Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
कमर दर्द के लिये योग
कमर दर्द का शिकार रहे लोगों का कहना है कि डाक्टरों की सलाह के बजाय इस बीमारी में योग अधिक कारगर सिद्ध होता है। वहीं इससे जीवनशैली में अधिक सुधार होता है और शरीर भी स्वस्थ रहता है। योग की विभिन्न क्रियाओं के अभ्यास से मेरूदंड की कठोरता खत्म हो जाती है जिससे कमर दर्द में आराम मिलता है। आइये जानते हैं कुछ ऐसे योग जिनकी मदद से आप कमर दर्द दूर भगा सकते हैं।

ताड़आसन
इसको करने के लिये सीधे खड़े हो जाएं और एड़ी-पंजों को समानान्तर क्रम में थोड़ा दूर रखें। हाथों को ऊपर ले जाते वक्त अंदर की ओर सांस भरें। पैर की एड़ी जमीन से ऊपर उठाकर सावधानी से पंजों के बल खड़े हो जाएं। थोडी़ देर ऐसे ही रहें औट फिर हाथों को नीचे की ओर लाते वक्त सांस छोडे़। पैरों की ऐड़ी को नीचे भूमि पर टिका दें।
भुजंग आसन
इस आसन का नाम कोबरा सांप के आकार को देखते हुए रखा गया है। इसके लिए आप पहले पेट के बल लेट जायें और अपने हाथ आगे की ओर रखें। अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठायें और कंधों को पीछे की ओर धकेलें। इससे आपके सीने और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होगा। इसी पोजीशन में करीब 10 सेकेंड तक रहें।
हलासन
हलासन में शरीर को हल की मुद्रा में रखा जाता है। पीठ के बल भूमि पर लेट जाएं। पैरों को मोड़ें और पैर की उंगलियों को सिर के पीछे ज़मीन से टिकाएं। पैरों को सीधा करते हुए ऐड़ियों को शरीर से दूर ले जाने की कोशिश करें। बांहों को ज़मीन पर टिकाए रखें.हथेलियां ज़मीन की दिशा में रहनी चाहिए। इस मुद्रा में 30 सेकेण्ड से 2 मिनट तक बने रहें। कमर पर हाथ को रखें और धीरे धीरे वापस सामान्य स्थिति में लौट आएं।
अर्ध मतस्यासन
इस योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले तो पलथी लगाकर बैठना चाहिए। अपने दाएं घुटनों को मोड़कर दाएं पैर को हिप्स के नजदीक लाएं। इस अवस्था में दायां घुटना छत की ओर और तलवा ज़मीन से लगा होना चाहिए। बायां पैर सीधा और ज़मीन से लगाए रखना चाहिए। हिप्स को थोडा नीचे की ओर दबाएं और सिर को सीधा रखे। दाएं हाथ को शरीर से लगाकर पीछे रखें। इस अवस्था में हथेली को ज़मीन पर फैलाकर रखना चाहिए। अपने बाएं हाथ को मोड़कर दाहिनी ओर लाएं। सांस छोड़ते हुए शरीर को दायी ओर घुमाएं। सिर को दायी ओर घुमाकर इस ओर देखें.इस मु्द्रा को दोनों दिशा में 5 से 7 बार दुहराएं। इस मु्द्रा के दौरान गर्दन में तनाव महसूस होने पर सिर को तुरंत सामान्य स्थिति में घुमा लेना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications