Latest Updates
-
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग
शादी से पहले क्यूं मिलाई जाती है कुंडली? जानिये 4 कारण
हिंदू धर्म में कुंडली का अह्म रोल होता है। शादी किए जाने से पहले लोग अक्सर कुंडली का मिलान करते हैं जिससे वह वर और वधु के ग्रह-नक्षत्रों का मेल करते हैं और जानते है कि उन दोनों का वैवाहिक जीवन कैसा होगा। हालांकि, कई धर्म और जातियों में कुंडली का मिलान नहीं किया जाता है और लोग आपसी पसंद और चयन से ही विवाह कर लेते हैं।
MUST READ: पतियों के रहस्य जो पत्नियों को जानने चाहियें
कई बार मन में सवाल उठता है कि आखिर कुंडली को मिलाया क्यों जाता है और क्या इसके मिलाने से वाकई में कोई फर्क पड़ता है। शादी करने के लिए कुंडली को मिलवाये जाने के चार कारण निम्न प्रकार हैं:

1. शादी कितनी चलेगी: कुंडली को हिंदू धर्म में शादी का सबसे पहला चरण माना जाता है जिसमें भावी वर और वधु की जन्मकुंडली को बनवा कर उसे आपस में मिलाया जाता है कि उनके कितने गुण रहे हैं। इससे उनके वैवाहिक जीवन का अंदाजा लगाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पुरूष और महिला की प्रकृति, शादी के बाद परिवर्तित हो जाती है जो आपस में एक-दूसरे के व्यवहार से ज्यादा प्रभावित होती है। यही कारण है कि कुंडली को मिलाकर जान लिया जाता है कि उन दोनों की आपस में कितनी पटरी खाएगी।

2. रिश्ते का चलना: कुंडली में गुण और दोष होते हैं जिन्हे शादी से पहले मिलाया जाता है ताकि यदि कोई गंभीर दोष जैसे- मंगली आदि निकलता है, तो रिश्ते को आगे न बढ़ाया जाएं। वरना उन दोनों को समस्या हो सकती है। कुंडली में कुल 36 गुण होते है जिनमें से कम से कम 18 गुण मिलने पर ही शादी की जाती है। इससे कम गुण मिलने पर पंडित शादी करने से इंकार कर देते हैं।

MUST READ: सुहागरात को यादगार बनाने के 12 तरीके
गुण मैचिंग के निम्न क्षेत्र होते हैं:
- वर्ण- जाति का मिलान करने के लिए
- वैश्य- आकर्षण
- तारा- अवधि
- योनि- स्वभाव और चरित्र
- ग्रह मैत्री- प्राकृतिक दोस्ती
- गण- मानसिक क्षमता
- भकोट- दूसरे को प्रभावित करने के लक्षण
- नाड़ी- बच्चे के जन्म की संभावना

3. मानसिक और शारीरिक दक्षता: भावी वर और वधु का व्यवहार, प्रकृति, रूचि और क्षमता के स्तर को जानकर आपस में कुंडली के माण्यम से मिलाया जाता है। अगर दोनों के इन गुणों में दोष पाया जाता है तो शादी नहीं की जाती है। माना जाता है कि जबरन शादी कर देने पर दोनों ज्यादा समय तक साथ नहीं रह पाते हैं।
MUST READ: क्या है जन्म से मांगलिक होने की सच्चाई

4. वित्तीय स्थिति कैसी रहेगी और परिवार के साथ कैसी बनेगी: कुंडली को मिलाकर जाना जाता है कि भावी दम्पत्ति की वित्तीय स्थिति कैसी रहेगी, उनका परिवार कैसा चलेगा। उनकी संतान कितनी होगी। उनके जीवन में कोई संकट आएगा या नहीं। ये सब कुंडली को मिलाकर जाना जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications