क्‍या प्रेग्‍नेंसी के 8 वें महीने में शारीरिक संबंध बना सकते है या नहीें? जानें यहां

By Aditi Pathak

जब महिला प्रेग्‍नेंट हो जाती है तो उसे कई प्रकार के डाउट और कंफ्यूजन होते है। हर दूसरी बात उसके लिए एक सवाल होता है कि ऐसा करना चाहिए या नहीं, ये खाना चाहिए या नहीं, पार्टनर के साथ रिलेशन बनाने चाहिए या नहीं। गर्भावस्‍था के दिनों में उसे हर बात में अपने बच्‍चे की चिंता सबसे पहले होती है और प्रसव का डर भी सताता है।

ऐसा ही कुछ सेक्‍स के मामले में होता है। कई महिलाएं मानती है कि 8 वें महीने की गर्भावस्‍था में पार्टनर के साथ रिलेशन बनाना सही नहीं होता है, इस वजह से बच्‍चे को कई दिक्‍कतें हो सकती हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि कई अध्‍ययनों से यह बात साफ हो चुकी है कि 8 वें महीने के दौरान इंटरकोर्स करने से बच्‍चे या महिला को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है, बस पुरूष को बहुत प्‍यार और कायदे के साथ उन्‍हे हैंडल करना चाहिए।

लेकिन अगर गर्भावस्‍था के दौरान आपको कई तरह की समस्‍याएं है जैसे - ब्‍लीडिंग होना, प्‍लेसेंटा प्राईविया, सरवाइकल वीकनेस या वेजिना इंफेक्‍शन आदि, तो इंटरकोर्स करने से बचें, वरना आपको तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। यहां 8 वें महीने में संभोग करने को सुरक्षित बनाने के कुछ प्‍वाइंट बताएं जा रहे है ताकि आप अपने पार्टनर को आज रात यस कह सकें -

Is Lovemaking Healthy In 8th Month Of Pregnancy

1) प्रीमैच्‍चोर बच्‍चा नहीं होता है : कई महिलाएं 8 वें महीने में रिलेशन बनाना चाहती है लेकिन बनाती नहीं है क्‍योंकि उन्‍हे ऐसा लगता है कि ऐसा करने से उनका बच्‍चा प्रीमैच्‍चोर पैदा हो जाएगा। लेकिन मेडीकल फील्‍ड़ में यह सही नहीं माना जाता है। 8 वें महीने में इंटरकोर्स होने से बच्‍चे के जन्‍म का कोई मतलब नहीं होता है।

2) बेबी को कोई नुकसान नहीं होता है : यह एक मिथक है कि 8 वें महीने में इंटरकोर्स करने से बच्‍चे को नुकसान पहुंचता है। ऐसा कुछ नहीं होता है, अगर पार्टनर आपको जेंटली अच्‍छे से ट्रीट करके सही पोजिशन में रिलेशन बनाता है तो आपका बच्‍चा पूरी तरह से सुरक्षित है।

गर्भावस्‍था के दौरान रिश्‍तों में आने वाली समस्‍याएं

3) इमोशनल हेल्‍थ बनना : प्रेग्‍नेंसी के दिनों में शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के साथ - साथ इमोशनल हेल्थ भी जरूरी होता है, ऐसे में आपका पार्टनर के साथ बनने वाला सम्‍बंध आपको खुश रखता है, और उनके करीब ले जाता है। इससे आपका प्रसव खुशी - खुशी हो जाता है।

4) पार्टनर के साथ बॉन्डिंग बढ़ना : पार्टनर के साथ रिलेशन न होने पर कई बार दूरी महसूस होती है, ऐसे में 8 वें महीने में रिलेशन बनाकर पार्टनर के साथ एक अच्‍छी बॉन्डिग बनाई जा सकती है।

5) हैप्‍पी एंडिंग, सेफ एंडिंग : लव मेंकिग के दौरान क्‍लाइमेक्‍स प्‍लेजर होने से 8 वें महीने में कोई दिक्‍कत नहीं होती है, क्‍योंकि आपका बच्‍चा गर्भाशय में एक मोटी परत के बीच पल रहा होता है जिसकी रक्षा अमीनिटिक सेक और कई मजबूत मांसपेशियां करती हैं।

6) सुरक्षित रहें : अपने पार्टनर के साथ इस बात को लेकर हमेशा खुलकर बात करें और कर्न्‍शन रहें। पार्टनर को ऐसी पोजिशन में सेक्‍स करने को कहें ताकि आपके पेट पर ज्‍यादा असर न पड़े। आखिरकार, प्‍यार सिर्फ शारीरिक नहीं होता है। आप उनके हग, किस और फीट मसाज को भी महसूस कर सकती हैं।

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