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जूडो शरीर के संपूर्ण विकास के लिए अहम
(आईएएनएस)| देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मृत्युजंय सभागार में गुरुवार को उत्तराखंड के पहले सीनियर राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप का उद्घाटन करते हुए विश्वाविद्यालय के कुलाधिपति प्रणव पण्ड्या ने जूडो को शरीर के संपूर्ण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। भारतीय जूडो महासंघ, उत्तराखंड जूडो संघ और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में हो रहे इस चैम्पियनशिप में 26 राज्यों एवं छह विभिन्न विभागों की टीमें हिस्सा लेंगी।
इस अवसर पर पण्ड्या ने कहा, "जूडो एक साहसिक खेल है। इसमें सफलता पाने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ साथ मानसिक दृढ़ता का होना अति आवश्यक है।"

पण्ड्या ने देशभर की महिलाओं को भी जूडो सीखने की सलाह देते हुए कहा, "यदि नारियां जूडो सीखती हैं, तो कई प्रकार की समस्याओं का समाधान खुद कर सकेंगी। READ: पतली कमर पाने के लिए कुछ टिप्स
पण्ड्या ने हाल ही में पाकिस्तान के पेशावर में एक स्कूल में तालिबानी आतंकियों द्वारा हुए बालसंहार पर शोक व चिंता व्यक्त की और घटना में मृतकों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
भारतीय जूडो महासंघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने उद्घाटन करते हुए कहा, "पिछले दिनों हांगकांग में हुई जूडो प्रतियोगिता में भारत ने शानदार सफलता अर्जित की। इससे लगता है कि जूडो के प्रति लोगों का रुझान बढ़ने लगा है।"
उद्घाटन सत्र के दौरान उत्तराखंड जूडो संघ की ओर से पण्ड्या ने शिक्षा, समाज व चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य के पांच विद्वानों को 'उत्तराखंड रत्न' से सम्मानित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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