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घर की बनी खिचड़ी में होते हैं ये 7 स्वास्थ्य लाभ
खिचड़ी को भला कौन नहीं जानता। यह तो भारत के हर घर में बनाई और बडे़ मन से खाई जाने वाली चीज़ है। जिस दिन कुछ हलका खाने का मन हो, उस दिन खिचड़ी ही खाने में अच्छी लगती है। इसे दाल और चावल को एक साथ उबाल कर बनाया जाता है, फिर इसे घी, अचार, पापड़ और दही के साथ खाया जाता है।
मां के हाथों की बनी हुई खिचड़ी ना केवल स्वादिष्ट ही होती है बल्कि उतनी ही पौष्टिक भी होती है। अगर मूंग दाल की खिचड़ी खाई जाए तो, आपको उसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन के आलावा अच्छी खासी मात्रा में फाइबर, विटामिन सी, कैलशियम, मैगनीशियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम आदि पेाषण मिलेंगे।
तो अगर आप अगली बार खिचड़ी खाएं तो उसके पोषक तत्वों को नज़र अंदाज ना करें। आइये जानते हैं खिचड़ी खाने से हमें क्या क्या पोषण मिलते हैं और वह हमारे पेट के लिये कैसे लाभदाय होती है।

एक आहार में मिलता है सारा पोषण
खिचड़ी में आपको एक ही साथ कार्बोहाड्रेट और प्रोटीन के अलावा सारे जरुरी अमीनो एसिड्स प्राप्त हो जाएंगे। ताजी खिचड़ी को घी के साथ खाने पर उसमें माइक्रो-न्यूट्रियन्ट्स, प्रोटीन और फैट मिलेंगे। इसमें सब्जियां मिला कर आप इसे और भी हेल्दी बना सकती हैं।

ग्लूटन एलर्जी वाले भी इसे खा सकते हैं
वे लोग जिन्हें ग्लूटन एनर्जी है यानी की जिन्हें गेहूं, राई और जौ खाने से एलर्जी हो जाती है, वे लोग इसे बिना डर के खा सकते हैं।

शरीर के दोष को संतुलन करे
खिचड़ी एक ऐसी डिश है जिसे दिन भर में कभी भी खाया जा सकता है। यह शरीर से detoxify कर के तीन दोषों - वात, पित्त और कफ को संतुलित कर देती है।

आराम से पच जाती है
जिन लोगों का हाजमा अक्सर खराब रहता है उनको दही के साथ खिचड़ी खानी चाहिये क्योंकि इससे वह पेट को फायदा होता है। यह छोटे बच्चों और बूढे़ लोगों के लिये बेहद ही पौष्टिक खाना है।

पित्त बढ़ने पर खाइये खिचड़ी
जब पित्त बढ़ जाता है तो खिचड़ी को दही के साथ खाना चाहिये। अगर पाचन तंत्र कमजोर है तो खिचड़ी में थोड़ा नींबू निचोड़ कर खाना चाहिए।

छोटे बच्चों के लिये लाभकारी खिचड़ी
10-11 महीने के बच्चों का मेटाबॉल्जिम बहुत कमजोर होता है तथा उनका पेट खाए गए खाने को ठीक से हजम भी नहीं कर पाता। ऐसे में गीली खिचड़ी उनके लिये अच्छी रहती है।

प्रेगनेंसी में खिचड़ी खाइये
नई मां के पेट में अक्सर खराबी हो जाती है। ऐसे में हल्का फुल्का भोजन ही खाना चाहिए। सबसे उत्तम उपाय खिचड़ी है।



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