ज्‍यादा यूरिन आने के वजह से प्रेगनेंसी में आप आधा दिन बाथरुम में गुजारती हैं?

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं कई समस्‍याओं से रुबरु होती हैं, फूड क्रेविंग, मूड स्विंग, हार्मोनल चेंजेज और थकान जैसी समस्‍याएं तो प्रेगनेंसी के दौरान आम होती हैं। इसी तरह एक और समस्‍या है जिससे प्रेगनेंट महिलाएं लगातार जूझती रहती हैं वो है बार बार यूरिन आने की समस्‍या। प्रेगनेंसी में यह बार बार यूरिन जाना बहुत ही सामान्‍य सी समस्‍या है। प्रेगनेंसी में पहली और अंतिम त्रिमाही के दौरान तो यह समस्‍या बहुत होती है। इस वजह से कई बार महिलाएं चिड़चिड़ेपन की शिकार भी हो जाती हैं।

कई महिलायें इस बात से हैरान हो जाती हैं कि इतनी तेज बाथरूम लगने के बावजूद भी उनके पेशाब की मात्रा इतनी कम क्यों है। हम यहां प्रेगनेंसी में होने वाली इस समस्या के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

इस समस्या के कारण सबसे मुश्किल तब आती है जब प्रेगनेंट महिलाओं को लम्बी दूरी का सफ़र तय करना होता है। इसके अलावा रात में सोते समय भी इसके कारण नींद खराब हो जाती है। आइये जानते हैं इस बारे में।

बार बार यूरिन आने का कारण?

बार बार यूरिन आने का कारण?

प्रेगनेंसी के दौरान ह्यूमन क्रोनिओनिक गोनैडोट्रोपिन हार्मोन के स्त्राव के कारण शरीर में ब्लड फ्लो काफी बढ़ जाता है। इसके कारण किडनी में भी ब्लड की मात्रा ज्यादा पहुंचती है जिसे किडनी प्यूरीफाई करता है और ख़राब टोक्सिन को बाहर निकालता है। इस वजह से भी ऐसा महसूस होता है जैसे तेज पेशाब लगी हो।

जैसे-जैसे शिशु गर्भाशय में बड़ा होता जाता है वैसे ही ब्लैडर पर दवाब बढ़ता जाता है। जिस वजह से आपको बार बार ऐसा महसूस होता है कि आपको तेज पेशाब लगी है।

कुछ देर बैठे वॉशरुम में

कुछ देर बैठे वॉशरुम में

आप जब भी वाशरूम में जायें तो वहां बाथरूम करने के बाद भी कुछ देर रुकें रहें। पॉट पर कुछ देर ऐसे बैठना आपको अजीब लगेगा लेकिन यकीन मानिए फिर कुछ ही देर में आपको फिर से पेशाब जैसा महसूस होगा और तब दोबारा पेशाब करने के बाद आप काफी देर तक आराम से रह सकेंगी।

आगे की तरफ झुक के बैठे

आगे की तरफ झुक के बैठे

इसके अलावा जब आप पॉट पर बैठे तो इस दौरान शरीर को आगे की तरफ झुका लें। इससे ब्लैडर पर दवाब बढ़ जाता है और वो ठीक तरह से खाली हो जाता है। बार-बार बाथरूम जाने की समस्या से छुटकारा पाने का यह एक आजमाया हुआ तरीका है।

कोल्‍ड ड्रिंक कम पीएं

कोल्‍ड ड्रिंक कम पीएं

इसके अलावा आप ऐसे पेय पदार्थों को कम सेवन करें जो डाइयुरेटिक की तरह काम करते हों। जैसे कि चाय, कॉफ़ी और पैक्ड ड्रिंक्स का सेवन कम कर दें क्योंकि इनके सेवन से बार बार पेशाब लगने लगती है।

 कीगल एक्‍सरसाइज करें

कीगल एक्‍सरसाइज करें

रोजाना कीगल एक्सरसाइज करें जिससे आपके पेल्विक हिस्से की मांसपेशियां मजबूत हों और उन पर बेहतर कंट्रोल कर सकें।

 रात को ज्‍यादा पानी न पीएं

रात को ज्‍यादा पानी न पीएं

रात में सोने से ठीक पहले बहुत अधिक मात्रा में पानी न पियें। इसके कारण भी रात में सोते समय बार बार पेशाब लगने लगती है। इसलिए रात को सोने से एक घंटा पहले अच्‍छे से पानी पी लें। इसके बाद अगर ज्‍यादा प्‍यास लगे तो एक दो पानी की घूंट ही पीएं ज्‍यादा पानी न पीएं।

लम्‍बे सफर में

लम्‍बे सफर में

अगर आप प्रेगनेंट है और लम्‍बे सफर पर जा रही है तो सोच समझकर पानी पीएं। क्‍योंकि अगर आप ट्रेन से सफर कर रही है तो ध्‍यान रखे रेलवे के टॉयलेट बहुत ही गंदे होते है। संक्रमण का खतरा भी रहता है अगर आप बस से जा रही हैं तो बस स्‍टॉप का बहुत समस्‍या रहती है। इसलिए सफर के दौरान भी सोच समझ‍कर पानी पीएं हो सकें तो अपनी निजी वाहन से ही सफर करें।

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