Latest Updates
-
मानसून में खुजली और फंगल इंफेक्शन से बचना है? अपना लें डॉक्टर मनीषा के बताए 3 आसान आयुर्वेदिक उपाय -
अजवाइन और काला नमक का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 बीमारियां, जानें पीने का सही तरीका -
38 हजार की नौकरी छोड़ खोली चाय की टपरी, अब हर महीने कर रहा लाखों की कमाई, वायरल हो रही शख्स की कहानी -
खाना खाते समय पानी पीना सही है या गलत? जानिए इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है -
Bhadli Navami 2026: कब है भड़ली नवमी, जिस दिन बिना मुहूर्त किए जाते हैं शुभ कार्य? जानिए तिथि और धार्मिक महत्व -
Fifa World Cup 2026 ट्रॉफी में लगभग 5 किलो सोना, विजेता स्पेन की प्राइज मनी उड़ा देगी आपके होश -
सुबह खाली पेट अजवाइन का पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, इस तरह से करें सेवन -
जब रामानंद सागर ने अरुण गोविल को 'रामायण' के लिए कर दिया था रिजेक्ट, फिर ऐसे मिला भगवान 'राम' का रोल -
Sawan Somwar 2026: कब है सावन का पहला सोमवार? नोट करें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर महसूस होती है थकान? जानिए इसके पीछे की वजह
रोजों में ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल
(आईएएनएस/आईपीएन)। रमजान के मुकद्दस महीने में रोजे रखने वालों को सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है। डायबिटीज और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को चिकित्सक रोजे रखने से मना कर रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में मरीजों को लगातार कुछ खाने और पानी की जरूरत पड़ती है।
ऐसे में रोजे रखने से दिक्कत बढ़ेगी। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल का कहना है कि डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को रोजे नहीं रखने चाहिए। शरीर में शुगर का स्तर बढ़ने और घटने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

उन्होंने कहा कि डायबिटीज के मरीजों को बीच-बीच में कुछ न कुछ खाना पड़ता है, लेकिन रोजे के दौरान संभव नहीं हो पाता है। साथ ही दिल के मरीजों को भी काफी सावधान रहने की जरूरत है। उन्हें चिकनी और मसालेदार चीजों से दूर रहना चाहिए।
डायटीशियन रोजी जैदी का भी कहना है कि डायबिटीज और दिल के मरीज रमजान में खास ध्यान रखें। डायबिटीज के मरीज रोजा न रखें तो ही बेहतर।
गर्मी इतनी है कि थोड़ी-थोड़ी देर में गला सूख रहा है। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन तक हो जाता है।
डायटीशियन रोजी जैदी कहती हैं कि रोजे के दौरान ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में पानी की कमी न होने पाए। पानीदार फल और सब्जियों का सेवन अधिक करें। तला, भुना और मसालेदार पकवान कम खाएं।
उन्होंने कहा कि इफ्तारी के बाद एक साथ कुछ भी भारी भोजन न करें, बल्कि कुछ समय के अंतराल पर खाते-पीते रहें। ज्यादा नमक वाले खाने से दूर रहें, वरना प्यास ज्यादा लगेगी।
कम से कम आठ गिलास पानी जरूर पीएं। रोजे के दौरान भी प्रोटीन के लिए मांस, मछली व सब्जी का सेवन करें।
सहरी का खानपान : पानी, सूप, सलाद, ओट्स, ब्रेड, अंकुरित दालें, दूध, फलों का जूस, पोहा, फल, अंडा, हलवा।
इफ्तारी का खानपान : सलाद, चपाती, एक कटोरी दाल, फल, चावल, आलू, सब्जियों का सूप, अंडा, नॉनवेज (ज्यादा तला व मसालेदार न हो)।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications