फेस्टिव सीजन में चटर-पटर खाने से हो गया फूड प्वाइजनिंग, घर बैठे करें इलाज

फेस्टिव सीजन में अक्सर लोग चतर-पटर खा लेते है, जिसका नतीजा होता हैं एसिडिटी और फूड प्वाइजनिंग। काफी तेल मसाला और चिकनाई खाने के वजह से अकसर फेस्टिवल के बाद ऐसा होता हैं। फूड प्वाइजनिंग दूषित या खराब फ़ूड खाने से होती है। फूड प्वाइजनिंग में बैक्टीरिया, विषाक्त पदार्थ या केमिकल्स दूषित भोजन या पानी खाने या पीने के कारण होने वाली बीमारी है।

Food Poisoning

फूड प्वाइजनिंग में दस्त, उल्टी, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं होने लगती है। हैवी भोजन, स्ट्रीट फूज और ज्यादा मसालेदार भोजन फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकता है। वैसे तो यह कोई गंभीर बीमारी नहीं लेकिन फिर भी इससे राहत पाने के लिए आप दवाइयां ले लेते हैं। मगर कुछ आसान से घरेलू नुस्खे अपनाकर आप इस प्रॉब्लम को दूर कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे नुस्खे बताएंगे, जिससे आपको फूड प्वाइजनिंग से राहत मिल जाएगी।

फूड प्वाइजनिंग के मुख्य लक्षणों में शामिल है

फूड प्वाइजनिंग के मुख्य लक्षणों में शामिल है

  • दस्त तीन दिनों से अधिक समय तक रहें तो समझ जाएं कि ये फूड प्वाइजनिंग हैं।
  • 101.5 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक बुखार होने के साथ ही अगर साथ उल्टी आने पर फूड प्वाइजनिंग हो सकती हैं।
  • शरीर में कमज़ोरी के साथ-साथ जब आँखों से धुंधला दिखे या बोलने में कठिनाई महसूस हो।
  • जब अचानक से मुंह सूखने लगे और होंठ फटने लगें।
  • बार-बार पेशाब आने लगे और पेशाब का रंग पीला हो या फिर मूत्र में खून का आना।
  • फूड प्वाइजनिंग के घरेलू उपचार

    फूड प्वाइजनिंग के घरेलू उपचार

    • पीएं नींबू का रस
    • जब फूड प्वाइजनिंग की समस्या होती है तब शरीर से पानी उल्टी और दस्त के रूप में बाहर निकल जाता है। ऐसे में आप एक गिलास पानी में आधा कटा हुआ नींबू का रस और थोड़ा-सा शहद मिलाकर पीएं। दिन में 3 बार या इससे ज्यादा इस पानी का सेवन करने से फूड प्वाइजनिंग से राहत मिलती हैं।
    •  सेब के सिरके का इस्तेमाल

      सेब के सिरके का इस्तेमाल

      एक गिलास में गर्म पानी में 2 चम्मच सेब का घ्सिरका डालकर पीएं। इसे आप दिन में कम से कम 2 बार जरूर करें। सेब के सिरके में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो शरीर से दूषित बैक्टीरिया को समाप्त करते हैं।

      तुलसी की चाय

      तुलसी की चाय

      आयुर्वेदक औषधि तुलसी फूड प्वाइजनिंग में एक कारगर घरेलू उपचार है। फूड प्वाइजनिंग को दूर करने के लिए आप तुलसी के पत्तों से उसका रस निकालें। इसमें 1 चम्मच शहद में डालकर इसका सेवन कर लें। आप पानी में तुलसी के रस अलावा अगर आप तुलसी से बनी चाय या कोर्इ व्‍यंजन खा लें तो आपका पेट खराब बैक्‍टीरिया से मुक्ति पा सकता है।

      अदरक

      अदरक

      थोड़ा सा अदरक लेकर पीस लें और इसे एक गिलास पानी से डालकर गर्म कर लें। जब यह पानी तेज गर्म हो जाए तो इसे अलग रख दें और चाय की तरह इस पानी को धीरे-धीरे पीते रहें। कुछ ही समय में आपको इसके रिजल्ट देखने को मिल जाएंगे। आप चाहें तो अदरक के जूस में एक चम्मच शहद को मिला लें और इसे पीते रहें। इससे आपको जल्द ही फूड प्वाइजनिंग से राहत मिलेगी

      दही

      दही

      दही एक एंटीबायोटिक है जो कि डाइट में जरुर लेना चाहिये। इससे फूड प्‍वाइजनिंग जल्‍द ठीक होती है। दिन में कम से कम एक कटोरी दही जरूर खाएं।

      मेथी के दाने का पानी

      मेथी के दाने का पानी

      फूड प्वाइजनिंग से राहत पाने के लिए 1 चम्मच मेथी दाने को ताजे मठ्ठे में मिलाकर पीएं। दिन में कम से कम 2 बार इसका सेवन आपकी इस प्रॉब्लम को दूर कर देगा।

      काली चाय का करें सेवन

      काली चाय का करें सेवन

      इस समस्या को दूर करने के लिए काली चाय का सेवन भी बहुत फायदेमंद होता है। दिन में 2 बार काली चाय का सेवन करें। आपको फूड प्वाइजनिंग से राहत मिल जाएगी। इसके अलावा पानी को आप जितना पी सकते हैं उतना पीएं।

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