Latest Updates
-
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2025 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा!
स्तनपान कराने से होने वाली 6 समस्याएं और उनके समाधान !
इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताएंगे स्तनपान कराने से होने वाली समस्याएं और उनके समाधान ।
यह बहुत ही आम धारणा है कि ब्रेस्टफीडिंग नई मां और नवजात शिशु में स्वाभाविक रूप से आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग कुछ महिलाओं को जितनी लगती है उतनी आसान होती नहीं है। ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी समस्याएं केवल बच्चे को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि मां के लिए भी काफी नुकसानदेय हो सकती हैं। इसलिए आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए बताएँगे कि ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी समस्याओं के क्या कारण होते हैं और उनके क्या समाधान हैं।

1- निप्पल में दर्द
अगर आप पहली बार अपने बच्चें को स्तनपान कराती है, तो आपको स्तनों में दर्द होना स्वाभाविक है। शुरुआत के कुछ हफ़्तों तक आप ऐसा दर्द महसूस कर सकती है। इसलिए अगर आप इस समस्या से निजात पाना चाहती हैं तो सबसे पहले इस बात कि पुष्टि करे कि स्तन से पूरा दूध निकल गया है या नहीं। क्योंकि अगर स्तन में दूध भरा रहेगा तो दूध के कारण स्तन भरा-भरा सा महसूस होगा, जिससे आपको दर्द हो सकता है। हालांकि बर्फ से सिकाई करना भी आपके लिए लाभदायक है।

2- निप्पल का सूखना और फटना
साबुन, क्रीम, और एल्कोहल वाले लोशन के प्रयोग से निप्पल के सूखने और फटने जैसी समस्या हो सकती हैं। जिसके लिए आप शुद्ध लानौलिन से निप्पल पर हल्के-हल्के हाथों से मसाज करें। हर रोज ये प्रक्रिया करने से आपको इस समस्या से छुटकारा मल जाएगा। लेकिन स्तनपान कराने से पहले लानौलिन को साफ कर लेना चाहिए। प्रत्येक स्तनपान के बाद ब्रा-पैड बदल लें और हमेशा सूती ब्रा-पैड का ही प्रयोग करें।

3- अंदर की तरफ घुसा हुआ निप्पल
अगर आपके निप्पल अंदर की तरफ धुसे हुए होते हैं तो आप जबरदस्ती निप्पल को खीचें नहीं। बल्कि अपने डॉक्टर से सलाह लें जो आपको सही दिशा-निर्देश दे सकती हैं।

4- स्तन का भरा-भरा सा महसूस होना
स्तन का दूध से भरा रहना, एक प्राकृतिक और स्वस्थ प्रक्रिया है। लेकिन कभी-कभी जब स्तन में बहुत देर तक दूध भरा रहता है। तो उससे स्तन की रक्तनलिकाओं पर दबाव पड़ता है। जिस कारण स्तन भरा-भरा सा, सूजा हुआ रहता है, और इससे दर्द भी होता है। इस प्रकार की समस्या से निपटने के लिए बर्फ की सिकाई या गर्म पानी से नहाने पर आराम मिलता है। अगर आप चाहें तो दूध को ब्रेस्ट पंप या हाथों से निकाल कर स्टोर कर सकती हैं और बाद में यह दूध बच्चें को पिला सकती हैं।

5- डक्ट का ब्लॉक होना
अगर आपके स्तन में एक ही जगह पर दर्द महसूस हो रहा है । तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि मिल्क डक्ट ब्लॉक हो रहा है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए आप ब्रेस्ट की सिंकाई या मालिश कर सकती है जिससे आपको आराम मिलेगा ।

6- स्तन में संक्रमण
अक्सर स्तनपान कराने से निप्पल फट जाते हैं और उस जगह से स्तन में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं। अगर आपको भी दर्द के साथ बुखार, और थकान हो रही है तो आप डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। और इस दौरान स्तनपान कराने से बचें



Click it and Unblock the Notifications
