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फोर्टिफाइड फूड क्या है और क्यों हर उम्र के लोगों को इसका सेवन करना चाहिए?
शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाने पर हम कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। अक्सर जो भोजन हम खाते हैं उससे शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाता है।
यह एक बड़ी समस्या है जिसका सामना लगभग हर मां करती है क्योंकि शुरू में बच्चे आसानी से खाना नहीं खाते हैं और उन्हें जो खाना पसंद होता है उससे उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाता है।
से यह सिर्फ बच्चों की ही बात नहीं है, यह समस्या वयस्कों और बुजुर्गों के साथ भी है। जब शरीर को जरूरी पोषण और सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं मिल पाता है तो यह कई बड़ी बीमारियों जैसे एनेमिया, दृष्टि और हड्डियां कमजोर होना, लगातार फ्रैक्चर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की भी चपेट में आ जाता है।
शरीर को सही मात्रा में जरूरी पोषक तत्व प्रदान करने में फोर्टिफाइड फूड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फूड फोर्टिफिकेशन क्या है?
फूड फोर्टिफिकेशन में मुख्य रूप से विटामिन और मिनरल जैसे आयरन, आयोडीन, जिंक, विटामिन ए और डी और प्रमुख भोजन जैसे चावल, गेहूं, तेल, दूध और नमक शामिल है जो न्यूट्रिशन को बढ़ाता है। ये पोषक तत्व फूड प्रोसेसिंग के दौरान उसमें से नष्ट भी हो सकते हैं।

फूड फोर्टिफिकेशन की आवश्यकता क्यों होती है?
आंकड़े बताते हैं कि भारत में सबसे अधिक सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से लोग जूझ रहे हैं। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) के अनुसार 6 से 59 महीने के 58.4 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी पायी गई है जबकि 53.1 प्रतिशत महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान खून की कमी पायी जाती है। इसके अलावा 5 वर्ष से कम आयु के 35.7 प्रतिशत बच्चे कम वजन और खून की कमी की समस्या है।

बच्चे का विकास
हाल ही में हैदराबाद में हील फाउंडेशन द्वारा आयोजित नेशनल हेल्थ राइटर्स एंड एडिटर्स कन्वेंशन में फूड फोर्टिफिकेशन रिसोर्स सेंटर, एफएसएसएआई की प्रिंसिपल लीड, स्मिता मानकद ने बताया कि बच्चे की सही शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

जरूरी भोजन
बच्चे के गर्भ में आने के बाद से ही महिलाओं को अपने भोजन में पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। बच्चे के जीवन के शुरूआती 1000 दिनों में माता को पोषक तत्व लेना जरूरी है।

इनकी है जरूरत
मनुष्य के शरीर को इन पोषक तत्वों की कम मात्रा में जरूरत पड़ती है लेकिन शरीर को सही तरीके से कार्य करने के लिए ये पोषक तत्व रोजाना लेना जरूरी है। इसलिए इन पोषक तत्वों को जरूर

मंहगे होते है सप्लीमेंट
पोषक तत्वों के सप्लिमेंट्स चूंकि काफी महंगे होते हैं इसलिए सभी लोग इन सप्लिमेंट्स को नहीं खरीद पाते हैं। ऐसे में फूड फोर्टिफाइड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वे बताती हैं कि कुल जरूरी पोषक तत्वों का 20 से 30 प्रतिशत पूर्ति फूड फोर्टिफिकेशन से की जाती है।

ऐसे पहचाने
फोर्टिफाइड फूड के पैकेट्स पर प्लस एफ का सिंबल बना होता है जिससे आप इसकी पहचान कर सकते हैं। वर्तमान में एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) पांच स्टेपल फूड- गेहूं का आटा, चावल, खाद्य तेल, नमक और दूध का मानक तय करता है। हालांकि अन्य कंपनियों ने भी अपने अपने मानक निर्धारित किए हुए हैं।



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