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शिशुओं और बच्चों की बहती नाक के लिए घरेलू उपचार
बहती नाक छोटे बच्चों में एक आम समस्या है। इम्मैच्योर इम्युनिटी के वजह से बच्चें जल्दी से फ्लू और इंफेक्शन की जद में आ जाते है। इसके अलावा दूधमुंहे बच्चे की नई चीजों को छूने या अपने मुंह में डालने की निरंतर इच्छा उसे इन्फेक्शन होने के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है। जहां बड़े दवाई की बस एक गोली खाकर सर्दी या फ्लू को खत्म कर सकते हैं, वहीं हो सकता है कि शिशुओं के लिए ऐसा मुमकिन न हो। ठंड और जुकाम से बचाने के लिए बच्चें को शुरुआती तौर पर आप घर पर घरेलू उपचार दे सकते हैं। जिससे बच्चे की बहती नाक की समस्या हल हो सकती है।

बच्चे में नाक बहने का क्या कारण है
शिशुओं में एक वर्ष में 6-8 बार ज़ुकाम या फ्लू होना सामान्य बात है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, यह आपके बच्चे की कमजोर इम्युनिटी के कारण होता है; हालांकि, जैसे-जैसे आपका बच्चा बड़ा होगा और अच्छा आहार लेना शुरू कर देगा, यह मजबूत होता जाएगा।

शिशुओं में बहती नाक के कुछ सामान्य कारण
- यदि आपका बच्चा सर्दी या ज़ुकाम से पीड़ित है, तो आपके बच्चे को छाती में जमाव (चेस्ट कंजेस्शन), बुखार, खांसी, छींक आना और नाक बहना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- यदि आपका बच्चा फ्लू से पीड़ित है, तो उसे भूख कम लगना, खांसी और गंभीर ज़ुकाम के लक्षण जैसे नाक बहना हो सकता है।
यदि आपके बच्चे को किसी प्रकार का एलर्जिक रिएक्शन हुआ है, तो उसको त्वचा में खुजली, शरीर पर रैशेस, आंखों से पानी बहने और बहती हुई नाक की समस्या हो सकती है।

घरेलू उपाय
अदरक और शहद
अदरक और शहद का मिश्रण बहती नाक के उपचार के लिए बहुत ही अच्छा है। अदरक की जड़ का एक टुकड़ा घिसकर इसका रस निचोड़ लें। इसमें शहद मिलाएं और इस मिश्रण को दिन में दो से तीन बार अपने बच्चे को दें।

सरसों का तेल
बच्चों में बहती नाक रोकने के लिए सरसों का तेल बहुत अच्छा होता है। हींग, लहसुन और अजवाइन के साथ सरसों का तेल गर्म करें। इस तेल से अपने बच्चे की पीठ और छाती की मालिश करें। आप एक-दो मालिश के बाद अपने बच्चे में सुधार देख सकती हैं।

नारियल का तेल और कपूर
शिशुओं में बहती नाक के लिए सबसे प्रभावी भारतीय घरेलू उपचारों में से एक नारियल का तेल और कपूर है। नारियल के तेल में थोड़ा कपूर मिलाएं और उसे गर्म करें। इसे अपने बच्चे की छाती, पीठ और गर्दन पर धीरे से लगाएं। यह न केवल बलगम के जमाव और बहती नाक को साफ करने में मदद कर सकता है, बल्कि उसे शांति से सोने में भी मदद कर सकता है।

दूध में जायफल
बहती नाक को ठीक करने के लिए दूध में जायफल एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। कुछ चम्मच दूध लें और उसमें एक चुटकी जायफल पाउडर डालें इसमें एक उबाल दें और इसे अपने बच्चे को देने से पहले ठंडा कर लें। यह आपके बच्चे को तुरंत राहत प्रदान करेगा।



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