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बार-बार गर्भपात होने की वजह से मां बनने की ख्वाहिश अधूरी ही रह गई, जानिए कारण?
क्या आप प्रेंगनेट होना चाहती है लेकिन बार बार मिसकैरेज के वजह से आप संतान सुख से दूर हैं। बार बार हो रहे मिसकैरेज से आप काफी परेशान और दुखी है। मिसकैरेज अक्सर बिना किसी कारण के हो जाता है, जो इससे समझने में और कठिनाई पैदा करता है। जहां एक ओर मिसकैरेज की वजह से इमोशनल कमजोर महसूस करती है वहीं बार बार मिसकैरेज की वजह से शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं।
वैसे तो गर्भपात होना इन दिनों बेहद आम हो गया है, लेकिन एक से ज्यादा समय गर्भपात होना बहुत बड़ी समस्या हो सकती हैं। इससे मां बनने की कोशिश कर रही महिलाएं संक्रमण की चपेट में आ सकती है। आइए जानते है कि बार बार गर्भपात किन कारणों की वजह से होता है, और कंसीव करने की कोशिश कर रही महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्रोमोजोम की वजह से
गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में गर्भपात होने का कारण क्रोमोजोम की समस्या हो सकती हैं यह कोई खास समस्या नहीं हैं। क्रोमोजोम की समस्या बिना किसी वजह के ही उत्पन्न हो जाती हैं। इस समस्या के होने पर महिला के गर्भ में भूर्ण पूरी से विकसित नहीं हो पाता।

अधिक उम्र में गर्भधारण करने की वजह से
महिला की अधिक उम्र भी गर्भपात की एक वजह हो सकती हैं। महिला की अधिक आयु होने पर उसके गर्भ के शिशु में कुछ असामान्य गुणसूत्रों की संख्या अधिक पाई जाती हैं। जिसके कारण महिला का गर्भपात हो जाता हैं।

वजन बढ़ने से
महिला का गर्भपात होने की एक वजह महिला को किसी प्रकार की बीमारी होना भी हो सकता हैं। यह सम्भावना उन महिलाओं में अधिक होती हैं जिनका वजन लगातार बढ़ता जाता हैं। वजन बढने से परेशान महिलाओं में से अधिकतर को मधुमेह या थायराइड की बिमारी होती हैं। इन दोनों रोगों में से किसी एक रोग से ग्रस्त महिला में यह रोग अनियंत्रित हो जाता हैं। तो गर्भपात की सम्भावना बढ़ जाती हैं।

हार्मोन संबंधी समस्याएं
ऐसा कहा जाता है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर रहना बहुत जरूरी होता है। लेकिन डायबिटीज, थायराइड और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं भी गर्भावस्था के शुरुआती दिनों के दौरान गर्भपात कारण बन सकती हैं।

चिपचिपा रक्त की वजह से
गर्भपात होने के कारण एंटी फोस्फो लिपिड सिंड्रोम या स्टिकी रक्त सिंड्रोम (चिपचिपा रक्त) हो सकते हैं। इन दोनों सिंड्रोम की वजह से रक्त के थक्के रक्त वाहिकाओं में जम जाते हैं। जिसके कारण गर्भपात हो जाता हैं।

यौन संचारित संक्रमण की वजह से
यौन संचारित संक्रमण होने पर भी गर्भपात हो सकता हैं. महिला को यौन संचारित संक्रमण होने पर पोलिसिस्टिक या फिर क्लैमाइडिया नामक दो अंडाशय से सम्बन्धित दोष उत्पन्न हो जाते हैं. ये दोनों महिला के हार्मोन्स को प्रभावित करते हैं. जिससे गर्भपात होने की सम्भावना महिला में बढ़ जाती हैं.

ये भी कारण होते है मुख्य
बार बार गर्भपात होने के पीछे एक ये कारण भी मुख्य होता हैं। शरीर में हार्मोन्स की अस्थिरता या चोट लगने की वजह से भी हो सकती है। इसके अलावा किसी दिमागी सदमे या मनोरोग की वजह से भी बार बार गर्भपात हो सकता है। गर्भावस्था में कसे हुए कपड़े पहनने या अधिक सफर करने से भी गर्भपात हो सकता है।

इन बातों का रखे ध्यान
अगर गर्भवती स्त्री का पहले भी गर्भपता हो चुका है तो दूसरी बार गर्भवती होने पर समय समय पर चिकित्सक से जांच करवाते रहना चाहिए। इस दौरान इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि गर्भवती महिला किसी बात का स्ट्रेस या तनाव न लें।



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