बच्‍चों पर चॉकलेट का प्रभाव : पैरेंटस के लिए टिप्‍स

By Aditi Pathak

हम सभी को चॉकलेट बहुत अच्‍छी लगती है। बच्‍चों को भी चॉकलेट बहुत अच्‍छी लगती है लेकिन उनके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए चॉकलेट को नुकसानदायक माना जाता है। परन्‍तु अगर चॉकलेट को सही तरीके से खाया जाएं तो वह लाभ भी प्रदान करती है। कई अध्‍ययनों से यह साफ हो चुका है कि डार्क चॉकलेट और कोकोआ के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते है। इसका मतलब साफ है कि चॉकलेट, बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए पॉजिटव इफेक्‍ट भी देता है।

लेकिन सामान्‍य तौर पर हम बच्‍चों को चॉकलेट खिलाने से बचते है ताकि उसकी हेल्‍थ पर कोई असर न पड़े। चॉकलेट खाने से कई बार बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य पर विपरीत प्रभाव भी पड़ता है क्‍योंकि बच्‍चे अच्‍छा - बुरा नहीं समझते है और उन्‍हे जो अच्‍छा लगता है वह उसे खूब खाते है। इससे उन्‍हे दांतों में दर्द, कीड़ा लगना आदि समस्‍याएं हो जाती हैं। चॉकलेट के हेल्‍थ पर होने वाले प्रभाव निम्‍म प्रकार है :

आपने बच्‍चे को जरुर खिलाएं ये डेयरी उत्पाद

Effects Of Chocolates On Toddlers: Guide For Parents

मोटापा : आजकल आप बच्‍चों को आमतौर पर काफी ज्‍यादा मोटा देख सकते है। मोटापा बढ़ने की खास वजह बच्‍चों को मनमाने ढंग से खाना होता है। बच्‍चों की खाने की गंदी आदतों में चॉकलेट भी शामिल है। चॉकलेट को एक लिमिट से ज्‍यादा खाने पर मोटापा बढ़ता है और शरीर फूल जाता है।

टाइप 2 डायबटीज : टाइप 2 डायबटीज सिर्फ बड़े लोगों को ही नहीं होती बल्कि छोटे बच्‍चों को भी होती है। जो बच्‍चे ज्‍यादा चॉकलेट खाते है उन्‍हे टाइप 2 डायबटीज होने का खतरा काफी ज्‍यादा रहता है क्‍योंकि चॉकलेट खाने से उनके शरीर की इंसुलिन पर प्रभाव पड़ता है।

हाइपरएक्टिविटी : चॉकलेट में रिफाइन्‍ड सुगर होती है जो ब्‍लड़ स्‍ट्रीम में घुस जाती है और इससे ब्‍लड़ सुगर लेवल बढ़ जाता है। इससे शरीर में एड्रेलीन हारमोन्‍स की उत्‍पादकता बढ़ती है और बच्‍चा हाइपरएक्टिव हो जाता है।

लत लगना : अगर आपका बच्‍चा नियमित रूप से चॉकलेट का सेवन करता है तो उसे इसकी लत लग सकती है और न मिलने पर उसे बैचेनी के साथ - साथ कई अन्‍य दिक्‍कतें हो सकती है। इसलिए, जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे पर निगाह रखें कि वह एक हद से ज्‍यादा चॉकलेट आदि का सेवन न करें।

एलर्जी : चॉकलेट में कई ऐसी अन्‍य चीजें पड़ी होती है जो बच्‍चों में एलर्जी पैदा कर देती है। अगर आपके बच्‍चे को कुछ स्‍पेशल फूड से एलर्जी है तो चॉकलेट खिलाने से पहले उसके इंग्रीयेंटेस पर ध्‍यान दें वरना उसे दिक्‍कत हो सकती है।

पेशाब बढ़ना : एक मिल्‍क चॉकलेट में 5 मिग्रा. कैफीन होती है जिसके शरीर में पहुंचने पर बच्‍चे को पेशाब ज्‍यादा लगती है। कई बार तो बच्‍चों को हर दस मिनट में पेशाब जाना पड़ता है। अगर ऐसा है तो बच्‍चे को मिल्‍क चॉकलेट कतई न दें।

हेल्‍दी फूड अच्‍छा न लगना : जब बच्‍चे चॉकलेट खाने के आदी हो जाते है तो उन्‍हे हेल्‍दी फूड अच्‍छा नहीं लगता है और वह हर बार भूख लगने पर चॉकलेट खाने की ही मांग करते हैं। इससे उनके स्‍वास्‍थ्‍य में लगातार गिरावट आती है और उनके शरीर का विकास रूक जाता है।

नींद न आना : जो बच्‍चे चॉकलेट ज्‍यादा खाते है उन्‍हे अच्‍छी नींद नहीं आती है क्‍योंकि उसमें मिली हुई कैफीन की मात्रा उनकी नींद भगा देती है।

अब आपको पता है कि बच्‍चों को चॉकलेट खाने से क्‍या - क्‍या नुकसान हो सकता है तो अपने बच्‍चे पर ध्‍यान दीजिए और उन्‍हे कम और कभी - कभार चॉकलेट खिलाएं। इससे उनहे स्‍वाद भी मिलेगा और चॉकलेट के थोड़े बहुत लाभ भी मिलेगे।

Story first published: Wednesday, January 22, 2014, 20:01 [IST]
Desktop Bottom Promotion