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सिर्फ 30 सैकेंड में समझिए फीमेल कंडोम कैसे काम करता है?
फीमेल कंडोम एक रेग्युलर डिवाइस होता है जिसे महिलाएं सेक्स के दौरान इस्तेमाल करती हैं। ये महिलाओं में गर्भ निरोधक की तरह काम करता है और एसटीडी और अनचाहे गर्भ के खतरे से छुटकारा दिलाता है। रेग्युलर कंडोम में बस एक यही फर्क है कि इसे महिलाएं पुरुषों की तरह बाहर नहीं बल्कि अंदर पहनती हैं।
यह योनि के बीच वीर्य के स्खलन को अवरूद्ध कर देता है और इससे गर्भधारण नहीं होता है।

ऐसा होती है फीमेल कंडोम
ये एक पतली और मुलायम से ढीली फिट होने वाले खोल की तरह होता है जिसके दोनों और रिंग होती है और ये अलग-अलग साइज़ में भी आता है। इस डिवाइस का सही तरीके से कार्य करना इसके साइज़ पर निर्भर करता है। इसमें से एक रिंग को वजाइना के अंदर फिट किया जाता है और ये संभोग के दौरान गर्भ ठहरने से बचाती है जबकि दूसरी रिंग बाहर रहती है।
लैटेक्स से बनती है
ये कंडोम पॉलीयूथरेन से बनी हो ती हैं और इन्हें नैचुरल लैटेक्स से बनाया जाता है। पुरुषों की कंडोम भी इसी से बनती है। भारत में ये कई ब्रांड के नाम से बिकती है!

एसडीटी से बचाती है
फीमेल कंडोम के कई फायदे हैं जैसे कि इसमें अपने यौन स्वास्थ्य को लेकर महिलाएं खुद चुनाव कर सकती हैं। रेग्युलर मेल कंडोम की तुलना में फीमेल कंडोम एसटीडी जैसी बीमारियों से बचाने में ज्यादा कारगर साबित हुई है।
महिलाएं नहीं है ज्यादा फ्रैंडली
इन सब फायदों के बावजूद फीमेल कंडोम बहुत कम बिकती हैं, खासकर विकासशील देशों में इसकी बिक्री बहुत कम है। हालांकि, परिवार नियोजन गतिविधियों के साथ-साथ भारत जैसे विकासशील देशों में इसे कार्यान्वित करना सफल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक कीमत और इसे लगाने के तरीके के थोड़े कठिन होने के कारण इसकी बिक्री कम होती है।



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