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परीक्षाओं के दौरान बच्चों के लिये खास डाइट प्लान
परीक्षाओं के दौरान बच्चों द्वारा खाने को नजरंदाज किया जाता है। आमतौर पर यह देखा गया है कि बच्चे इन दिनों जंक फूड और देर तक जागने के लिए कॉफी के कई कप पीकर अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं।
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अपने बच्चे का डाइट प्लान पहले ही तैयार कर लें और बच्चे से इस बारे में बात कर लें, ऐसा करके आप इन दिनों होने वाली इस समस्या से निजात पा सकते हैं। हम इसके लिए आपको 10 जाँचे-परखे तरीके बता रहे हैं जो कि आपके लिए मददगार साबित होंगे...

1. हैवी और हेल्दी खाने से शुरुआत करें
ओट्स, मूसली, उपमा, इडली आदि अच्छे विकल्प हो सकते हैं क्यों कि इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे लगातार ग्लूकोज की सप्लाई होती रहती है।

2. थोड़ी-थोड़ी देर में खाते रहें
थोड़ी थोड़ी देर में थोड़ा और पोष्टिक खाना खाते रहने से उन्हें पोषण मिलता रहता है और वे अलर्ट और जागरूक रहते हैं। ताजा फल, फ्रूट स्मूथी, ड्राइ फ्रूट, शहद लगे नट्स,सूप, सलाद आदि अच्छे विकल्प हैं।

3. खाने में प्रोटीन को शामिल करें
कार्बोहाइड्रेट जल्दी पच जाता है जब कि प्रोटीन के स्लो बर्न से लगातार ऊर्जा मिलती रहती है। ज्यादा प्रोटीन वाले खाने(अंडा, पोहा, इडली, डोसा, ढोकला आदि) से रक्त और दिमाग में टायरोसीन (एक अमीनो एसिड) की मात्रा बढ़ती है जिससे दिमागी कोशिकाओं में केमिकल्स का निर्माण होता है जिससे बच्चे अलर्ट और जागरूक रहते हैं।

4. उन्हें हायड्रेटेड रखें
जब बच्चे कमरे में आराम से बैठते हैं और खास तौर पर एसी चलाकर बैठते हैं तो उन्हें प्यास कम लगती है जिससे वे कम पानी पीते हैं। इससे डीहायड्रेशन होता है जिससे शरीर और मन बेचैन सा होता है। वे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। यदि वे ज्यादा पानी पीना पसंद नहीं करते हैं तो उन्हें ताजे फलों का जूस, नींबू पानी, छाछ या ग्रीन टी दें।

5. ज्यादा कॉफी नहीं दें
परीक्षा के समय ज्यादा कॉफी, एनर्जी ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक से सिरासिडीन रिदम बिगड़ जाता है और वे ढंग से नहीं सो पाते हैं।

6. ज्यादा चीनी वाले पदार्थ ना पिये
चॉकलेट, कूकीज़ आदि से ब्लड में अचानक शुगर लेवल बढ़ जाता है। कुछ समय बाद जब पेट खाली होता है तो वापस से ऐसे जंक फूड खाने की इच्छा हो सकती है।

7. ध्यान रहे कि उन्हें तनाव रहित खाना मिले
परीक्षा जैसे तनावपूर्ण समय में, शरीर को घुलनशील विटामिन जैसे कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी, जिंक जैसे मिनरल्स ज्यादा आवश्यकता होती है। ये एडिनल हार्मोन का संश्लेषण और इनकी क्रिया को बढ़ाते हैं जो कि तनाव से लड़ने में मददगार हैं। ब्राउन राइस, नट्स, अंडे, ताजा सब्जियाँ और फल आदि भी ले सकते हैं।

8. उन्हें इस प्रकार का खाना दें जिससे दिमाग ज्यादा काम करे
विटामिन ए, सी और ई जैसे एंटी-ओक्सीडेंट्स फ्री-रेडिकल्स से लड़कर तनाव के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को कम करते हैं। अंडे, मछली, गाजर, कद्दू, हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल आदि से इनकी पूर्ति हो सकती है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और परीक्षा के दौरान बच्चे कम बीमार पड़ते हैं।

9. याददाश्त बढ़ाने वाला खाना भी दें
मछली में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड दिमाग के लिए अच्छा है और इससे याददाश्त बढ़ती है। इसलिए हर सप्ताह दो बार सामन मछली का सेवन करने की सलाह दी जाती है। यदि आप मछली नहीं खा सकते या आस पास अच्छी मछलियाँ नहीं हैं तो आप अलसी, कद्दू के बीज, तिल, सोयाबीन का तेल आदि भी बच्चों को दे सकते हैं। ओमेगा -3 फैटी एसिड के विकल्प भी उपलब्ध हैं।

10. परीक्षा के दौरान बाहर का खाना नहीं खाएं
परीक्षा के समय तनाव ज्यादा और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है जिससे बच्चों में संक्रमण का खतरा रहता है। जितना हो सके परीक्षा के दौरान बाहर का खाना नहीं खाएं। यदि बच्चों की ज्यादा इच्छा होती है तो भरोसेमंद रेस्टोरेन्ट का खाना ही खाएं।



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