Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
पित्त की पथरी से छुटकारा पाने के प्राकृतिक उपचार
हमारे शरीर में पित्त पथरी के बनने के कई कारण होते हैं। अगर इनका सही से इलाज नहीं किया जाता है तो ये बड़ी मुसीबत का कारण बन जाती है। इनसे छुटकारा पाने के कुछ प्राकृतिक तरीके इस प्रकार है।
गालस्टोन यानि पित्त पथरी, पित्ताशय की थैली या पित्त नली में बनती है जब कुछ कठोर पदार्थ इन जगहों पर एकत्रित हो जाते हैं। गालस्टोन दो प्रकार के होते हैं: कोलेस्ट्रॉल गालस्टोन और पिग्मेंट गालस्टोन।
कोलेस्ट्रॉल गालस्टोन में 80 प्रतिशत स्टोन होता है और यह रंग में पीलापन लिए हुए होता है। पिग्मेंट गालस्टोन का रंग गहरा होता है और यह बिलीरूबिन से मिलकर बना होता है।
Snapdeal Unbox Cash-Free Sale! Get Upto 80% Off on Fashion, Extra 10% With Axis Bank Cards*

महिलाओं में गालस्टोन की समस्या पुरूषों की अपेक्षा ज्यादा होती है। इससे संक्रमण हो सकता है जिसे एंटीबायोटिक की मदद से दूर किया जा सकता है लेकिन प्राकृतिक उपचार, गालस्टोन को हटाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
गालस्टोन से छुटकारा पाने के लिए प्राकृतिक उपचारों का वर्णन करने से पहले, पित्त की पथरी के निर्माण में जोखिम कारकों को समझना जरूरी होता है।

भोजन में संतृप्त कैलोरी और रिफाइंड सुगर और कम फाइबर की वजह से गालस्टोन बन जाता है। कई बार वजन की अधिकता या तेजी से वजन में कमी भी इसके बनने का कारण हो सकता है।

यहां तककि उच्च बीएमआई भी गालस्टोन के निर्माण का कारण हो सकता है। वजन का तेजी से कम होना, कैलोस्ट्रॉल को बाइल यानि पित्त में बदल देता है और इससे स्टोन बनने लगता है।

कुछ विधियां ऐसी होती हैं जिनसे वजन को एकदम से कम कर दिया जाता है जैसे - वजन घटाने की सर्जरी या कम कैलोरी वाली खुराक आदि। ऐसे में भी ये दिक्कत आ जाती है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि अपनी खुराक के साथ एकदम से छेड़छाड़ न करें। थोड़ा सा धीरे-धीरे बदलाव लाएं।

अगर आप एप्पल सिडर यानि सेब का सिरका पी सकते हैं तो बेहतर होगा। वैसे सेब का जूस भी फायदा करता है साथ ही इससे होने वाला दर्द भी कम हो जाता है। सेब का सिरका, शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम कर देता है जो कि लिवर से बनता है।

इसके अलावा, आप सब्जियों का जूस भी पी सकते हैं जिसमें कई सब्जियों को एक साथ काटकर पीस लें और उनका जूस नींबू का रस डालकर पी लें।

अरंडी के तेल को अपने पेट पर मल लें, इससे काफी आराम मिलता है, खासकर उस स्थान पर जहां पथरी हो। सबसे जरूरी यह होता है कि अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाएं। प्राकृतिक पदार्थों का सेवन करें, जंक और फास्ट फूड से दूरी बनाएं। इससे आपको पित्त पथरी में काफी राहत मिलेगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
