Latest Updates
-
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा
प्रसव के दौरान क्या होनी चाहिये पुरूष की भूमिका
प्रसव के दौरान स्त्री को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उसके पार्टनर को साथ में होना बहुत जरूरी होता है क्योंकि सिर्फ वही एक ऐसा व्यक्ति होता है जो उसके उस दर्द को समझकर उसे उसके साथ बैठकर दिलासा दिला सकता है।
वैसे एक पिता भी अपनी बेटी को सराहा दे सकता है लेकिन शरीर के संवेदनशील भाग में दर्द की पीड़ा को पार्टनर बखूबी समझ सकता है। आइए जानते है कि प्रसव के दौरान पुरूष किस प्रकार मदद कर सकता है:

दिमाग हटाना: प्रसव के दौरान महिला को भयानक पीड़ा होती है। ऐसे में पुरूष उसका दिमाग कहीं भी भटका सकते हैं और उसके सहारा दे सकते हैं। अगर महिला चाहें तो वह उसे गाना सुनाकर या कोई भी हास्यापद हरकत करके उसका मन बहला सकता है।
जाने कैसे होगी नार्मल डिलिवरी
भावनात्मक सहारा: पुरूष के साथ होने पर महिला स्वयं को सुरक्षित मानती है और उसे खुद के और बच्चे के लिए भावनात्मक सहारा रहता है। उसका मन भी आंशकित नहीं रहता है।

धैर्य नहीं खोता: किसी भी पुरूष के साथ होने पर महिला स्वयं को सुरक्षित मानती है जिससे उसका धैर्य नहीं खोता है। प्रसव के दौरान सख्त से सख्त महिला भी लचर हो जाती है और उसे भी कोई ऐसा चाहिए जो उसकी बात और नखरे सहन कर लें।
प्रसव से आसानी से निपटने के पांच टिप्स
सहयोग देता है: पुरूष, प्रसव के दौरान महिला को सहयोग करता है। वह उसे चिंतामुक्त रखता है कि उसका और उसके बच्चे का भविष्य क्या होगा। वह हर स्थिति में महिला को सेट कर देता है और उसे किसी बात की परवाह नहीं करने देता है।

सपोर्ट सिस्टम: पुरूष, प्रसव से जूझने वाली महिला के लिए एक प्रकार का सपोर्ट सिस्टम होता है। जो उसे दिलासा देता है कि वह जल्दी ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देगी।



Click it and Unblock the Notifications
