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पेरेंट्स को कठोर क्यों नहीं होना चाहिए?
जहाँ पेरेंट्स कठोर स्वाभाव वाले होते हैं वहां अगर बच्चे की परवरिश होती है तो बच्चे का आत्म-विश्वास कम रहता है| यह बच्चे के आत्म सम्मान को कम कर सकता है साथ ही यह बच्चे के मानसिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है| यदि पेरेंट्स बच्चों के साथ कठोरता से पेश आते हैं तो बच्चे में डर और चिंता घर कर जाती है जिससे वे एक असुरक्षित इंसान बनते हैं|
एक पैरेंट के रूप में आप अपनी सलाह और देखभाल के साथ बच्चे को वो सब करने दें जो वो अपनी रुचि के साथ करना चाहता /चाहती है|
हम आपको बता रहें है कि आपको एक कठोर पेरेंट्स क्यों नहीं होना चाहिए? ध्यान रहे, कठोर होना और अनुशासित होना दो अलग-अलग चीजें हैं| कठोर व्यवहार से बच्चे में जहाँ डर पैदा होता है वहीं अनुशासन से बच्चा नियमों का पालन करना सीखता है जो कि एक अच्छे नागरिक के लिए बहुत जरूरी है| बच्चों के लिए अच्छी नींद के उपाए

1. इससे आपका बच्चा डर के माहौल में रहता है
यदि आप सख्त व्यवहार वाले पैरेंट हैं तो आपका बच्चा हमेशा डर में रहता है| कोई भी बच्चा अपने खुद के घर में डरपोक नहीं रहना चाहिए| अपने गुस्से पर काबू रखें और एक ऐसा माहौल रखें कि आप बच्चा जरूरत पड़ने पर मदद के लिए आपके पास आ सके|
2. बुरे के लिए बदलाव
जो बच्चे पेरेंट्स की कठोरता के बीच पलते हैं वे एक फूले हुए गुब्बारे की भांति होते हैं जो कि कभी भी फैट सकता है| जब यह गुब्बारा फटता है वे पूरे तरह बदले हुए इंसान होते हैं| यह बदलाव बुरे के लिए हो सकता है इससे बच्चा जीवन में हर छोटी चीज करने में भी प्रतिबंधित होता है और हर काम में संकोच करता है|
3. इससे आपका बच्चा खुश नहीं रहेगा
यदि आप कठोर पेरेंट्स हैं तो बच्चा एक डर के माहौल में रहते हुए खुश नहीं होगा| एक माता-पिता होने के नाते यह जरूरी है कि आप बच्चे को बिना किसी शर्त के पूरा प्यार और खुशियां प्रदान करें ताकि उसके ऊपर किसी प्रकार का डर हावी नहीं हो|
4. इससे आपके बच्चे का जीवन के प्रति नजरिया बदल जाता है
सख्त पेरेंट्स होने का बच्चे पर गहरा प्रभाव पड़ता है खास तौर पर जब बच्चा अकेला हो और उसके साथ खेलने वाला कोई भाई-बहन नहीं हो| अपने बच्चे की एक स्वास्थ्यवर्धक तरीके से परवरिश करने के लिए आपका नरम मिजाज और अनुशासित पेरेंट्स होना बहुत जरूरी है|



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