अपनी गर्भवती पत्‍नी के मूड को कैसे बनाएं रखे

By Aditi Pathak

जीवन के सबसे अच्‍छे पल गर्भावस्‍था के दौरान होते है। गर्भावस्‍था का समय पत्‍नी के लिए ही नहीं बल्कि पति के लिए भी अलग होता है। बच्‍चे के वजन और शरीर में आने वाले परिवर्तनों के कारण इस दौरान पत्‍नी थोड़ा चिडचिड़ी हो जाती है। ऐसी स्थिति में पति होने के नाते, प्रसव से पहले आप अपनी पत्‍नी को तरह से सर्पोट करें ताकि उन्‍हे गुस्‍सा या झल्‍लाहट न आएं। आपके स्‍नेह और प्‍यार से वह बच्‍चे को आसानी से जन्‍म दे पाएंगी। गर्भावस्‍था के दौरान पत्‍नी की केयर करें और उन्‍हे हर पल प्‍यार दें।

गर्भवती पत्‍नी का शरीर भारी हो जाता है, ऐसे में वह चिड़चिड़ी और परेशान हो जाती है, छोटे से छोटे काम में भी उन्‍हे गुस्‍सा आता है। गर्भावस्‍था के दौरान हारमोन्‍स में परिवर्तन होते है और मानसिक अवस्‍था में भी बदलाव आता है। ऐसे में उनकी थोड़ी भी मदद उनके लिए बड़ा सहारा बन सकती है। आपका प्‍यार, उनके और इस दुनिया में आने वाले बच्‍चे के लिए अच्‍छा काम करता है। गर्भावस्‍था के दौरान पल - पल में मूड बदलता रहता है ऐसे में आप कतई गुस्‍सा न करें और अपनी वाइफ की दिक्‍कतों को समझने की कोशिश करें। उनका बड़ा हुआ पेट कई कामों को करने में दिक्‍कत पैदा करता है, ऐसे में उनकी मदद से आप उन्‍हे खुश रख सकते है।

आप पत्‍नी की गर्भावस्‍था के दौरान उनके बदलते मूड को कई तरीके से संभाल सकते है। सबसे पहले जरूरी है कि उन्‍हे मानसिक रूप से सर्पोट करें, उसके बाद उनके मूड के हिसाब से उनकी स्थिति समझें और उस तरीके से उन्‍हे ट्रीट करें। गर्भावस्‍था के दौरान औरत "हैंडल विद केयर" वाली स्थिति में आ जाती है। धैर्य रखें और हर स्थिति में उसका साथ निभाएं।

Looking after a moody pregnant wife

यहां पत्‍नी के बदलते मूड को समझने और उसे सर्पोट करने के बारे में कुछ खास तरीके बताएं जा रहे है :

1) सर्पोट और केयर
अगर आप अपनी पत्‍नी को ऐसी स्थिति में पूरा सर्पोट देते है और उन्‍हे लाचार महसूस नहीं होने देते है तो वह खुश रहेगी। ऐसी हालत में उन्‍हे आपकी देखभाल की सबसे ज्‍यादा जरूरत होती है। गर्भवती महिलाओं की हर तरीके की जरूरत सिर्फ उसका पति आसानी से पूरी कर सकता है। पूरे नौ महीने तक उनकी पूरी देखभाल करें और प्रसव के दौरान उनके साथ रहें।

2) पैम्‍पर करें :
किसी भी महिला को कोई दिक्‍कत हो और अगर आप उसे पैम्‍पर कर दें तो वह सामान्‍य आ जाती है। अपनी पत्‍नी के साथ बहस न करें, उसे समझाएं और कि उसके क्‍या लिए क्‍या और कैसे ठीक है। यह गर्भवती महिला को ट्रीट करने का सबसे अच्‍छा तरीका होता है।

3) उसकी सभी जरूरतों को पूरा करें :
हां, उसे वह सबकुछ दें जो उसके लिए जरूरी हो। कई बार गर्भवती महिलाओं को कुछ अलग चीज चाहिए होती है जैसे - उन्‍हे आधी रात को कुछ खाने का मन होता है, अगर आप आसानी से बना सकते है तो बना दें, वरना मीठा सा प्रॉमिस जरूर करें। कई बार वह चाहेगी कि आप काम न करके उनके साथ रहें तो आप ऐसा ही करें। उन्‍हे न नहीं कहें।

4) आराम करने दें :
वह पूरे 9 महीने बच्‍चे को कोख में रखती है, उसमें वजन होता है और उसकी वजह से शरीर में कई परिवर्तन भी होते है। जितना भी संभव हो, उनके शरीर को आराम पहुंचने दें। उन्‍हे रोमेंटिक डिनर पर लें जाएं, पार्क में शाम की सैर पर ले जाएं, फूड स्‍ट्रीट पर कुछ खाने के लिए बाहर ले जाएं।

5) उन्‍हे समझें :
गर्भावस्‍था के दौरान औरत अक्‍सर मूडी हो जाती है, ऐसे में उनके काम में मीनमेख न निकालें। अगर उनसे कुछ बिगड़ जाता है तो झल्‍लाएं नहीं। उन्‍हे समझने की कोशिश करें। उनको दिया गया सर्पोट आप दोनों के रिश्‍ते को हमेशा मधुर बनाएं रखेगा। अगर आपका दिल मजबूत है तो अपनी पत्‍नी के डिलीवरी रूम में उसके साथ उसका हाथ पकड़कर रखें। इससे उन्‍हे अच्‍छा लगेगा।

Story first published: Friday, November 15, 2013, 12:02 [IST]
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