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स्वस्थ त्वचा के साथ लें मॉनसून का मजा
बारिश का मौसम किसे नहीं पसन्द है। चारों तरफ हरियाली, बारिश की बौछारें, शीत हवा से मौसम और भी सुहावना लगता है। पर क्या यह मौसम आपकी स्किन के लिए भी अच्छा है? मानसून का मौसम अपने साथ स्किन समस्याएं लेकर आता है जैसे त्वचाशोथ, पित्ती, दाद आदि। आइए जाने मानसून में यह समस्यायें क्यूं होती है और इनसे बचने के क्या उपाय है यह आपको जीवा आयुर्वेदा के आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान बता रहे है
बारिश में स्किन सम्बन्धी समस्यायें होने के प्रमुख कारण मानसून के मौसम में हमारे शरीर में मेटाबलिज़्म और पाचनक्रिया के लिए जिम्मेदार तत्व, पित्ता जब असंतुलित हो जाता है, तब स्किन समस्यायें जन्म लेती है। मानसून में स्किन समस्यायें क्यो बढ़ जाती है ? रूसी दूर करने के लिये आयुर्वेदिक उपचार
हमारे शरीर के तीन दोषो में असन्तुलन होता है जिनमें प्रथम दोष होता है पित्ता। पित्ता शरीर में गर्मी को दर्शाता है इसलिए ऐसे भोजन या कार्य जिनसे आपका शरीर गर्म रहे, उन्हें कम करना चाहिए। इसके अंतर्गत, गर्म, मिर्चेदार या तेलीय भोजन आते है। एसिडिक भोजन जैसे टमाटर, सिट्रस फूड्स, दही या सिरका से भी बचना चाहिए। ज्यादा सूरज की रौशनी में रहना, बहुत अधिक चाय, काफी, शराब या स्मोकिंग से भी पित्ता बढ़ता है।
बारिश के दिनों में सड़क के बहते गंदे पानी से भी आपके पैरों में कई प्रकार के संक्रमण जन्म लेते हैं। कैसे रखे बारिश के मौसम में अपने स्किन का ख्याल, आइए जानते हैं कुछ आयुर्वेदिक उपचारों के साथ -

तेलीय और मिर्चदार भोजन से बचिएः-
अच्छी त्वचा के लिए बारिश के मौसम में तेलीय और मिर्चदार और अत्यधिक खट्टा भोजन से दूर ही रहना उचित होता है क्योंकि इस प्रकार का भोजन आपका पाचनतंत्र खराब कर देता है। हलके और आसानी से पचाए जाने वाले भोजन जैसे उबली हुई सब्जियां, सलाद, मूंग दाल, खिचड़ी, फल,चने और जौ के आटे का सेवन करना लाभदायक होगा।

पित्त बढ़ाने वाली ड्रिंक्सः
सुबह की चाय किसे नहीं पसंद होती है। लेकिन इसका सेवन कम करना ही बारिश के मौसम में उचित होगा। हर्बल टी का सेवन करके आप स्वस्थ रह सकते हैं।

त्वचा को ना होने दी गीलाः
अगर आपकी त्वचा अधिक समय के लिए भीगी हुई रहती है तो इससे कई प्रकार के चर्म रोग उत्पन्न हो सकते हैं। यह अत्यधिक जरूरी है कि बारिश के दिनों में आप अपनी त्वचा को सूखा एवं साफ रखें। हो सके तो एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें।

वीटग्रास टानिक का सेवन :-
आपकी स्वस्थ त्वचा के लिए बीटग्रास एक लाभदायक टानिक है। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ मानसून में आपको स्किन समस्याओं से भी बचाता है। बीटग्रास में एंटीओक्सीडेन्ट्स की मात्रा अधिक होती है और खून को डीटाक्सीफाई करने में अत्यन्त लाभदायक होता है

खूब पानी पिये :-
8 से 10 ग्लास पानी का सेवन जरूर करें, स्किन को हाईड्रेटेड रखने के लिए पानी पीना इस मौसम में अत्यधिक जरूरी होता है ताकि आपकी स्किन की चमक बरकरार रहे।

ताजा खाना ही खाये :-
एक अच्छे स्तर पर आपका शरीर काम करे, उसके लिए उपयोगी हे कि आप ताजा एवं स्वच्छ भोजन ही खाए। पैक्ड, रेफ्रीजीरेटेड या प्रासेस्ड भोजन न करें। बर्गर, पिज्जा, चिप्स खाने से बढि़या यह होगा कि आप घर का बना भोजन खाए। अत्यधिक फल और सब्जियों का सेवन करें।

एल्कोहलिक स्किन क्लीनजर्स से बचे :-
एल्कोहलयुक्त त्वचा क्लीनजर्स से बचना चाहिए क्योंकि यह त्वचा में खुजली उत्पन्न करने के साथ उसे सूखा कर देती है। हर्बल साबुन, क्लीनजर्स एक दूसरा विकल्प हो सकता है जिससे आपकी त्वचा अत्यधिक तेल, धूल और बैक्टीरियल संक्रमण से बच सकते हैं। जीवा सिट्रस लेमेन, एक ऐसा क्लीनजर है जो कि नींबू और संतरे के हर्बल से बना होता है।

ठंडे हर्बस का इस्तेमाल :-
ऐसे हर्बस जिनकी तासीर ठंडी होती है, शरीर पर उनका इस्तेमाल करना लाभदायक होगा। अमला जैसा डिटाक्सीकाई तत्व लीवर और पाचन में फायदेमंद होता है। साथ ही विटामिन सी और दूसरे मिनरल्स का यह एक अच्छा स्रोत है। चमकदार स्किन काम्पलेक्सशन के लिए भी यह असरदार होता है।

ऐलोवेरा जेल का सेवन :-
ऐलोवेरा जेल स्किन प्यूरीफायर होता है। सुबह खाली पेट 2-3 चम्मच ऐलोवेरा जेल का सेवन करना चाहिए। आप ताजा एलोवेरा जेल अपने चेहरे पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिनसे एन्टी टैनिंग, एजिंग और माइक्रोबियल समस्याओं से बचा जा सकता है।

हर्बल खाद्य चूरन का उपयोग :-
हर्बल पाउडर जैसे त्रिफला और दूसरे हर्बल चूरन का प्रयोग करना अति लाभदायक होता है। त्रिफला पाउडर को एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचक्रिया अच्छी और बेहतर रहती है, जिससे आपकी त्वचा स्वस्थ बनी रह सकती है।



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