दिन भर टीवी से चिपके रहने वाले बच्‍चों को कैसे रोकें

अगर आपके बच्‍चे अधिक टीवी देखते हैं तो उन्‍हें केवल दूर से देखते रहने से कोई फायदा नहीं होगा। अक्‍सर हर घर में यही होता है कि बच्‍चों की अधिक टीवी देखने की आदत को गंभीरता से नहीं लिया जाता। पर इस आदत को रोकना आपके लिए बहुत जरुरी है क्‍योंकि बच्‍चों की इस उम्र में दिमाग पर बहुत असर पड़ता है। अगर आपको उनके बहुत ज्‍यादा टीवी देखने से परेशानी या चिंता होती है तो इसको रोकने के लिए हम आपको उचित सलाह देगें।

इस तरह रोकें बच्‍चों को-

1.मां-बाप ही होते हैं जो बच्‍चों में अधिक टीवी देखने की आदत डालते हैं। अगर बच्‍चा खाना नहीं खा रहा है तो उसके सामने टीवी चला देते हैं जिससे बच्‍चे का ध्‍यान खाने से हट जाता है और वह खाना बिना नखरे दिखाए खा लेता है। पर मां यह नहीं समझती की इससे बच्‍चे में टीवी देखने की आदत पड़ सकती है।

2.डिनर के समय टीवी देखने पर बिल्‍कुल पाबंदी लगा दें क्‍योंकि यह समय केवल अपने परिवार के साथ बैठ कर दिन भर का हाल चाल लेने का होता है। न कि अपना समय टीवी देख कर अपने परिवार से दूर हो जाने का।

3.अगर टीवी ड्राइंग रुम में लगी है तो उसे सीधे अपने बेड रूम में शिफ्ट कर लें। इससे आपको दो फायदे होगें- पहला यह कि आप देख सकेगें की आपका बच्‍चा टीवी में क्‍या प्रोग्राम देखता है। और दूसरा यह, कि वह दिए गये समय से ज्‍यादा टीवी नहीं देख सकेगा।

4.टीवी पर मार-धाड़ की फिल्‍में बच्‍चों पर बहुत ही बुरा असर डालती हैं। इसको रोकने के लिए आपको अपने बच्‍चों के साथ मिल कर टीवी देखना होगा। यही नहीं अगर आप दिन भर उनको वॉच नहीं कर सकते तो टीवी के कुछ गलत चैनलों पर चाइल्‍ड लॉक लगा दें जिससे वह उस चैनल को देख ही न सकें।

5.अपने बच्‍चों के रुम में टीवी कभी न रखें। इससे उनका पढाई में ध्‍यान कम होगा और साथ ही वह खेल-कूद में भी पीछे रहेगें। कुछ पेरेंट्स इस चीज़ को फैशनेबुल मानते हैं, पर यह आपके बच्‍चें के लिए अच्‍छा नहीं रहेगा।

6.टीवी बच्‍चों को आलसी बनाता है जिससे बच्‍चे घर से बाहर निकल कर खेलना-कूदना बंद कर देते हैं। उन्‍हें तो केवल अपना मनोरंजन चाहिये भले ही वह खेल-कूद से मिले या फिर टीवी देख कर। टीवी देखने में न तो दिमाग लगता है और न थकान महसूस होती है इसलिए बच्‍चे खेलना कूदना सब बंद कर देते हैं।

7.अगर बच्‍चा बहुत ज्‍यादा टीवी देखने लग गया हो आप उसको लेकर चिंतित हों तो जल्‍द से जल्‍द उसे किसी क्‍लब या हॉबी क्‍लास में ज्‍वाइन करवा दीजिए।

8.कुछ पेरेंट्स जब अपने घर थके हारे आते हैं तो उन्‍हें बच्‍चों के कारण प्राइविसी नहीं मिल पाती। जिस वजह से वे अपने बच्‍चों को टीवी देखने के लिए भेज देते हैं। यह काम बिल्‍कुल गलत है, अगर आपको अपनी प्राइवेट लाइफ या सोशल लाइफ को इंज्‍वाय करने के लिए बच्‍चों को दूर रखना है तो उन्‍हें बाहर खेलने के लिए भेजें न कि उनकी आदत खराब करें।

Story first published: Saturday, March 3, 2012, 18:07 [IST]
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