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बच्चों में भी डालें योग की अच्छी आदत

अच्चा इंसान बनने में भी मदद करेगा।
उन्हें प्रेरित करें-
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को पांच साल की उम्र से ही योग आदत शुरु करवा देनी चाहिए। हांलाकि उन्हें योग सिखाने में कोई परेशानी नहीं आती पर योग करते वक्त सांस लेने और छोडने की सही विधी का ज्ञान होना अति आवश्यक है इसलिए यह बहुत जरुरी है कि आप अपने बच्चे को किसी अच्छे योग ट्रेनर के माध्यम से ही योग सिखाएं। अगर आप खुद ही योग करते हैं तो अपने बच्चे को भी यह करने की प्रेरणा दें। उसे संग में योग करने को कहें और कुछ आसान से आसन भी सिखा दें। उनकी रुची बढाने के लिए उन्हें बताएं कि योग के आसनों के नाम वनस्पति, पक्षी और जानवरों के नाम पर आधारित होते हैं। आप ऐसा भी कर सकते हैं कि उन्हें किसी पास के योगा सेंटर में ले जा कर दूसरे छोटे बच्चों को योगा करते हुए दिखाएं जिससे वह जरुर प्रेरित होगें। आज कल स्कूलों में भी योग की कक्षाएं होती हैं इसलिए अगर आपके बच्चे के स्कूल में भी ऐसी सुविधा उपलब्ध है तो उन्हें उसमें जरुर भर्ती करवाएं।
बच्चों के लिए कुछ आसान योग आसान-
ताड़ासन, वज्रासन, शवासन, भुजंगासन, कोणासन, त्रिकोणासन, पवनमुक्तासन, धनुरासन और पदमासन।
योग से होने वाले लाभ-
1. योग उन्हें शारिरिक और मासिक रुप से स्वस्थ्य बनाता है।
2. अधिक आत्मविश्वासी बनाता है
3. आत्म सचेत करके सजग रहने में मदद करता है।
4. बीमारी से लडने की क्षमता प्रदान करता है।
5. थकान दूर करने में मद करता है।
6. उनकी सांस लेने की क्षमता को बढ़ा कर उनके फेफड़ों का विस्तार करता है।
7. एकाग्रता बढ़ाता है।
8. मूड स्विंग की समस्या को ठीक करता है।
9. जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।
10. शरीर, मन और आत्मा को एकीकृत करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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