सेहत के साथ वफादार हाेती है लाल रंग की सब्जियां

जैसे कि रंग लाल, अक्सर लाल रंग को खूबसूरती से जोड़ कर देखा जाता है, लेकिन यहीं लाल रंग अगर हमारी डाइट में जोड़ दिया जाए तो सेहत को भी तंदरुस्ती के साथ निखार सकता है।

तंदरुस्त रहने के लिए सबसे जरुरी है, कि आप क्या, कैसे और कब खाते है? इसी सवाल का जवाब मिलता है, डाइटिशियन के पास, जो हमें हमारी सेहत और जरुरत के मुताबिक डाइट चार्ट तैयार करके देते हैं।

अमुमन इन सभी डाइट चार्ट में अधिकतर ग्रीन वेजिटेब्लस और फ्रूट्स को जोड़ा जाता है, क्योंकि इनसे हमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं, जो हमारी बॉडी के लिए जरूरी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी डाइट में सिर्फ हरा रंग जोड़ कर बाकि रंग गायब कर दिए जाए।

क्योंकि हर रंग के वेजिटेब्लस और फ्रूट्स का अपना अलग महत्व है। जैसे कि रंग लाल, अक्सर लाल रंग को खूबसूरती से जोड़ कर देखा जाता है, लेकिन यहीं लाल रंग अगर हमारी डाइट में जोड़ दिया जाए तो सेहत को भी तंदरुस्ती के साथ निखार सकता है।

लाल रंग का महत्व क्यों

लाल रंग का महत्व क्यों

असल में प्रकृति में ​सभी चीजों में कुछ खास कण होते है जो उस चीज का रंग और रूप तय करते है। ऐसा ही कण है लाइकोपीन, जो कि असल में कैरोटन का मॉडिफाइड रूप है और यही कण गाजर के रंग को डिसाइड करता है। इसी लाइकोपीन के जरिए ओवरी और र्सवाइकल कैंसर जैसे बड़ी बीमारी से भी लड़ा जा सकता है। इतना ही नहीं, इन लाल रंग कि सब्जियों और फ्रूट्स में कैलोरी की मात्रा भी कम होती है, अमुमन इन सब्जियों में 10 से 50 कैलोरी पाई जाती है।

कुछ खास लाल रंग की सब्जियां और उनके गुण

कुछ खास लाल रंग की सब्जियां और उनके गुण

फाइबर से भरा है बीटरूट :

बीटरूट या चुकंदर, सलाद का सबसे बढ़िया साथी है इससे न सिर्फ सलाद में रंग आता है, ​बल्कि यह हमारे पेट के लिए बहुत अच्छा है। क्योंकि बीटरूट में फाइबर, आईरन और विटामिन सी की मात्रा अच्छी होती है। यही वजह है कि बीटरूट बल्ड काउंट बढ़ता है और एनिमिया की रोकथाम करता है। यहां तक कि बीटरूट्स में कैरो​टिन और मैग्निज जैसे वाइटल न्यूट्रिशियन भी शामिल होते है। जबकि वहीं एक स्टडी कि माने तो इतने गुण होने के बावजूद एनिमिया से पीड़ित एशियन ​महिलाएं अपनी डाइट में बीटरूट को शामिल ही नहीं करती। जबकि बीटरूट को रोस्ट करके, करी के फॉर्म, या फिर सलाद और जूस के रूप में अच्छे से अपनी डाइट में शामिल कर सकते है।

क्च्ची ही खाएं रैड कैबिज

क्च्ची ही खाएं रैड कैबिज

पत्ता गोभी जैसे दिखने वाली रेड कैबिज यह गोभी, असल में पर्पल कलर की होती है। इस कैबिज में भी, बाकि गुणकारी सब्जियों की तरह फाइबर, विटामिन्स और जरुरी पोषक तत्व शामिल होते है। रिच एन्टीआॅक्साइ से भरपुर इस रेड कैबिज के सभी गुणों को अच्छे से कंज्यूम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे कदूकस कर या फिर पतला पतला काट कर कच्चा ही खाया जाए।

गुणों का भंडार है लाल टमाटर

गुणों का भंडार है लाल टमाटर

सलाद व सब्जियों में सबसे कॉमन और सबसे ज्यादा काम में लिया जाने वाला टमाटर, विटामिन सी और पोटाशियम के गुणों का भंडार है। आप चाहें तो टमाटर को सलाद के साथ हलके से आॅलीव आइल में टोस्ट करके भी खा सकते है, क्योंकि ऐसा करने से टमाटर के सभी गुण आपकी बॉडी में आसानी से जाएंगे।

 रैडिश ​में मिलेंगे मिनरल्स

रैडिश ​में मिलेंगे मिनरल्स

भारत में सर्दियों में लगभग सभी घरों में रैडिश यानी मूली अहम हिस्सा होती है। हालांकि इस टेस्ट हल्का सा तीखा होता है, लेकिन इसमे विटामिन सी और पॉटाशियम जैसे मिनरल्स बहुत अच्छी संख्या में होते है।

 सुपर फूड है रेड बैलपेपर

सुपर फूड है रेड बैलपेपर

स्वाद में मिर्ची से कम तीखी होने के वजह से अ​धिकतर डाइट में शामिल होने वाली बैलपेपर यानि कि शिमला मिर्च असल में सुपर फूड की कैटगिरी में शामिल है। क्योंकि इनमें एंटीआॅक्सीडेन्ट और कैंसर से लड़ने वाले गुण बहुताय में पाए जाते है। इतना ही नहीं विटामिन सी, बीटा कैरोटिन, बीटा क्राइपोथिन जैसे कण लंग कैंसर से लड़ने में सक्षम है। इसलिए हो सके तो इस सुपरफूट को और ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में ​शामिल करें।

इम्युनिटी बढ़ता लाल प्याज

इम्युनिटी बढ़ता लाल प्याज

किसी भी स​ब्जी का बेस्ट फ्रेंड कहे जाना वाल लाल प्याज, सब्जियों का टेस्ट बढ़ाने के साथ ही हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद है। लाल प्याज में पाए जाने वाले ऑर्गोसुलर और फाइटोकेमिकल इम्युनिटी को बढ़ावा देने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। पोषण और डाइटिशयन एकडमी की माने तो, लाल प्याज भी एलिल सल्फाइड से भरपुर है, जो कि कैंसर और दिल की बीमारी जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है।

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