Latest Updates
-
किडनी को डैमेज कर सकती हैं रोजाना की ये 5 गलत आदतें, तुरंत करें सुधार वरना पड़ेगा पछताना -
Alvida Jumma 2026: 13 या 20 मार्च, कब है रमजान का आखिरी जुमा? जानिए क्यों माना जाता है इतना खास -
कृतिका कामरा ने गौरव कपूर संग रचाई गुपचुप शादी, सुर्ख लाल साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत, देखें PHOTOS -
World Kidney Day 2026: हर साल क्यों मनाया जाता है विश्व किडनी दिवस? जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
घर से मुस्लिम प्रेमी संग भागी महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा, केरल में रचाई शादी -
कौन हैं सायली सुर्वे? मिसेज इंडिया अर्थ 2019 ने मुस्लिम पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप, हिंदू धर्म में की वापसी -
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
गर्भावस्था के दौरान पत्नी का रखें ऐसे ख्याल
क्या आपकी पत्नी जल्दी ही मम्मी बनने वाली है और आपकी जिन्दगी में भी बच्चे का सुख आने वाला है तो यह वक्त है खुशियों का और इन्हें मनाने का। पर कई लोग ऐसे मौकों पर जिम्मेदारियों से घबरा जाते हैं और परेशान हो जाते हैं।
जब किसी लड़की को पता चलता है कि वह मां बनने वाली है तो वह इस बात को सबसे पहले अपने पति के साथ शेयर करना चाहती है और उसकी बांहों में समा जाना चाहती है क्योंकि ये उन दोनों की जिन्दगी में ढ़ेर सारी खुशियां लाने वाला है।
पत्नी के गर्भवती होते ही पति पर काफी जिम्मेदारियां आ जाती हैं। ऐसे में कई बार झुंझलाहट होने लगती है और गुस्सा भी आता है। पर ऐसा कतई न करें, वरना आपको ही समस्या होगी। पत्नी की स्थिति को समझने का प्रयास करें और कुछ बातों का ध्यान हमेशा रखें, जोकि निम्न प्रकार हैं:

1. उसकी मदद करें
गर्भावस्था के दौरान स्त्री के शरीर में काफी परिवर्तन होते हैं, ऐसे में उनकी मदद करें। घर के कामों में भी सहायता करें और उन्हें खुश रखें। बच्चे के जन्म के बाद तक भी उनका शरीर मजबूत नहीं रहता है, ऐसे में तब तक कोई बड़ा प्लान न बनाएं। वो थके नहीं, इस बात का पूरा ख्याल रखें। होने वाली मां को पूरी नींद लेने दें।

2. परिवर्तनों को स्वीकार करें
गर्भवती होने के बाद स्त्री के शरीर में इतना ज्यादा बदलाव आ जाता है कि दैनिक कार्यों में भी रूटीन नहीं रह जाता है। ऐसे में आपको एडजस्ट करना चाहिए ताकि वो परेशान न हों। जो भी परिवर्तन हों, उन्हें सहर्ष स्वीकार कर लें। ब्रेकफास्ट में परांठा न सही ब्रेड ही खा लें, पर होने वाली मां के कम्फर्ट का ध्यान रखें।

3. जानकारी रखें
पत्नी को कब कौन सा इंजेक्शन लगना है, कब दिखाना है। उसे किस चीज से एलर्जी है। ऐसी कई बातों का ध्यान रखें। उन्हें गर्भावस्था के दौरान अच्छी चीजें दिखाएं। आप भी इंटरनेट आदि से इस बारे में जानकारी लें कि कब क्या परिवर्तन होते हैं और कैसे हैंडल करें। आप चाहें तो परिवार में किसी की मदद ले सकते हैं।

4. उसकी जरूरतों के समय साथ निभाएं
अपनी पत्नी के साथ गर्भावस्था के दौरान रहें। उनके साथ रेगुलर चेकअप पर जाएं। अल्ट्रासाउंड रूम में साथ रहें और बच्चे की हरकत को पेट छूकर महसूस करने की कोशिश करें।

5. उसकी तारीफ करते रहें
पत्नी के मन में कई बार ऐसे ख्याल आते हैं कि वह गर्भावस्था के दौरान अच्छी नहीं दिखती हैं। उनका भ्रम दूर करें, उन्हें जताएं कि वो पहले जितनी ही सुंदर और प्यारी हैं। प्यार दें और उनका ख्याल रखें।

6. प्रसव पूर्व कक्षाओं में जायें
ऐसी कक्षाओं में जाने से आपकी आधी मुश्िकलें अपने आप हल हो जाएगी। आपको वहां काफी जानकारी मिलेगी और टिप्स भी दिये जाएंगे। मां ही नहीं बल्कि पिताओं के भी ये कक्षाएं जरूरी होती हैं।

7. समझदारी दिखाएं
गर्भावस्था के दौरान कमर में भयानक दर्द होता है। ऐसे में उन पर ज्यादा काम का बोझ न लादें। घर में पार्टी आदि न रखें। कामों में भी हाथ बटाएं। हर बात को समझने का प्रयास करें।

8. उनकी बात सुनें
गर्भवती स्त्री की बात सुनें, उन्हें क्या अच्छा लगता है, ये भी उनसे पूछें। उनका ख्याल रखें व अपना अधिकतर समय उनके साथ बिताएं। उन्हें बोर न होने दें न ही चिल्लाएं।

9. ध्यान केन्द्रित रखें
अपनी वाइफ का ध्यान रखें, अगर आपको कोई परिवर्तन सही नहीं लगता है तो डॉक्टर से बात करें। उनके खान-पान पर ध्यान बरतें।

10. बातचीत करें
ऑफिस में ज्यादा देर तक बेवजह न रूककर घर पर ही समय बिताएं। पत्नी को बाहर ले जाएं। उनके साथ अच्छा वक्त बिताएं। आपसी सम्बंधों पर भी खुलकर बात करें। आगे की योजनाएं बनाएं।

11. यादगार पल बिताएं
कुछ समय बाद आप दोनों अकेले नहीं रह जाएंगे। ऐसे में अभी ही हसीन पलों और रोमेंटिक बातों को करें। यादें बनाएं। बच्चे को लेकर बात करें। डेट करें। खुश रहने का हर संभव प्रयास करें।

12. घर को सजाएं
घर में नन्हे सदस्य के आने से पहले उसकी जरूरत का सामान ले आएं। ताकि बाद में भगदड न हो। प्रीप्लान करने से दिक्कत नहीं होती है।



Click it and Unblock the Notifications











