Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
गर्भावस्था के दौरान मूत्राशय संक्रमण : कारण, लक्षण और घरेलू उपचार
कई महिलाओं को मूत्रमार्ग में संक्रमण होना आम बात है। गर्भावस्था के दौरान ये समस्या होना सामान्य बात है। जब महिलाओं के गर्भ में बच्चा आ जाता है तो उनके शरीर में काफी परिवर्तन होते है। ऐसे ही कुछ परिवर्तन मूत्राशय में भी होते है। गर्भावस्था के दौरान महिला का मूत्राशय काफी बढ़ता है क्योंकि ब्लेडर पर बच्चे के आने से दबाव पड़ता है। इससे महिला को बार-बार पेशाब आती है और कई बार संक्रमण भी हो जाता है। अगर आप शुरूआत में ही इस संक्रमण का उपचार नहीं करती है तो आपकी किडनी भी इससे प्रभावित हो सकती है। पानी कम पीने से महिलाओं को हो सकता है मूत्राशय में संक्रमण
गर्भावस्था के दौरान मूत्रमार्ग में होने वाले संक्रमण का कारण
- पेट में ऐंठन लगने पर मल त्याग के बाद योनि का बार-बार साफ करना।
- शारीरिक सम्पर्क
- गर्भावस्था के कारण बच्चेदानी के आकार का बढ़ना जिससे मूत्राशय आंशिक रूप से बंद हो जाता है।
- कैथेटर के कारण

गर्भावस्था के दौरान मूत्रमार्ग में होने वाले संक्रमण के लक्षण निम्न प्रकार हैं:
1. पेशाब करने के दौरान जलन होना।
2. पेशाब करने के दौरान असहज होना और दिक्कत भी होना।
3. गाढ़ी पेशाब
4. अजीब सी बदबू के साथ पेशाब का आना।
5. बार-बार पेशाब का आना।
6. हमेशा ऐसा लगना जैसे पेशाब आई हो।
7. पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
मूत्राशय संक्रमण के लक्षण : अगर मूत्रमार्ग के साथ-साथ मूत्राशय में भी संक्रमण फैल गया हो तो इसके लक्षण निम्न प्रकार होगें:
- पेशाब करने में दिक्कत
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब के दौरान दर्द
- अजीब सी बदबू आना
हनीमून साईटिसीस के लक्षण
आपका हनीमून, पूरी तरह कुछ शारीरिक स्थितियों की वजह से बर्बाद हो सकता है। सेक्सुअल एक्टीविटी में, कई बार बैक्टीरिया फीमेल के शरीर में घुस जाते है। कुछ महिलाओं को कोई प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन कुछ महिलाओं को इंफेक्शन हो जाता है। यह समस्या उन महिलाओं में सबसे ज्यादा देखी गई है जो गर्भनिरोध की प्रक्रिया में डायफ्राग्म का इस्तेमाल करती हैं। हनीमून पर कैसे बचे प्रेगनेंसी से
किडनी में संक्रमण होने के लक्षण : उल्टी, बुखार, ठंड लगना, दर्द और कमर में दर्द, मतली आना।
मूत्रमार्ग संक्रमण दूर करने के घरेलू उपाय :
ब्लू बेरी - ब्लूबेरी से बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को खत्म करना काफी आसान होता है। एक शोध के अनुसार, ब्लू बेरी का जूस निकालकर पीने से मूत्रमार्ग में होने वाला संक्रमण सही हो सकता है। इसे हर दिन सुबह एक ग्लास पीना चाहिए।
अनानास - अनानास में काफी भारी मात्रा में एंटीबायोटिक होते है। इसमें ब्रोमेलिन नामक एंटीबायोटिक होता है जो मूत्राशय में भी होने वाले संक्रमण को दूर कर देता है। इसका जूस सबसे ज्यादा लाभप्रद होता है।
विटामिन सी - डॉक्टर हमेशा कहते है कि अगर आप गर्भवती है तो दिन में कम से कम 5000 मिग्रा. विटामिन सी अवश्य लें। इससे मूत्राशय में होने वाला संक्रमण दूर हो जाएगा और शरीर को शक्ति भी मिलेगी। विटामिन सी से मूत्राशय भी मजबूत होता है।



Click it and Unblock the Notifications
