अनोखे गुण वाली है अजवायन

भोजन पकाते वक्‍त हम अजवायन का काफी प्रयोग करते हैं। यह बहुत ही गुणकारी होती है इसलिये इसको हम चाह कर भी नजहर अंदाज नहीं कर सकते।

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घरों में तो अजवाइन का खट्टा-मीठा चूरन भी बनाकर रखा जाता है जो अक्सर खाने के बाद सेवन मे लाया जाता है। इससे हाजमा बेहतर रहता है। पाचन क्रिया को बेहतर रखने के लिए दादी-नानी अजवाइन की फंकी मार लेने की सलाह देती रहीं है।

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हल्‍दी की ही तरह अजवायन भी मधुमेह रोगियों के लिये बहुत फायदेमंद है क्‍योंकि यह फंगल इंफेक्‍शन से बचाती है। अजवाइन ताजी ही लेनी चाहिए क्योंकि पुरानी हो जाने पर इसका तैलीय अंश नष्ट हो जाता है जिससे यह वीर्यहीन हो जाती है। इसके अलावा अजवायन के बहुत सारे स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं, जिनके बारे में आज हम चर्चा करेगें।

 पाचन क्रिया ठीक करे

पाचन क्रिया ठीक करे

बरसात के मौसम में पाचन क्रिया के शिथिल पड़ने पर अजवायन का सेवन काफी लाभदायक होता है। इससे अपच को दूर किया जा सकता है।

गैस

गैस

अजवायन, काला नमक, सौंठ तीनों को पीसकर चूर्ण बना लें। भोजन के बाद फाँकने पर अजीर्ण, अशुद्ध वायु का बनना व ऊपर चढ़ना बंद हो जाएगा।

झाइयां मिटाए

झाइयां मिटाए

खीरे के रस में अजवायन पीसकर चेहरे की झाइयों पर लगाने से लाभ होता है।

शराब पीने पर

शराब पीने पर

अधिक शराब पी लेने से अगर व्‍यक्ति को उल्‍टियां आ रहीं हो तो उसे अजवाईन खिलाना बेहतर होगा। इससे उसको आराम मिलेगा और भूंख भी अच्‍छी तरह से लगेगी।

गर्भावस्था के दौरान

गर्भावस्था के दौरान

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अजवाइन जरुर खानी चाहिए क्‍योंकि इससे ना सिर्फ खून साफ रहता है बल्कि यह पूरे शरीर में रक्त के प्रवाह को संचालित भी करता है।

कान में दर्द

कान में दर्द

कान में दर्द होने पर अजवाइन के तेल की कुछ बूंदे कान में डालने से आराम मिलता है

दाद-खा़ज

दाद-खा़ज

शरीर में दाने हो जाएं या फिर दाद-खा़ज हो जाए तो, अजवाइन को पानी में गाढ़ा पीसकर दिन में दो बार लेप करने से फायदा होता है। घाव और जले हुए स्थानों पर भी इस लेप को लगाने से आराम मिलता है और निशान भी दूर हो जाते हैं।

गठिया

गठिया

गठिया के रोगी को अजवाइन के चूर्ण की पोटली बनाकर सेंकने से रोगी को दर्द में आराम पहुंचता है। अजवाइन का रस आधा कप में पानी मिलाकर आधा चम्मच पिसी सोंठ लेकर ऊपर से इसे पीलें। इससे गठिया का रोग ठीक हो जाता है।

खांसी

खांसी

अजवाइन के रस में एक चुटकी कालानमक मिलाकर सेवन करें। और ऊपर से गर्म पानी पी लें। इससे खांसी बंद हो जाती है।

गुर्दे का दर्द

गुर्दे का दर्द

गुड़ और पिसी हुई कच्ची अजवाइन समान मात्रा में मिलाकर 1-1 चम्मच रोजाना 4 बार खायें। इससे गुर्दे का दर्द भी ठीक हो जाता है।

बिस्‍तर पर पेशाब

बिस्‍तर पर पेशाब

जिन बच्चे को रात में पेशाब करने की आदत होती है उन्हें रात में लगभग आधा ग्राम अजवाइन खिलायें।

मुंहासे

मुंहासे

2 चम्मच अजवाइन को 4 चम्मच दही में पीसकर रात में सोते समय पूरे चेहरे पर मलकर लगाएं और सुबह गर्म पानी से साफ कर लें।

मसूढ़ों का रोग

मसूढ़ों का रोग

अजवाइन को भून व पीसकर मंजन बना लें। इससे मंजन करने से मसूढ़ों के रोग मिट जाते हैं।

खट्टी डकारें आना

खट्टी डकारें आना

अजवाइन, सेंधानमक, सेंचर नमक, यवाक्षार, हींग और सूखे आंवले का चूर्ण आदि को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 1 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम शहद के साथ चाटने से खट्टी डकारें आना बंद हो जाती हैं।

जुकाम के साथ हल्का बुखार

जुकाम के साथ हल्का बुखार

देशी अजवाइन 5 ग्राम, सतगिलोए 1 ग्राम को रात में 150 मिलीलीटर पानी में भिगोकर, सुबह मसल-छान लें। फिर इसमें नमक मिलाकर दिन में 3 बार पिलाने से लाभ मिलता है।

दमा रोग

दमा रोग

अजवाइन का रस आधा कप इसमें इतना ही पानी मिलाकर दोनों समय (सुबह और शाम) भोजन के बाद लेने से दमा का रोग नष्ट हो जाता है।

मसिक धर्म के समय पीड़ा

मसिक धर्म के समय पीड़ा

मासिक धर्म के समय पीड़ा होती हो तो 15 से 30 दिनों तक भोजन के बाद या बीच में गुनगुने पानी के साथ अजवायन लेने से दर्द मिट जाता है। मासिक अधिक आता हो, गर्मी अधिक हो तो यह प्रयोग न करें। सुबह खाली पेट 2-4 गिलास पानी पीने से अनियमित मासिक स्राव में लाभ होता है।

एसिडिटी

एसिडिटी

एसिडिटी की तकलीफ है तो थोड़ा-थोड़ा अजवाइन और जीरा को एक साथ भून लें। फिर इसे पानी में उबाल कर छान लें। इस छने हुए पानी में चीनी मिलाकर पिएं, एसिडिटी से राहत मिलेगी।

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