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शर्मीले बच्चे की ऐसे करें अच्छी परवरिश
हर पेरेंट का यह स्वाभाविक गुण होता है कि वह अपने बच्चे की अच्छी परवरिश करना चाहता है। ऐसे कई बच्चे होते हैं जो भीड़ में बिना डरे अपने आपको व्यक्त कर देते हैं। पर कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो भीड़ में छुपे रहते हैं। यहां तक कि वह लोगों से मिलने से भी घबराते हैं। ऐसे बच्चों के लिए किसी भी आयु वर्ग के लोगों से जुडऩा मुश्किल होता है। ऐसे में हर पेरेंट के लिए शुरुआती दौर में ही कुछ पेरेंटिंग टिप्स बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि शर्मीलेपन का बच्चे पर भावनात्मक रूप से गहरा प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं, ये उनके सामाजिक व्यवहार पर भी गहरा प्रभाव डालता है।
शर्मीलापन आपके बच्चे के एकेडमिक परफार्मेंस को कम कर सकता है। साथ ही यह उन्हें दोस्तों से दूर रखेगा और आपके रिलेटिव के साथ पारीवारिक संबंध पर भी असर डालेगा। अगर आपका बच्चा पूरी तरह से समाज से कट गया तो वह तनाव और चिंता का शिकार भी हो सकता है। ऐसे में शर्मीले बच्चे की परवरिश का महत्व काफी बढ़ जाता है। आपके सपोर्ट और केयर से आपका बच्चा इस समस्या से असानी से बाहर आ सकता है। अगर आप शर्मीले बच्चे के लिए असरदार पेरेंटिंग टिप्स ढूंढ रहे हैं तो समझिए कि आपकी खोज खत्म हुई। आइए हम आपको शर्मीले बच्चे के लिए कुछ आसान पेरेंटिंग टिप्स बताते हैं।

उसे डांटें नहीं : अगर आप अपने बच्चे को किसी से मिलाते हैं और वह आपके पीछे छिप जाता है तो उन्हें डांटें नहीं। आप इस स्थिति को नजरअंदाज कर दें। साथ ही आप सामने वाले से यह बिल्कुल न कहें कि आपका बच्चा शर्मीला है। कुछ ऐसी स्थिति बनाएं जिससे आपका बच्चा मेहमान से घुल-मिल सके।
सामाजिक बनने दें : अपने बच्चे को घर से बाहर जाकर दूसरे बच्चों के साथ खेलने दें। दोस्तों के बीच वह खुलकर व्यवहार करेगा। अपने उम्र के बच्चों के साथ रहकर वह कम्युनिकेट करने के साथ-साथ रिलेशन के बारे में भी सीखेगा।
उनपर शर्मीला होने का ठप्पा न लगाएं : यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप अपने बच्चे पर शर्मीला हानेे का ठप्पा न लगाएं। इससे वह अपने व्यवहार को लेकर और ज्यादा तनाव में आ जाएगा। अगर आप दूसरे के सामने उन्हें अपमानित करेंगे तो इससे वह तनाव और चिंता से ग्रस्त हो जाएगा। अगर आप उसे बार-बार शर्मीला कहेंगे तो उन्हें लगेगा कि शर्मीलापन उनके चरित्र का हिस्सा है और इसे बदला नहीं जा सकता।
ग्रुप गैदरिंग : एक बेहद महत्वपूर्ण पेरेंटिंग टिप्स यह है कि आप उन्हें हमेशा ग्रुप गैदरिंग में ले जाएं। एक व्यक्ति से बार-बार मिलने से उनका शर्मीलापन कम होगा। इससे आपके बच्चे के सामाजिक व्यवहार में धीरे-धीरे परिवर्तन आएगा।
अपने घर में एक स्टेज बनाएं : पारीवारिक समय शर्मीले बच्चे के परवरिश का सबसे अच्छा समय होता है। अपने बच्चे को परिवार के सामने कोई कविता या फिर स्पीच देने के लिए कहें। इससे उनके अंदर भीड़ का सामना करने का आत्मविश्वास आएगा। ये एक बहुत ही असरदार पेरेंटिंग टिप्स है।
प्रोत्साहन : हर बच्चे को बहुत खुशी होती है, जब मां-बांप दूसरों के सामने उनकी प्रशंसा करते हैं। ग्रुप गैदरिंग में अपने बच्चे की उपलब्धियों पर उनकी जमकर तारीफ करें। इससे उन्हें लगेगा कि वह भीड़ में मौजूद बाकी लोगों से खास है।
कम्युनिकेट : कुछ मामलों में किसी तरह के डर के कारण भी बच्चों में शर्मीलापन आ जाता है। आप अपने बच्चे से उनके शर्मीलेपन के बारे में बात करें। हो सकता है किसी अजनबी के साथ कभी उनका बुरा अनुभव रहा हो, जिससे वह पराए लोगों से मिलने में घबराता हो।



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