क्‍या आप प्रेगनेंट नहीं हो पा रही हैं: जानें एक्‍सर्ट की राय

By Super

आपने अक्‍सर देखा होगा कि आधुनिक महिलाओं को गर्भधारण करने में कई समस्‍याएं होती है। ऐसा कई कारणों से होता है। अगर महिला, सही समय पर अपना इलाज करवाती है तो उसे इस समस्‍या से छुटकारा मिल सकता है और जल्‍द ही उसे मातृत्‍व का सुख प्राप्‍त हो सकता है।

हालांकि, इस बारे में एक्‍सपर्ट का मानना है कि वातावरणीय, मानसिक और शारीरिक अस्‍वस्‍थता भी इस मामले में अह्म भूमिका निभाती है। जो विवाहित जोड़े हर समय तनावग्रस्‍त रहते हैं और उनके आपसी सम्‍बंध भी बहुत मधुर नहीं है, उनमें ऐसी समस्‍या होती है।

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इसके अलावा, जो महिलाएं वर्किंग होती हैं और उनका बाहर निकलना, उठना-बैठना ज्‍यादा होता है, वो कई प्रकार की आदतों को भी पाल लेती हैं जैसे- सारा दिन चाय पीना, कॉफी पीना, सिगरेट पीना या शराब का सेवन करना। ऐसी आदतों से गर्भधारण करने में कई दिक्‍कतें होती हैं।

ऐसा नहीं कि सिर्फ महिलाओं के ऐसा करने से ही दिक्‍कत होती है बल्कि यदि पुरूष भी ऐसा करते हैं तो उनकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। इससे उनके स्‍पर्म काउंट कम हो सकते हैं और महिला में कोई दोष न होने पर भी निषेचन की प्रक्रिया संभव नहीं हो सकती है।

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लेकिन हम इस आर्टिकल में आपको बता रहे हैं कि आधुनिक महिलाओं को गर्भधारण करने में क्‍यूं दिक्‍कत होती है। इसके निम्‍नलिखित कारण हो सकते हैं:

 1. बुरी आदतें लग जाना:

1. बुरी आदतें लग जाना:

अगर महिला को शराब और सिगरेट पीने की लत है या वह ड्रग्‍स लेती है तो इसका सीधा असर उसकी प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। यही कारण है कि इन आदतों वाली महिलाओं को गर्भधारण करने में समस्‍या होती है।

2. स्‍तनपान:

2. स्‍तनपान:

यदि कोई महिला किसी बच्‍चे को स्‍तनपान करवाती है तो उसे गर्भधारण करना मुश्किल होता है क्‍योंकि ओव्‍यूलेशन की प्रक्रिया पर इसका प्रभाव रहता है।

 3. बहुत ज्‍यादा व्‍यायाम करना:

3. बहुत ज्‍यादा व्‍यायाम करना:

एक अध्‍ययन से पता चला है कि जो महिला, सप्‍ताह में कम से कम 5 घंटे वर्कआउट करती हैं उनमें आसानी से गर्भधारण करना थोड़ा मुश्किल होता है।

4. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन:

4. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन:

अगर कोई महिला लम्‍बे समय से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती आ रही हो और अब उसे संतान चाहिए, तो तुरंत गर्भधारण करना मुश्किल होता है। इसमें कुछ समय लगता है। क्‍योंकि ये गोलियों हारमोन्‍स को परिवर्तित कर देती हैं।

5. थॉयराइड:

5. थॉयराइड:

अगर किसी महिला को थॉयराइड की समस्‍या है और वह उसका सही से इलाज नहीं करवा रही है, तो मासिक धर्म से लेकर पूरी प्रजनन प्रक्रिया पर नकारात्‍मक असर पड़ता है। बच्‍चे के जन्‍म के चांसेस बहुत मुश्किल हो जाते हैं।

6. कैफीन का अति सेवन:

6. कैफीन का अति सेवन:

य‍दि महिला के शरीर में एक हद से ज्‍यादा कैफीन की मात्रा पहुंच जाती है तो गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन आ जाता है और गर्भाशय तक स्‍पर्म के पहुंचने और अंडो के बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है।

 7. सेक्‍स सम्‍बंधी समस्‍या:

7. सेक्‍स सम्‍बंधी समस्‍या:

आधुनिक महिलाओं के आधुनिक विचारों और जरूरतों के कारण उनके कई पार्टनर होते हैं। इस कारण उनका गर्भधारण करना मुश्किल होता है। बहुत सारे लोगों से शारीरिक सम्‍बंध बनाने के कारण कई बार क्‍लैमाइडिया और गोनोरिहिया जैसी बीमारियां भी हो जाती हैं, जो प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं।

8. पुरानी दवाईयां या इलाज:

8. पुरानी दवाईयां या इलाज:

किसी प्रकार की दवाई का पहले से लगातार सेवन करने के कारण भी मां बन पाना मुश्किल होता है। क्‍योंकि शरीर में उच्‍च मात्रा में कोई तत्‍व पहुंच जाता है। ऐसे में महिला को गर्भधारण करने में सबसे ज्‍यादा समस्‍या होती है।

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