किचेन के इन मसालों में है आयुर्वेद की ताकत, इतनी समस्याओं को जड़ से करते है समाप्त

आपको आज हम उन मसालों की बात आज बताएंगें जो आपके किचेन में पाए जाते है। कुछ ऐसे मसाले भी होते है जो आपके खाने में स्वाद डालने के अलावा आपको कई तरह के रोगों से भी आजाद रखते है।

इन मसालों के इस्तेमाल को आयुर्वेद में भी बताया गया है। इनको आप एक औषधि की तरह भी इस्तेमाल कर सकते है। कई रोगों के निवारण के लिए इन मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।

आप जो खाना बनाते है उनमें अगर मसाले ना हो तो आपको वो खाना बिल्कुल फीका और बेरंग नजर आता है। कई लोग ये कहते भी पाए जाते है कि आपके शरीर के लिए ज्यादा मसाला खाना हानिकारक होता है।

लेकिन अगर मसालों का सही से इस्तेमाल किया जाए तो ये आपके लिए वरदान भी बन सकते है। आइए आज इसी विषय में बात करते है कि वो कौन से मसाले है जो आपकी सेहत को दूसरी तरीके से भी लाभ पहुंचा सकते है।

जीरा का इस्तेमाल

जीरा का इस्तेमाल

मताओं का दूध बढ़ जाता है

आपको बता दें कि इसके इस्तेमाल से दूध पिलाने वाली महिलाओं को काफी आराम मिलता है। जिरा व मिश्री समभाग पीसकर 5 ग्राम मिश्रण सुबह-श्याम दूध के साथ लेने से माताएँ के दूध बढ़ जाता है। 3 ग्राम जीरे का पूड गुड के साथ खाने से भी माँ का दूध बढ़ जाता है। इसका इस्तेमाल आपको करना चाहिए।

फोड़े और फुंसियो के लिए

फोड़े और फुंसियो के लिए

आपको अगर स्किन संबंधी समस्याएं है तो आपको बिल्कुल भी घबराने की बात नहीं है। इसके लिए आपको सफेद जिरा ऊबाल के उस पानी से कुछ दिन मुँह धोने से फोड़ो-फंसी, के डाग दूर होते है। हर तरह के चर्म रोगों से आपको आराम दिलाता है।

लिकोरिया से आराम

लिकोरिया से आराम

अगर आपको लिकोरिया की समस्या है तो आपको जीरा को औषधि की तरह इस्तेमाल करके इससे बचना चाहिए। इसके लिए आपके जीरा और मिश्री समभाग पीसकर 2 से 5 ग्राम मिश्रण चावल के पानी के साथ लेने से श्वेतपदर में लाभ होता है। ये असरदार घरेलू उपाय है।

धनिए के बीज

धनिए के बीज

पित्त के रोग में आराम

आपको अगर पित्त संबंधी समस्याए है तो धनिए के बीज का इस्तेमाल करना चाहिए इससे आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी। इसके लिए आपको पित्तजन्य रोगो मे धनिये के बीज सौंफ और आँवला समभाग चूर्ण बनाकर और उसमे उतनी ही मात्रा में मिश्री मिलाकर ये मिश्रण 10 ग्राम एक ग्लास पानी में 6 घंटे भिगोकर रखना और छानकर हर रोज पीने से फायदा होता है। इसको जरूर इस्तेमाल करें।

सिरदर्द और अनिद्रा से आराम

सिरदर्द और अनिद्रा से आराम

अगर आपको सिरदर्द और अनिद्रा से लेकर उल्टी जैसी समस्याएं रहती है तो आपको इसका सेवन करना चाहिए। इसके लिए आपको हरा धनियाँ के रस में शक्कर मिलाकर पीने से अनिद्रा, उलटी और सिरदर्द में लाभ होता है। एक असरदार घरेलू समाधान है।

शौंच से पहले करें सेवन

शौंच से पहले करें सेवन

इसको पेट संबंधी सबसे असरदार माना जाता है। खाने के बाद तुरंत शौच को जाने के आदत है तो 2 ग्राम धनिये के बीज पावडर को लेकर उसमे थोडा काला नमक मिलाकर खाना खाने के बाद लेना लाभ होता है |

सौंफ का सेवन

सौंफ का सेवन

मुंह की समस्याओं से आराम

आपको अगर मुंह से संबंधी समस्याएं है तो आपको इसका सेवन करना चाहिए। ये आपके लिए काफी फायदेमंद है। सौंफ और मिश्री चबा चबाकर खाने से नेत्रज्योति बढती है और पित्त का शमन होता है।

खाना खाने के बाद सौंफ खाने से मुँह के छाले और बदबू खत्म हो जाती

जुलाब में आराम

जुलाब में आराम

आगर आपको जुलाब हो जाता है तो इसके लिए सौंफ बहुत असरदार घरेलू नुस्खा है। इसके लिए आपको आधा चमच सौंठ और 1 चम्मच सौंफ का काढ़ा बनाकर सुबह-श्याम पीने से जुलाब में आराम मिलता है।

पेट साफ करता है

पेट साफ करता है

सौंफ खाने से आपका पेट साफ होता है। इसके लिए आपको 1 चम्मच सौंफ पाउडर रात को पानी के साथ पीने से पेट साफ़ होता है। एक असरदार घरेलू नुस्खा है।

शरबत बनाकर पीने का फायदा

शरबत बनाकर पीने का फायदा

5 ग्राम सौंफ व 5 ग्राम मिश्री पीसकर शरबत बनाके पीने से सिरदर्द में आराम मिलता है। इसका सेवन आपको जरूर करना चाहिए। ये आपके सिर को आराम पहुंचाता है।

Story first published: Thursday, November 23, 2017, 10:30 [IST]
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