सिर्फ 30 सैकेंड में समझिए, गर्भ निरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं?

Subscribe to Boldsky

अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए कंडोम के बाद मुंह से खाए जाने वाली गर्भ निरोधक गोलियां यानी ओरल कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स (ओसीपी) सबसे दूसरा सबसे पसंदीदा तरीका है।

अधिकतर महिलाओं का यह सवाल होता है कि यह गोलियां कैसे काम करती हैं? गोलियां खाने से शरीर में क्या होता है? यह प्रेगनेंसी को कैसे रोकती हैं? वैसे कई बार महिलाएं गर्भनिरोधक दवाईयां लेने से पहले डॉक्‍टर से सलाह मशविरा करती है, उसके बाद इन दवाईयों का सेवन शुरु करती है। आइए आज हम आपको 30 सैकेंड में समझाते है कि आखिर ये गर्भ निरोधक दवाईयां कैसे काम करती है और कैसे ये अनचाही प्रेगनेंसी को रोकती है?

Boldsky

ओसीपी कैसे काम करती हैं?

ओसीपी दो प्रकार की होती हैं।
-कंबाइंड ओसीपी, जिसमें एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन दोनों होते हैं।
-प्रोजेस्टेरोन गोलियां, जिसे मिनी गोली के रूप में भी जाना जाता है, इसमें केवल प्रोजेस्टेरोन ही होते हैं।
यह गर्भनिरोधक दवाई के प्रकार पर निर्भर करता है। जब आप एक कंबाइंड गोली लेते हैं, तो दोनों हार्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन पर काम होता है और यदि आप केवल प्रोजेस्टेरोन की गोली लेते हैं, तो केवल एक हार्मोन पर काम होता है।

प्रोजेस्टेरोन हार्मोन

प्रोजेस्टेरोन तीन अलग-अलग स्तरों पर कार्य करता है। पहला, यह ओव्यूलेशन रोकता है, जिसका अर्थ है कि कोई अंडे नहीं निकलते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि फर्टिलाइजेशन नहीं होता है और इसलिए, गर्भावस्था को रोक दिया जाता है।

फर्टिलाइजेशन को रोकता है

यह सर्वाइकल म्यूकस को गाढ़ा करता है जिससे स्पर्म गर्भाशय में नहीं जा पाते हैं। जाहिर है मोटा होने पर स्पर्म अंडे के लिए अपना रास्ता नहीं ले सकते। चूंकि यह अंडे तक पहुंचने में विफल हो जाते है, जिससे फर्टिलाइजेशन की संभावनाएं प्रभावित होती हैं, जो गर्भावस्था को रोकती हैं।

भ्रूण को बनने से रोकता है

तीसरा, यह एंडोमेट्रियम के स्तर पर कार्य करता है। जैसा कि एंडोमेट्रियम की परत पतली है, यह आरोपण के लिए मुश्किल बनाता है। इसलिए, भले ही अंडे फर्टिलाइज्ड हो, भ्रूण एंडोमेट्रियम से चिपकने में विफल रहता है, जिससे गर्भावस्था की संभावनाओं में बाधा उत्पन्न होती है।

एस्ट्रोजन हार्मोन

कंबाइंड पिल्स में एस्ट्रोजन हार्मोन की उच्च मात्रा होती है। जब शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर उच्च होता है, तो यह हार्मोन एफएसएच (फॉलिकल स्टिम्यलैटिंग हार्मोन) को दबा देता है जिससे गर्भावस्था को रोकता है। एफएसएच हार्मोन ओव्यूलेशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसलिए, एफएसएच का निम्न स्तर ओवल्यूशन को रोकता है और इस तरह, गर्भावस्था की संभावना कम होती है।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    English summary

    सिर्फ 30 सैकेंड में समझिए, गर्भ निरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? | How do birth control pills work?

    Read on to find out what these pills have to offer, how they work and whether or not they might be the right sort of contraception for your particular situation.
    Story first published: Tuesday, November 7, 2017, 16:58 [IST]
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Boldsky sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Boldsky website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more