पैलियो डाइट पोषक या सिर्फ खाने वालों की एक सनक

By Super

मुख्य तौर पर पैलियो (जीवाश्मीय) या केवमैन डाइट के नाम से जानी जाने वाली पाषाण कालीय डाइट से तात्पर्य पुराने समय में गुफाओं में रहने वाले लोगों के द्वारा खाये जाने वाले जंगली पौधों और जानवरों से है। इसके कुछ समर्थक दावा करते हैं कि ये पारम्परिक आहार स्वास्थय के लिए सही हैं और इनसे टाइप 2 शुगर, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप आदि बिमारियों से लड़ने में मदद मिलती है।

इसके आलोचक बताते हैं कि ये केवल अफवाह है जो कि बिना किसी पोषण तर्क के खाने वालों के द्वारा दिया गया है। यह तर्क है या नहीं लेकिन कुछ ऐसे आहार हैं जिनमे पोषक तत्व मौजूद हैं। आइये देखते हैं ऐसे ही कुछ पैलियो खाद्य पदार्थ जो अनेकों बिमारियों से लड़ने में मददगार हैं। हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के डाईट टिप्‍स

चर्बी रहित लाल मांस -

चर्बी रहित लाल मांस -

केवमैन डाइट का सेवन करने वाले लोग चर्बी रहित लाल मांस के लिए घास खाने वाली गाय का मांस या जंगली जानवरों का मांस खाने खाने का सुझाव देते हैं। फ़ूड एडिटिव्स से मुक्त इस मीट में घरेलु मीट के तुलना में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिकता होती है। इसके आलावा रेड मीट में प्रोटीन की अधिकता होती है जो कि हृदय रोग और अन्य हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल से सम्बंधित रोगों से लड़ने में मददगार है।

विटामिन, पोटैशियम और फाइबर युक्त फ्रूट्स -

विटामिन, पोटैशियम और फाइबर युक्त फ्रूट्स -

शिकारियों के द्वारा खाये जाने वाले फलों और बेरों में दूसरी खास बात यह है कि इनमे विटामिन, पोटैशियम और फाइबर की अधिकता होती है। ग्लिसेमिक इंडेक्स के कारण होने वाले ब्लड शुगर के लेवल में परिवर्तन को भी यह नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा इनमे एंटी ऑक्सीडेंट्स की अधिकता भी होती है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। एंटी ऑक्सीडेंट्स शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत कर बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन से शरीर की रक्षा करते हैं।

नट और ड्राई फ्रूट्स -

नट और ड्राई फ्रूट्स -

अखरोट और अन्य ड्राई फ्रूट्स जो कि पैलियो फ़ूड ग्रुप में आते हैं, इनमे माइक्रो नूट्रिएन्ट डेंसिटीज की अधिकता होती है जो कि दिमाग के विकास और कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं। वैज्ञानिक सबूत और रिसर्च इस बात की पुष्टि करते हैं कि रोजाना 1.5 औंस नट्स खाने से एलडीएल का स्तर कम होता है और हार्ट से सम्बंधित बिमारियों का खतरा कम होता है। फैट होने के साथ ही इनमे फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और साइटो नूट्रीएंट्स की भी अधिकता होती है।

मछली और सी फ़ूड -

मछली और सी फ़ूड -

अपने शायद कई बार सुना होगा कि मछली और सी फ़ूड खाने से ओमेगा -3 फैटी में वृद्धि होती है। एक आदर्श आहार के रूप में 0.5-1.8 ग्राम मछली और सी फ़ूड को रोजाना के खाने में शामिल करना चाहिए। इससे आप रक्त के थक्के , दिल के दौरे और स्ट्रोक की जैसी घातक दिल की बीमारियों को रोक सकते हैं। लेकिन ये पैलियो डाइट के मानकों के अनुसार जंगली और शिकार किया हुआ होना चाहिए ना कि फार्मी।

जड़ों वाली सब्जियां -

जड़ों वाली सब्जियां -

गाजर, आलू, मूली आदि से शरीर को आवश्यक कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर और विटामिन्स की पूर्ती होती है। इन खाद्य पदार्थों को पारम्परिक शिकारियों द्वारा खाये जाने खाद्यों में शामिल किया जाता है।

हरे पत्तेदार खाद्य -

हरे पत्तेदार खाद्य -

हरे पत्तेदार खाद्य पदार्थों में साइटो नूट्रीएंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स की प्रचुरता होती है जो कि सम्पूर्ण शारीरिक स्वस्थ्य और फिटनेस के लिए आवश्यक है। यूएसडीए के द्वारा रोजाना कम से कम तीन कप डार्क ग्रीन वेजेटेबल्स खाने की सलाह दी गई है।

अंडे -

अंडे -

प्रोटीन की अधिकता के कारण दिमाग के विकास के लिए अंडे जरुरी हैं। इसके अलावा कई हानिकारक रोगों और बीमारियों को रोकने के आवश्यक महत्वपूर्ण विटामिन और कोलेस्ट्रॉल के लेवल की पूर्ती भी करते हैं।


Story first published: Friday, March 28, 2014, 10:03 [IST]
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