मौनसून की छोटी-मोटी बीमारियों से राहत दिलाएंगे ये आयुर्वेदिक नुस्‍खे

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मौनसून जहां सभी को तपती गर्मी से राहत दिलाता है वहीं, यह लोगों को ढेर सारी बीमारियां भी दे कर जाता है। अगर मौनसून में थोड़ी भी सावधानी ना रखी गई तो आपको ढेर सारी बीमारियां अपने लगे लगा लेंगी।

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मौनसून, गर्मी और सर्दी के बीच का मौसम होता है, जिसमें मौसम में तेजी से बदलाव आता है। इसी दौरान ना सिर्फ पेट की बीमारियां और बुखार ही होता है बल्‍कि खतरनाक बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया या निमोनिया होने का भी डर लगा रहता है।

वे लोग जिनका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होता है, उन्‍हें मौनसून की बीमारियां पकड़ लेती हैं। तो ऐसे में जरुरी है कि आप कुछ अपनी सुरक्षा आयुर्वेद के इन नुस्‍खों को उपयोग कर के करें।

7 दिनों तक खाइये कच्‍ची लहसुन और शहद, होंगे ये गजब के फायदे

इन आयुर्वेदिक नुस्‍खों से आप विभिन्न वायरल संक्रमणों से बचे रह सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में :

नीम की पत्‍तियां

नीम की पत्‍तियां

वायरल इंफेक्‍शन को ठीक करने में नीम की पत्‍तियां बडे़ काम आती हैं। 10-12 पत्‍तियों को उबालिये और छान कर पीजिये। इसे दिन में 2-3 बार पीना होगा जिससे आपका इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत बनें।

लहसुन

लहसुन

इसमें एंटीबैक्‍टीरियल गुण होते हैं। 3-4 लहसुन को क्रश कीजिये और कच्‍चा ही खा जाइये। इससे ठंड और बुखार गायब हो जाएगा।

अदरक

अदरक

एक छोटा टुकड़ा अदरक का पानी में उबालिये और उसमें नींबू तथा शहद मिला कर चाय की तरह पी जाइये।

शहद

शहद

शहद में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है। 1 चम्‍मच शहद को नींबू के रस और गुनगुने पानी में डाल कर पीने से कफ और गले के दर्द से छुटकारा मिलेगा।

हल्‍दी

हल्‍दी

गरम पानी में एक छोटा चम्‍मच हल्‍दी मिला कर पीने से आराम मिलता है। इसमें एंटीबैक्‍टीरियल गुण और एंटीवायरल गुण होते हैं।

दालचीनी

दालचीनी

यह सर्दी, जुखाम और गले के दर्द से आराम देती है। आधा चम्‍मच पिसी हुई दालचीनी लें, उसे शहद के साथ मिक्‍स कर के दिन में दो बार खाएं।

चमेली के फूल की पत्‍ती

चमेली के फूल की पत्‍ती

इसमें मौजूद एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीवायरल गुणों के कारण ये सर्दी और जुखाम से राहत दिलाती है। चमेली के फूल की पत्‍तियों तो मसल कर उसका एक चम्‍मच रस निकाल लें, फिर उसमें शहद मिला कर सेवन करें।

तुलसी

तुलसी

इसमें एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो गले की खराश, बुखार और मलेरिया के लिये लाभकारी होती है। 10-15 तुलसी की पत्‍तियों को 1 कप पानी में खौला कर चाय के रूप में पियें, आपको लाभ होगा।

कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल चाय

यह चाय बैक्‍टीरिया और वायरस से लड़ने में सहायक होती है। आपको इसकी चाय फूड मार्केट में आसानी से मिल जाएगी।

ग्रीन टी

ग्रीन टी

सर्दी, बहती नाक या फिर गले का दर्द, यह सभी को गायब कर देगी। इसे दिन में दो या तीन बार पियें, आपको आराम मिल जाएगा।

English summary

10 Ayurvedic Tips To Protect Yourself From Monsoon Maladies

Take up the Ayurvedic way and help protect yourself from various viral infections this monsoon. Boldsky points at 10 effective Ayurvedic tips to protect yourself from the monsoon maladies. Have a look:
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