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कहीं बच्चे के दम घुटने की वजह ना बन जाएं यह फूड्स, इन्हें खिलाते हुए रहें अलर्ट!
जब एक बच्चा सॉलिड फूड खाना शुरू करता है, तो पैरेंट्स उसे सबकुछ टेस्ट करवाना चाहते हैं। ऐसा कहा भी जाता है कि दो साल की उम्र तक बच्चे का परिचय हर तरह के फूड से करवा देना चाहिए। लेकिन आप किस उम्र में बच्चे को क्या दे रहे हैं, इसका ध्यान रखना चाहिए। कई बार हेल्दी फूड भी बच्चे के गले को चोक कर देते हैं और इससे उसे सांस लेने में भी परेशानी होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अभी तक उसने भोजन को अच्छी तरह चबाना नहीं सीखा है। ऐसे में वह भोजन को निगलता है और इससे उसके फंसने का खतरा रहता है। इतना ही नहीं, कुछ फूड्स इस संभावना को और भी अधिक बढ़ा सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही फूड आइटम्स के बारे में बता रहे हैं, जो टॉडलर के गले को चोक कर सकते हैं-

साबुत मेवे
मेवे यूं तो सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन बच्चे को यह नुकसान पहुंचा सकते हैं। दरअसल, बादाम, मूंगफली और काजू को चबाना मुश्किल होता है और इनके किनारे नुकीले होते हैं और शिशुओं में चोंकंग की वजह बन सकते हैं। इसलिए, उनसे बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, आप हल्के से भुने हुए ब्रेड पर अखरोट या मूंगफली के मक्खन को स्प्रेड कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप उन्हें इसे देना ही चाहते हैं तो कद्दूकस करके स्मूदी या दलिया में शामिल करें।

पॉपकॉर्न
पॉपकॉर्न खाने में भले ही टेस्टी लगे, लेकिन छोटे बच्चों के लिए इन्हें पूरी तरह से चबाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में यह गले में फंस सकता है। साथ ही, यह उनके गले को सुखा भी सकता है। इसलिए जहां तक संभव हो, बच्चे की डाइट से इन्हें बाहर ही रखें।

साबुत अंगूर
अंगूर खाना अक्सर बच्चों को अच्छा लगता है, लेकिन इन्हें सही तरह से दिया जाना बेहद आवश्यक है। साबुत अंगूर आपके बच्चे के गले में फंस सकते हैं। ऐसे में आप आप उन्हें आधा या चौथाई भाग में लंबा काट सकते हैं ताकि टुकड़े लंबे और पतले हों और आपके बच्चे के लिए इसे चबाना आसान हो जाए। इसके अलावा, अंगूर का रस निकालकर भी बच्चे को पीने के लिए दिया जा सकता है।

मीट स्लाइस
बच्चे के लिए स्टेक के पतले स्लाइस, ग्रील्ड चिकन या टर्की आदि शिशुओं चबाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, उन्हें यह देने से बचें। अगर आप उनकी डाइट में नॉन-वेज एड करना ही चाहते हैं तो ऐसे में आप एग को बॉयल करके स्क्रैम्ब्लड एग के रूप में उन्हें दे सकते हैं। इसके अलावा, आप मीट को उबालकर व मीटबॉल्स बनाकर उन्हें दे सकते हैं। यह अधिक नरम और चबाने में आसान होती हैं।

स्ट्रॉबेरी
बच्चों को स्ट्रॉबेरी देने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे घुटन हो सकती है। बेबी स्ट्रॉबेरी को फिंगर फ़ूड के रूप में सुरक्षित रूप से खिलाने के लिए, आप स्ट्रॉबेरी को क्वार्टर में काट सकते हैं।

ब्लूबेरी
हालांकि ब्लूबेरी नरम होते हैं, लेकिन वह शेप में बहुत गोल होते हैं जिससे वे चोकिंग की वजह बन सकते हैं। आप उन्हें आधा या चौथाई भाग में काट सकते हैं, या उन्हें तोड़ सकते हैं ताकि छोटे बच्चे उन्हें ठीक से चबा सकें और फिर निगल सकें।

चेरी
चेरी बहुत बड़ी और गोल होती हैं। इसके अलावा, उनमें एक सख्त होल होता है जिससे शिशुओं के लिए उन्हें चबाना और भी मुश्किल हो जाता है। इसलिए, चेरी का चयन करते समय, सुनिश्चित करें कि उनकी त्वचा सख्त नहीं है। साथ ही, प्रत्येक चेरी को क्वार्टर में काट सकते हैं जिससे छोटे बच्चे उसे आसानी से चबा सकें।

कच्ची सब्जियां
जब बच्चे खाना शुरू करते हैं तो अक्सर पैरेंट्स उन्हें फिंगर फूड्स के रूप में गाजर, खीरे या अन्य कच्ची सब्जियों को लंबा काटकर उन्हें देते हैं। खासतौर से, टीथिंग पीरियड में बच्चे को इससे आराम मिलता है। लेकिन छोटों के लिए इसे चबाने में मुश्किल हो सकती है और यह उनके गले में अटक सकता है। इस समस्या से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उन्हें बेहद पतला काटकर दें या फिर गाजर या अन्य सब्जियों को स्टीम करके ही उन्हें खाने के लिए दें।



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