नाभि में तेल की चंद बूंदों से पाएं सारे दर्द और तकलीफों से छुटकारा

Oiling Belly Button gives amazing Health benefits | नाभि में तेल लगाने के ये फायदे | Boldsky

प्राकृतिक तेलों को आयुर्वेद में मुख्‍य स्‍त्रोत माना है। एसेंसशियल तेल से लेकर वाहक तेल तक बॉडी पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। वाहक तेल यानी carrier oils को वनस्‍पति तेल भी कहा जाता है। जिनका उपयोग आवश्‍यक तेलों को हल्‍का बनाने के लिए किया जाता है। प्राकृतिक तेल न सिर्फ शारीरिक और मा‍नसिक विकास के लिए अच्‍छे माने जाते है बल्कि ये आपको आध्‍यात्‍म और इमोशनल लेवल पर भी प्रभावित करते हैं।

आप मानेंगे नहीं लेकिन ये तेल हमारा सौंदर्य बढ़ाने में भी बहुत मदद करता हैं। बालों में तेल लगाने के बारे में आपने सुना होगा लेकिन नाभि में तेल लगाने के चमत्‍कारी फायदों के बारे में आपने सुना है? नहीं ना अगर आपकी त्‍वचा ड्राय है या आपके पेट में दर्द है तो नाभि में कुछ बूंदे तेल की लगाने से आप कई तरह की समस्‍याओं से निजात पा सकती है। नाभि शरीर का बहुत ही महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है, इससे शरीर के कई महत्‍वपूर्ण चक्र जुड़े हुए हैं।

आज हम आपको इस आर्टिकल में नाभि में तेल लगाने के कुछ रहस्‍यों के बारे में बताएंगे।

अदरक और पुदीनें का तेल

अदरक और पुदीनें का तेल

अपच, दस्‍त ओर फूड पॉयजिंग जैसी समस्‍या है, जिसकी वजह से बहुत तेज दर्द हो रहा है। तुरंत राहत के लिए नाभि में अदरक और पेपरमिंट का तेल लगा ले। इससे आपको राहत मिलेगी। कुछ देर में ही आपको इसका रिजल्‍ट दिखेगा।

 अरंडी का तेल

अरंडी का तेल

क्‍या आपके घुटने काफी समय से दर्द हो रहें हैं, रात को सोने से पहले अपने नाभि में अरंडी का तेल लगाएं।

नीम का तेल

नीम का तेल

अगर आप मुहांसों की समस्या से परेशान हैं तो आपको नीम के तेल को नाभि में लगाना चाहिए, रात को सोते हुए नाभि में नीम के तेल की कुछ बूंदे डाले और अंगुलियों से हल्‍की मसाज करें, इससे आपके कील-मुहांसे दूर होने लगेंगे।

ऑलिव ऑयल और नारियल का तेल

ऑलिव ऑयल और नारियल का तेल

अगर आप मां बनना चाहती है और प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए आपको ऑलिव ऑयल और नारियल तेल को मिलाकर नाभि में लगाना चाहिए। यह तेल पुरुष और महिला दोनों ही लगा सकते हैं। जहां महिलाएं ये तेल लगाकर मासिक धर्म संबंधी समस्‍याओं से निजात पा सकती हैं। वहीं पुरुषों के स्‍पर्म काउंट की क्‍वालिटी बेहतर होती है।

टी ट्री ऑयल और सरसों का तेल

टी ट्री ऑयल और सरसों का तेल

नाभि शरीर का बहुत ही सेंसेटिव पार्ट होता है, क्‍योंकि नाभि बैक्टिरिया और कवक की वजह से गंदी हो जाती है। कोई भी संक्रमण आसानी से विकसित हो सकता है। या किसी चोट की वजह से संक्रमण हो सकता है।

बैक्‍टेरिया और संक्रमण से बचने के लिए कुसुम, जोजोबा, ग्रेप्स सीड, या इसी तरह के अन्य हल्के तेलों को रूई में लगाकर नाभि में लगायें और धीरे-धीरे मैल साफ़ करें। आप संक्रमण को दूर करने वाले अ नाभि को नम बनाकर रखने के लिए टी ट्री ऑयल और मस्टर्ड ऑयल लगाएं।

चंदन और रोजवुड ऑयल

चंदन और रोजवुड ऑयल

आयुर्वेद में नवल चक्र ऊर्जा और कल्‍पना का महत्‍वपूर्ण स्‍त्रोत है। नवल चक्र आप में रचनात्‍मकता का विकास करता हैं। नवल चक्र शरीर के बीचों बीच होता है। इससे शरीर के बाकी चक्र जुड़े होते हैं। नवलचक्र की सुरक्षा के लिए आप नहाने के बाद या सोने से पहले चंदन और रोजवुड ऑयल को आपस में मिलाकर लगाएं।

 बादाम का तेल

बादाम का तेल

मौसम बदल रहा हैं। चेहरा सुखा ओर बेजान होता जा रहा है तो बादाम का तेल लीजिए और अंगुलियों से हल्‍की मालिश करते हुए अपनी नाभि में लगाएं और फिर अच्‍छी नींद ले ले।

घी

घी

आपके होंठ फट रहें है और अगर आप गुलाबी और सुर्ख होठों की लालसा रखती है तो रात को सोते हुए नाभि में घी लगाएं। इससे आपके होठ गुलाबी होने के साथ ही नर्म रहेंगे।

पुदीने अदरक का तेल

पुदीने अदरक का तेल

पीरियड आ गए और बहुत तेज दर्द हो रहा है समझ नहीं आ रहा क्‍या करें? ये दर्द हर महीनें होता है और इस तरकीब से आपका दर्द छू मंतर हो जाएंगा। आपको करना कुछ नहीं है बस पुदीने अदरक के तेल में सरु और क्‍लारी मिलकर लगाएं।

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