमारियों की दवाएं (जैसे बीपी या थायरॉयड की) दिल की रिदम पर असर डाल सकती हैं।

लंबे समय तक मानसिक तनाव और अनिद्रा भी हृदय की कार्यक्षमता को कमजोर करते हैं।

अधिक वजन से हृदय पर दबाव बढ़ता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का जोखिम बढ़ जाता है।

अगर परिवार में किसी को हृदय संबंधी बीमारी रही हो, तो उम्र बढ़ने पर यह रिस्क और ज्यादा बढ़ जाता है।

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