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क्या गेंहू से भारी गैस और पेट दर्द हो सकता है?
यदि आपको गेंहू से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से गैस या पेट दर्द की शिकायत है तो आपको गेंहू से एलर्जी है। यदि आपके साथ भी ऐसा है तो ग्लूटन जैसे गेंहू वाले प्रोटीन के सेवन से आपको तेज पेट दर्द और दस्त होते हैं। ऐसा खास तौर पर कूकीज़, ब्रेड, पास्ता, पिज्जा क्रस्ट और अन्य बेक्ड खाद्य पदार्थों के सेवन से होता है।

कारण
सीलिएक डिजीज (गेंहू से एलर्जी) वाले लोगों में गेहूं के प्रोटीन ग्लूटन से रिएक्शन होता है। हालांकि इसके कारण अनिर्धारित है लेकिन इससे होने वाली परेशानियाँ लिखित और सुझावित हैं।
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यदि आपको सीलिएक डिजीज है तो जब आप गेंहू वाले पदार्थ का सेवन करते हैं तो आपका इम्यून सिस्टम आंत में मौजूद बाल जैसी लाइन (जो कि पोषक तत्वों का अवशोषण करती है) पर अटैक करता है, इससे आप कुपोषण के शिकार हो सकते हैं।
यह परेशानी खास तौर पर यूरोपीय मूल के लोगों में होती है और यह कभी भी पैदा हो सकती है। हालांकि इसकी कोई समान्य उम्र निर्धारित नहीं है, महिलाओं में इसकी एक निश्चित उम्र है।
लक्षण
इसलिए एक डिजीज के लक्षण मुश्किल से गेंहू वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने के 20 से 30 मिनट बाद दिखाई देते हैं और ये हर इंसान में अलग-अलग होते हैं। आपको केवल पेट दर्द और गैस हो सकती है या एक साथ कई लक्षण भी हो सकते हैं। उल्टी, कब्ज, वजन कम होना, पीला दस्त, तनाव, चिंता, दौरा पड़ना, गठिया, हड्डियों में दर्द, खुजली, थकान और एनिमिया आदि इसके अन्य लक्षण हैं।
एलर्जी के बारे में
आपको पाचन से संबन्धित अन्य भी कोई समस्या है तो आपको गेंहू से एलर्जी हो सकती है। यह ग्लूटन एलर्जी से अलग है क्यों कि यह आपके इम्यून सिस्टम में केवल ग्लूटन ही नहीं बल्कि गेंहू में मौजूद अन्य कई प्रोटीन्स की एलर्जी के कारण होती है। एलर्जिक रिएक्शन आपके श्वसन तंत्र और त्वचा को भी प्रभावित कर सकता है।
ज्यादा ज़ोर से गैस बनना और पेट दर्द होना आदि गेंहू की एलर्जी के सामान्य लक्षण हैं, लेकिन आपको सांस कम आना, छींक आना, खांसी और त्वचा की सामान्य सूजन लक्षण भी हो सकते हैं।
इलाज
इसका सबसे सही और असरकारक तरीका है कि आप अपने खाने से गेंहू या ग्लूटन वाले खाद्य पदार्थ हटा दें। कई ऐसी चीजों में भी गेंहू की मात्रा हो सकती है जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं, जैसे कि मसालेदार चीजें, आइस क्रीम आदि।
खाद्य पदार्थों पर "ग्लूटन फ्री" का लेबल देख लें। गेंहू के अन्य विकल्पों जैसे कि चाँवल का आटा, सोया और मक्के का आटा आदि इस्तेमाल कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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