इन 7 कारणों से डाइटिंग हो जाती है बेअसर

By Shakeel Jamshedpuri

ऐसे कई कारण है जब कुछ लोगों के लिए डाइटिंग काम नहीं करता है। इनमें से कुछ कारण डाइटिंग की मूल अवधारणा में होते हैं। अगर आप नियमित रूप से कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करना चाहते हैं तो आप में ज्यादा शक्ति होनी चाहिए। पर हम में से ज्यादातर लोगों के पास न ही समय होता है और न ही ऊर्जा। डाइटिंग के काम न करने के दूसरे कारणों में मनुष्य के मूलभूत गुण भी शामिल हैं।

बिना डायटिंग के वजन कम करने के 25 तरीके

आइये जानते हैं कुछ ऐसे महत्‍वपूर्ण कारण जिसकी वजह से आपका वजन कम नहीं हो रहा है, वो भी डायटिंग करने के बावजूद।

1. बहुत ज्यादा व्यस्त होना

1. बहुत ज्यादा व्यस्त होना

डाइटिंग के काम न करने का मुख्य कारण यह है कि ज्यादातर लोग बहुत ज्यादा व्यस्त रहते है और खान-पान के नियम का स्थाई रूप से अनुसरण नहीं कर सकते हैं। ज्यादातर प्रोग्राम के लिए नियमित योजना की जरूरत होती है। ऐसे में हम कई बार डाइटिंग को बरकरार नहीं रख सकते।

2. जरूरत से ज्यादा खाना

2. जरूरत से ज्यादा खाना

धीरे-धीरे खाएं और भूख लगने की निशानियों पर ध्यान दें। अपने शरीर की जरूरतों का ध्यान रखें और अपने वजन को बनाए रखें।

3. इच्छाशक्ति चाहिए, लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं

3. इच्छाशक्ति चाहिए, लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं

डाइटिंग के लिए जरूरी है कि आप नियमों का सख्ती के साथ पालन करें। इसके लिए बहुत ज्यादा इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। हम में से ज्यादातर लोगों में इसका अभाव देखने को मिलता है। अगर आप डाइटिंग में सफल होना चाहते हैं और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको तयशुदा नियमों का पालन तो करना ही होगा।

4. खुद को भोजन से वंचित करना

4. खुद को भोजन से वंचित करना

डाइटिंग के लिए एक खास किस्म का पैटर्न प्रचलन में है। इसमें एक दो हफ्ते का इंडक्शन फेज होता है। आमतौर पर इस फेज में भोजन बिल्कुल भी नहीं लिया जाता है। बेशक इससे आपका वजन कम होगा, पर इस प्रक्रिया में आप पूरी तरह से दयनीय स्थिति में आ जाएंगे। वहीं जब आप धीरे-धीरे भोजन की मात्रा बढ़ाना शुरू करेंगे तो वजन का फिर से बढ़ जाने का खतरा बना रहेगा। आप अपने आपको किसी भी चीज से जबर्दस्त तरीके से वंचित न करें। जहां तक हो सके अपने विवेक का इस्तेमाल करें।

5. आप अपनी भावनओं का ख्याल नहीं रखते

5. आप अपनी भावनओं का ख्याल नहीं रखते

हम में से ज्यादातर लोग भावनाओं में बह कर या दूसरे कारणों से ज्यादा खा लेते हैं। जब हमें कोई परेशान करता है जो हम जल्दी-जल्दी और ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं। यह कितना विरोधाभासी है कि हम अपने पेट से प्यार भी करते हैं और खाने को भी पसंद करते हैं। हर तरह से स्वस्थ भोजन लें, पर इस बात का भी ध्यान रखें कि आप नकारात्मक भावना के दौरान किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं। अगर कोई आपको हतोत्साहित करे तो बहुत ज्यादा खाने के बजाय कुछ बेहतर चीजों को कम मात्रा में खाएं, योगा करें और परिणाम देखें। कठोर डाइट के तनाव से बचते हुए आप अपनी भावनाओं का ख्याल रखकर ज्यादा खाने की समस्या से निजात पा सकते हैं।

6. खाना आनंददायक होता है

6. खाना आनंददायक होता है

हम में से ज्यादातर लोग अच्छे भोजन का मजा नहीं लेते हैं, क्यों कि हम होशहवास में नहीं खाते हैं। अपने पसंदीदा भोजन को पूरी तरह से छोडऩे के बजाय उसे सोच समझ कर खाएं। दूसरी बात यह है कि जब किसी भोजन को खाने के बाद उसका स्वाद बहुत अच्छा न लगने लगे तो उसे खाना बंद कर दें। बिना उद्देश्य के भोजन का सेवन न करें। इससे आपको जल्द ही कुछ बदलाव नजर आने लगेंगे।

7. भोजन का आनंद भी लें और इसे नियंत्रित भी करें

7. भोजन का आनंद भी लें और इसे नियंत्रित भी करें

ये सीखने की कोशिश करें कि कैसे भोजन का आनंद लेकर भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जल्द ही आप यह पाएंगे कि आपने अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर लिया है।

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