Latest Updates
-
बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में रामबाण हैं ये 5 हरे पत्ते, रोजाना सेवन से हार्ट भी रहेगा हेल्दी -
Navratri Day 9: नवरात्रि के नौवें दिन करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Navratri Day 9 Wishes: मां सिद्धिदात्री का आशीष मिले...इन संदेशों से अपनों को दें महानवमी की शुभकामनाएं -
Ram Navami 2026 Wishes Quotes: भए प्रगट कृपाला...इन चौपाइयों के साथ अपनों को दें राम नवमी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 27 March 2026: जानें आज किन राशियों की चमकेगी किस्मत, किन्हें रहना होगा सावधान -
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन कैसे डालती है दिमाग पर असर, 60 साल बाद रिसर्च में हुआ खुलासा -
चेहरे से झाइयां हटाने के लिए शहद का इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल, फेस पर आएगा इंस्टेंट निखार -
चेहरे के अनचाहे बालों और मूंछों से हैं परेशान? आजमाएं ये जादुई उबटन, पार्लर जाना भूल जाएंगे -
Kamada Ekadashi 2026: 28 या 29 मार्च, कब है कामदा एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
नवरात्रि में जन्मीं बेटियों के लिए मां दुर्गा के 108+ सबसे सुंदर नाम और उनके अर्थ, देखें लिस्ट
पहली बार बेबी को खिला रही हैं लौकी, तो ये रेसिपीज जरुर ट्राय करें, जानें फायदे और सावधानियां
लौकी कितनी गुणकारी है, इसके गुण गिनाने की हमें जरा भी जरुरत नहीं हैं। हर उम्र के लोग इस चाव से खाना पसंद करते हैं। लौकी बच्चों के लिए पोषण का एक बेहतर स्रोत है। यह सबसे सुरक्षित सब्जियों में से एक है, और आप इसे अपने बच्चे के लिए पहले सॉलिड फूड के रूप में दे सकती हैं। लौकी शिशुओं में कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है।
पौष्टिक होने के अलावा, लौकी में पानी की मात्रा भरपूर होती है। इस लेख में, हम शिशुओं के लिए लौकी के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं जैसे कि इसे शुरू करने का सही समय, आप इसे कैसे दे सकते हैं, साइड इफेक्ट और सावधानियां जो आपको बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं लौकी की सब्जी बच्चों के विकास में कैसे मदद करती है।

1. पचाने में बेहतर
लौकी शिशुओं में कब्ज और पेट से संबंधित अन्य समस्याओं का उपचार करता है। लौकी फाइबर और पानी की मात्रा से भरपूर होता है, और पानी बेहतर पाचन में मदद करता है और अम्लता को नियंत्रित करता है, कब्ज दूर करने के लिए फाइबर का इस्तेमाल करना चाहिए।
2. पेट साफ करता है
लौकी के बीज का पेस्ट बच्चों के लिए पेट के कीड़े मारने की दवा के रूप में काम करता है।
3. शिशुओं में यूरिन इंफेक्शन नहीं होने देता है
बच्चे पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं और इस वजह से मूत्र पथ संक्रमण की शिकायत हो सकती है। लौकी में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है। अपने बच्चे को लौकी की प्यूरी देने से संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया का खात्मा करता है और शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित करता हैं।
4. गर्मियों में रखता है कूल
लौकी में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को शीतल बनाएं रखता है। यह अतिरिक्त गर्मी को दूर कर शरीर को ठंडा रखता है। यह गर्मियों में बच्चों की प्यास भी कम लगने देता है।
5. हृदय स्वास्थ्य में योगदान देता है
लौकी स्वस्थ हृदय क्रिया को बढ़ावा देती है क्योंकि इसमें शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। लौकी की प्यूरी खिलाने से ही बचपन से ही बच्चों में लौकी खाने की आदत डालने और उसकी आदत डालने से उन्हें स्वस्थ दिल बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

