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पैसों के लिए या प्यार के लिए करें शादी? क्या है ज्यादा जरूरी?
शादी दो लोगों के बीच एक पवित्र बंधन होता है। लोग या तो अरैंज मैरिज करते हैं या फिर लव मैरिज। लोग चाहते हैं कि कोई उनसे प्यार करे, उनका ख्याल रखे और उन्हें जीवन भर खुश रखे, इसलिए वे शादी करते हैं। पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शादी को पैसों से जोड़कर देखते हैं। वे उनसे शादी करते हैं जिनका आफर सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। भले ही यह आपको अजीब लगे, पर यही सच्चाई है। ऐसे लोग सिर्फ और सिर्फ पैसों के लिए शादी करते हैं।
हालांकि जो शादियां पैसों के उद्देश्य से होती हैं, वे भी सफल होती हैं। शादी पैसों के लिए की जाय या प्यार के लिए, यह आज भी एक बड़ा सवाल है। प्यार का जीवन में काफी महत्व है, पर क्या पैसों की महत्व को नजरअंदाज किया जा सकता है? बढ़ती महंगाई के कारण लोग व्यवहारिक रूप से भी सोचने लगे हैं। पूरी जिंदगी जीने के लिए प्यार काफी नहीं हो सकता। अगर आपके पास पैसा न हो और आप समस्याओं से घिर जाएं, तो प्यार आपकी मदद कभी नहीं कर सकता।
ऐसे कई उदाहरण और कारण हैं, जिससे पता चलता है कि पैसों के लिए शादी करना प्यार के लिए शादी करने से बेहतर है। आइए हम आपको बताते हैं कि आपको प्यार के लिए शादी करनी चाहिए या पैसों के लिए:-

सुरक्षा : आप पैसों के लिए शादी करें या प्यार के लिए, आपका भविष्य जरूर सुरक्षित होना चाहिए। वित्तीय स्थायित्व ही सुरक्षा का दूसरा नाम है। एक अच्छी सलाह यही हो सकती है कि आप ऐसे व्यक्ति से शादी करें जो आपको वित्तीय सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान कर सके। यकीनन प्यार बेहद जरूरी है, पर सुरक्षा को कमतर नहीं आंका जा सकता। बेहतर भविष्य के लिए कुछ न कुछ आश्वासन तो होना ही चाहिए। भले ही आप पैसों के बहुत लालची न बनें, पर इतना पैसा तो होना ही चाहिए जिससे शादी के बाद आपका भविष्य सुरक्षित रहे।
आराम : आराम का मतलब लक्जरी से नहीं लगाया जाना चाहिए। शादी के बाद बुनियादी जरूरतों की अच्छी उपलब्धता तो होनी ही चाहिए। सिर्फ प्यार के लिए शादी कर लेना आपको जरूरी आराम नहीं दे सकता। अगर आप उस व्यक्ति से शादी करना चाहते हैं, जिससे प्यार करते हैं, तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि शादी के बाद आपकी बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी या नहीं।
संतुष्टि : बेशक किसी रिश्ते को बरकरार रखने के लिए प्यार बेहद जरूरी है। पर एक परिवार के लिए पैसा और दौलत भी उतना ही अहम है। एक परिवार के लिए संतुष्ट जीवन के लिए पैसा बहुत महत्वपूर्ण है। हर महिला चाहती है कि उनके परिवार की जिंदगी अच्छी हो और उनकी जरूरतें पूरी हों। इसी तरह एक पुरुष की भी जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी पत्नी और परिवार को खुश व संतुष्ट रखे। शादी चाहे प्यार के लिए हो या दौलत के लिए, दोनों के लिए एक संतुष्ट जीवन की जरूरत होती है। पैसों के लिए शादी करना प्यार के लिए शादी करने की तुलना में ज्यादा संतोषपरद होता है।
पारिवारिक बंधन : हमारे समाज की वर्षों पुरानी अरैंज मैरिज की व्यावस्था दरअसल दौलत पर ही आधिरित थी। माता-पिता एक ऐसे पार्टनर की तलाश करते थे जिसकी जाति, समाज और रुतबा बराबर हो। पैसों के लिए शादी करना कोई नई बात नहीं है, क्योंकि हमारे बाप-दादा ने भी ऐसा ही किया था। ऐसी स्थिति में शादी के बाद पति-पत्नी के बीच प्यार पनप जाता है। पैसों के लिए शादी करना यानी अरैंज मैरिज में ऐसे पार्टनर की तलाश की जाती थी जो कि बराबर जाति और स्टैंडर्ड का हो। प्यार के लिए शादी करना एक तरह से सामाजिक ताने-बाने को तोड़ देना है।
दीर्घकालिक : हो सकता है आपको थोड़ा अटपटा लगे पर पैसों के लिए की गई शादी प्यार के लिए की गई शादी की तुलना में ज्यादा लंबे समय तक चलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ समय बाद प्यार का जुनून उतर जाता है। इसकी जगह हर दिन की समस्याएं, पारीवारिक जरूरतें और काम का तनाव ले लेता है। कई बार स्थिति बहस और लड़ाई तक भी पहुंच जाती है। हालांकि यह सब पैसों के लिए की गई शादी में भी होता है। पर साइकिल पर रोने से अच्छा है कि बीएमडब्लू में बैठ कर रोया जाए।



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