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बड़ी-बड़ी बीमारियों को छूमंतर करे सिंहपर्णी की जड़ें
सिंहपर्णी की जड़ तथा पत्तियों का प्रयोग मधुमेह, पाइल्स, कब्ज, पथरी, मूत्राशय के रोग और हजारों प्रकार की बीमारी के लिये किया जाता है।
कई सालों से सिंहपर्णी (Dandelion) की जड़ का प्रयोग पूरे विश्व में होता आ रहा है। सिंहपर्णी को भूख न लगना, पेट की ख़राबी, पेट गैस, मधुमेह, पाइल्स, कब्ज, पथरी, जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में दर्द, एक्जिमा और चोट के निशान के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे मूत्र उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रयोग करते हैं।
सिंहपर्णी की जड़ तथा पत्तियों का प्रयोग मधुमेह, पाइल्स, कब्ज, पथरी, मूत्राशय के रोग और हजारों प्रकार की बीमारी के लिये किया जाता है।
सिंहपर्णी में बीटा कैरोटीन, विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और फॉस्फोरस की मात्रा काफी अधिक होती है।

क्या आप जानते हैं कि इसमें पालक से भी ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। तो अगर आपको अपने शरीर को निरोग बनाना है तो इसकी जड़ों का प्रयोग करना शुरु कर दीजिये। आइये जानते हैं सिंहपर्णी की जड़ के क्या-क्या औषधीय गुण हैं।

1. पाचन में सहायता
यह पाचन को बढ़ावा देता है, भूख को उत्तेजित करता है और आंत में मौजूद प्राकृतिक और फायदेमंद बैक्टीरिया में संतुलन बिठाता है। यह पेट में एसिड और पित्त को ज्यादा मात्रा में रिलीज़ करता है जिससे खाना जल्द पचना शुरु हो जाता है।

2. किडनी
यह एक मूत्रवर्धक जड़ी बूटी है जो गुर्दे को बेकार, नमक और अतिरिक्त बेशाब बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही यह मूत्र प्रणाली में माइक्रोबियल विकास को रोकता है।

3. स्वस्थ लीवर के लिये
Dandelion, लीवर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने और उसमें हाइड्रेशन तथा इलेक्ट्रोलाइट के संतुलन में सुधार करता है। यह पित्त को भी बढावा देता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट
सिंहपर्णी का हर हिस्सा, कैंसर एंटीऑक्सीडेंट से भरा हुआ होता है। यह बुढापे को आपके नजदीक आने से रोकता है। साथ ही इसमें विटामिन सी और ए होता है जो कि लीवर के लिये अच्छा होता है।

5. कैंसर से बचाए
सिंहपर्णी, कैंसर की ग्रोथ को धीमा कर देता है और आगे बढने से रोक देता है। इसकी पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट और phytonutrients होते हैं जो कि कैंसर से लड़ने में मददगार होती हैं।

6. मधुमेह
यह ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल को संतुलित करता है।

7. हाई ब्लड प्रशर
इसके सेवन से पेशाब बहुत ज्यादा लगती है जो बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम कर देता है। इसमें मौजूद फाइबर और पोटैशियम भी ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है।

8. कोलेस्ट्रॉल
यह कोलेस्ट्रॉल को कम तथा कंट्रोल कर के रखता है।

9. पित्ताशय
यह पित्त उत्पादन और सूजन को कम कर के पित्ताशय की थैली की समस्याओं तथा ब्लॉकेज को दूर करता है।

10. इम्यूनिटी बढाए
यह प्ररतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है तथा रोगाणुओं तथा फंगस से लड़ने का भी काम करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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