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क्या आप जानती है IUI प्रेग्नेंसी के लक्षणों के बारे में
इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताएंगे कि आईयूआई प्रेग्नेंसी के 6 लक्षणों के बारे में जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरुरी है
मां बनना एक महिला के लिए सबसे बड़ी खुशी होती है। लेकिन कुछ महिलाओं को ये खुशी पाने के लिए काफी कोशिश करनी पड़ती है। जिसके बाद उन्हें बच्चे का सुख मिलता है मिलती है। आईयूआई प्रेग्नेंसी भी इसी का एक हिस्सा है । कुछ महिला जो नॉर्मल तरीके से गर्भधारण नहीं कर सकती हैं ।
वो आईयूआई के जरिए यानि इंट्रायूटेरिन इनसेमीनेशन के जरिए गर्भधारण करती है। यह कृत्रिम प्रक्रिया गर्भधारण करने का एक तरीका है जो जल्दी गर्भधारण करने में मदद करता है । इसलिए अगर आप भी इस प्रक्रिया के जरिए गर्भधारण करना चाहती हैं या फिर कर रही हैं तो आज हम आपको इसके कुछ लक्षणों के बारे में में बताएंगे जिनकी जानकारी रखना आपके लिए बेहद जरुरी है।

1- क्या है इंट्रायूटेरिन इनसेमीनेशन (आईयूआई)
आईयूआई प्रेग्नेंट करने की एक तकनीक है। जिसके जरिए ओव्यूलेशन के समय गर्भ में पहले से तैयार शुक्राणु को इंजेक्ट किया जाता है। इससे पहले गर्भधारण कर रही महिला को अंडे का उत्पादन करने और ओव्यूलेशन को उत्तेजित करने के लिए प्रजनन दवाइयों का सेवन करना होता है । जिससे गर्भ में भ्रूण बन सके।

2- आईयूआई प्रेग्नेंसी के लक्षण
अगर आप आईयूआई तकनीक के माध्यम से गर्भाधारण करने के बारे में सोंच रही हैं । तो इससे पहले आपको प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले लक्षणों को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए। जिससे आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो।

3- इम्प्लान्टेश ब्लीडिंग
जब भ्रूण गर्भाशय की दीवारों को इम्प्लान्ट करता है तो इम्प्लान्टेशन ब्लीडिंग होती है। इस इम्प्लान्टेशन के कारण खून का स्राव होता है। जो मासिक धर्म से पहले की स्पॉटिंग की तरह लगता है। इस प्रक्रिया के दो हफ्ते बाद आपको रक्तस्राव का अनुभव होगा। लेकिन इससे आपको घबराने के जरुरत नहीं है क्योंकि यह पूरी तरह से सामान्य है। इस प्रक्रिया के जरिए आप गर्भवती होती है। गर्भधारण करने के 6 से 12 दिनों के बाद आपको इसी तरह के रक्तस्राव का अनुभव हो सकता है। और पेट में हल्की सी ऐंठन भी महसूस हो सकती है।

4- स्तनों का कोमल होना
इस प्रक्रिया के जरिए गर्भधारण करने के बाद आपके स्तन संवेदनशील और कोमल हो जाते हैं। इस दौरान आपके स्तनों में थोड़ा दर्द भी महसूस होगा। अगर पीरियड्स गैप होने के बाद आप लगातार ऐसा महसूस कर रही हैं। तो आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें और अपनी प्रेग्नेंसी की जांच कराए।

5- कमजोरी और थकान
कृत्रिम इनसेमीनेशन को दौरान आपको शरीर में कुछ अलग तरह से प्रतिक्रिया से गुजरना पड़ता है। जैसे आपको तनाव, थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। प्रोजेस्टेरोन के उच्च स्तर के कारण आपको पूरे समय लगता है कि आपको नींद आ रही है और आपको हर समय थकान महसूस होती है।

6- जी मिचलाना की होगी अनुभूति
एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ते स्तर के कारण आपको जी मिचलाने का अनुभव होता है। आप दिन के किसी भी समय इसे महसूस कर सकती हैं। इस दौरान आपको अजीब गंध का एहसास हो सकता है । जिसके कारण आपको उल्टी भी आ सकती है।



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