6. लिवर की सुरक्षा करता है
लौकी में मौजूद विटामिन सी कोशिकाओं को डिटॉक्सीफाई करता है। डिटॉक्सिफिकेशन ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करता है और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। यह शरीर के एंटीऑक्सीडेंट को भी फिर से जीवंत करेगा।
7. त्वचा और बालों के लिए अच्छा
लौकी बच्चों की त्वचा और बालों के लिए अच्छी होती है। अपने बच्चे को अन्य ठोस खाद्य पदार्थों के साथ लौकी देने से आपका बच्चा ऊपर बताए गए सभी लाभ को प्राप्त कर सकता है।
अपने बच्चे को लौकी देना कब शुरु करें?
आप अपने बच्चे को लौकी से परिचित करा सकती हैं, जब वे लगभग 6 से 7 महीने के निशान पर ठोस पदार्थों के लिए तैयार हो जाते हैं। यह आसानी से पचने वाली सब्जी है और एक छोटे बच्चे के लिए आवश्यक पोषण प्रदान करती है। लौकी हाइड्रेशन भी प्रदान करती है जो उन शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो ठोस आहार शुरू कर रहे हैं और भोजन को पचाने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। आप अपने बच्चे को उबले हुए और मसले हुए लौकी की प्यूरी अपने शिशु के शुरुआती आहार के रूप में दे सकते हैं।
अपने शिशु को लौकी देने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए
* ताजी लौकी चुनें। पुरानी लौकी को पकाना मुश्किल होता है और इससे बच्चों को अपच हो सकती है।
* आप जो लौकी चुनें उस पर हल्के हरे रंग का होना चाहिए।
* एक गहरा या काला डंठल का मतलब है कि लौकी पुरानी और अनुपयोगी है।
* सख्त बाहरी परत को छीलें और पोषण को बनाए रखने के लिए लौकी को भाप दें।
* लौकी को बच्चे को खिलाने से पहले अच्छी तरह से पका लें।
* अपने बच्चे को लौकी या कोई नई सब्जी देने से पहले, हमेशा तीन दिन के अंतराल के नियम का पालन करें।
* यदि आपका शिशु छह महीने का है, तो उसके लिए दो बड़े चम्मच वेजिटेबल प्यूरी। बाद में आप धीरे-धीरे मात्रा बढ़ा सकती हैं।

शिशुओं को लौकी खिलाने का कोई साइडइफेक्ट है?
अब तक, लौकी सबसे सुरक्षित सब्जियों में से एक है जिसे बच्चे अपने पहले भोजन के रूप में खा सकते हैं। इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं है। हालांकि, अगर आप अपने बच्चे के ठोस आहार के बारे में चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर से एक बार जरुर परामर्श लें।
शिशुओं के लिए 3 हेल्दी और टेस्टी लौकी की रेसिपी
यहां हमने शिशुओं के लिए लौकी की कुछ बेहतरीन रेसिपी बता रहे हैं।
1. बच्चों के लिए लौकी का सूप
एक नरम लौकी चुनें, इसे स्टीम दें फिर ठंडा करें और इसके बाद अच्छी तरह ब्लैंड कर दें। आप इस सूप में एक चुटकी जीरा पाउडर भी मिला सकती हैं और अपने बच्चे को खिला सकते हैं। अगर आपका बच्चा एक साल से कम का है तो इसमें नमक न डालें।
2. लौकी और सेब का मैश
लौकी और सेब की प्यूरी बच्चे को खिलाने के लिए एक और बढ़िया ठोस आहार है। यह मिक्सर आपके बच्चें के लिएन सिर्फ पौष्टिक हैं बल्कि स्वादिष्ट भी है। जिसे आपका बच्चा बिना ब्रेक के खा सकता है।
3. लौकी की दाल
दाल एक बच्चे के लिए सबसे बेस्ट सॉलिड में से एक हैं। आप मूंग दाल और लौकी को मीडियम कंसिस्टेंट में बनाकर अपने बच्चे को इसमें एक चुटकी जीरा पाउडर डालकर खिला सकती हैं।
लौकी भारतीय घरों में प्रमुख सब्जियों में से एक है। यह बच्चों के बढ़ते चरण में उनके लिए बहुत फायदेमंद है। वैसे बड़े होकर बच्चें लौकी खाने में ना नुकुर करते हैं। इसलिए बचपन में आप तरह-तरह की रेसिपी बनाकर अपने बच्चे को लौकी खिलाने की आदत डवलप करवा सकती हैं। वैसे तो लौकी से बच्चों को कोई खतरनाक एलर्जी नहीं होती है। हालांकि, अपने बच्चे को कोई भी नया भोजन देने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



Click it and Unblock the Notifications











