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सिजेरियन या नॉर्मल कौनसी डिलीवरी के बच्चें होते है ज्यादा हेल्दी
इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताएंगे कि नॉर्मल और सिजेरियन डिलीवरी से जन्में बच्चो में से कौन होता है ज्यादा हेल्दी?
आजकल महिलाएं डिलीवरी के दर्द से उबरने के लिए सी सेक्शन का सहारा लेती हैं। जो कि आगे चलकर उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इसके अलावा भी कई वजह से नॉर्मल डिलीवरी को कभी-कभी सिजेरियन करना पड़ता है। जिससे सी सेक्शन के जरिए पैदा हुए बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तो जलिए आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए बताएंगे कि सिजेरियन की बढ़ती संख्या माँ और बच्चे दोनों के लिए किस तरह घातक साबित हो सकती है।

1- सिजेरियन से होने वाली परेशानियाँ
इसमें कोई दो राय नहीं है कि सी सेक्शन की तुलना में नॉर्मल डिलीवरी से जन्मे बच्चे ज्यादा हेल्दी होते हैं। सामान्य तरीके से बच्चे को जन्म देना व सिजेरियन द्वारा डिलीवरी कराना दोनों ही अलग हैं। क्योंकि नॉर्मल डिलीवरी के दौरान माँ को बहुत ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है। वहीं सिजेरियन के दौरान भले ही शिशु का जन्म बिना तकलीफ के हुआ हो, लेकिन बाद में यह तकलीफ नॉर्मल डिलीवरी की तुलना में ज्यादा होती है। इतना ही नहीं, ऑपरेशन के बाद आपका चलना-फिरना तो दूर हिलना-डुलना भी मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि खांसने से लेकर करवट बदलने तक में आपको परेशानी होती है।

2- बच्चे को रखा जाता है दूर
सी सेक्शन के बाद आपको अपने बच्चे से चौबीस घंटे दूर रहना पड़ता है। इतना ही नहीं आप अपने बच्चे को अच्छे से स्तनपान कराने में भी सक्षम नहीं होती हैं। लेकिन सामान्य प्रसव के बाद तुरंत आपको बच्चे को दिया जाता है। जबकि नॉर्मल डिलीवरी में आपके बच्चे को डॉक्टर तुरंत आपको सौंप देते हैं और उन्हें थोड़ा-थोड़ा स्तनपान भी करा सकती हैं।

3- ज्यादा ब्लीडिंग से होती है परेशानी
सिजेरियन डिलीवरी में कभी कभी आपको हेवी ब्लीडिंग का सामना भी करना पड़ता है। जिससे ऑपरेशन के दौरान आपको खून तक चढ़ाना पड़ जाता है। कभी-कभी तो हेवी ब्लीडिंग होने की वजह से महिला की जान को खतरा भी हो जाता है।

4- जल्दी ठीक होने में लगता है समय
नॉर्मल डिलीवरी के दौरान महिलाएं 1 महीने के अंदर ठीक हो जाती हैं। जबकि सिजेरियन में लगभग 2 से 3 महीने का समय लग जाता है। इतना ही नहीं इस दौरान आप किसी भी तरह का काम जैसे एक्सरसाइज या फिर कोई भारी काम नहीं कर पाती हैं।

5- बढ़ता है संक्रमण का खतरा
सिजेरियन डिलीवरी के बाद माँ और बच्चे को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। क्योंकि, ऑपरेशन के बाद स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना पड़ता है। ताकि मां और बच्चा किसी भी तरह के संक्रमण के चपेट में ना आये।



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