Latest Updates
-
मानसून में खुजली और फंगल इंफेक्शन से बचना है? अपना लें डॉक्टर मनीषा के बताए 3 आसान आयुर्वेदिक उपाय -
अजवाइन और काला नमक का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 बीमारियां, जानें पीने का सही तरीका -
38 हजार की नौकरी छोड़ खोली चाय की टपरी, अब हर महीने कर रहा लाखों की कमाई, वायरल हो रही शख्स की कहानी -
खाना खाते समय पानी पीना सही है या गलत? जानिए इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है -
Bhadli Navami 2026: कब है भड़ली नवमी, जिस दिन बिना मुहूर्त किए जाते हैं शुभ कार्य? जानिए तिथि और धार्मिक महत्व -
Fifa World Cup 2026 ट्रॉफी में लगभग 5 किलो सोना, विजेता स्पेन की प्राइज मनी उड़ा देगी आपके होश -
सुबह खाली पेट अजवाइन का पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, इस तरह से करें सेवन -
जब रामानंद सागर ने अरुण गोविल को 'रामायण' के लिए कर दिया था रिजेक्ट, फिर ऐसे मिला भगवान 'राम' का रोल -
Sawan Somwar 2026: कब है सावन का पहला सोमवार? नोट करें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर महसूस होती है थकान? जानिए इसके पीछे की वजह
रात को जगते हैं तो कम खाएं
(आईएएनएस)| अगर आप देर रात जागते हैं तो इस दौरान खाने से दूरी आपकी नींद की कमी से पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकता है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। रात के समय कम खाने से आपकी एकाग्रता और सर्तकता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बाहर का खाना है सबसे ज्यादा हानिकारक : कारण
पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के वरिष्ठ लेखक डेविड डिंगेज के अनुसार, "रात के समय जागने वाले वयस्क लगभग 500 कैलोरी की खपत करते हैं।" डिंगेज के अनुसार, "हमारे शोध से पता चला है कि देर रात जगने के बावजूद से खाने से बचने वाले लोग कई समस्याओं से दूर रह सकते हैं जिसमें तनाव प्रमुख है।"

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान 44 प्रतिभागियों को लिया जिनकी उम्र 21 से 50 साल के बीच की थी। उन्हें दिन में बहुत सारा खाना और पानी आदि दिया गया। साथ ही इस दौरान उन्हें तीन रातों में केवल चार घंटे ही सोने दिया गया।
चौथी रात को 20 प्रतिभागियों को खाना और पानी देना जारी रखा गया जबकि बाकी लोगों को रात 10 बजे के बाद केवल पानी पीने की अनुमति दी गई। साथ ही इन सभी सुबह चार बजे सोने की अनुमति दी गई।
शोध के अनुसार देर रात उपवास रखने वाले प्रतिभागी ज्यादा स्वस्थ्य और तरोताजा नजर आए। वहीं, देर रात खाते रहने वाले सुस्त रहे और उनकी एकाग्रता पर भी नाकारात्मक असर पड़ा।
इस शोध के नतीजे अमेरिका में छह से 10 जून तक आयोजित की जाने वाली एसोसिएटेड प्रोफेशनल स्लीप सोसाइटी की 29वीं वार्षिक बैठक के स्लीप-2015 में प्रस्तुत किया जाना है।
इंडो एशियन-न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications